
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने की सरकारी कंपनी है, जिसका नाम इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) है। 26 मई 2026 को केंद्र सरकार ने इसे 121 करोड़ रुपए में मेसर्स स्काईमैप फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया है। IMPCL कर्मचारी संघ अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत कहते हैं कि 145 करोड़ रुपए नेटवर्थ वाली सरकारी कंपनी को मात्र 121 करोड़ रुपए में निजी हाथों में बेच दिया गया। यह सीधे तौर पर खुला घोटाला है। IMPCL की स्थापना वन विभाग की 40 एकड़ जमीन पर 12 जुलाई 1978 को हुई थी। इसके पास 1200 तरह की औषधियां बनाने का लाइसेंस था और वर्तमान में 575 तरह की आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनाकर देश के केंद्रीय अस्पतालों, रिसर्च संस्थानों और राज्य अस्पतालों को सप्लाई की जा रही थी।





























