Howrah TMC के बुजुर्ग नेता Shyamal Mitra को आज BJP के गुंडों पीट दिया।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री एवं ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों को #बंगाल में हो रही हिंसा क्यों नहीं नजर आती?
@narendramodi@HMOIndia
हावड़ा में बीजेपी के गुंडों द्वारा टीएमसी नेता श्यामलाल मित्रा के साथ की गई बर्बर मारपीट लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
लेकिन विडंबना देखिए - देश का तथाकथित “मुख्यधारा” मीडिया इस सच को दिखाने से कतराता है। सत्ता की चाटुकारिता में इतना डूब चुका है कि उसे न हिंसा दिखाई देती है, न अन्याय। अभी वे चुनावी जीत के जश्न में मशगूल हैं और नरेंद्र मोदी व भाजपा को बधाइयाँ देने में व्यस्त हैं।
जब मीडिया सत्ता का पहरेदार बनने के बजाय उसका प्रवक्ता बन जाए, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। यह सिर्फ एक घटना नहीं है - यह उस खामोशी का प्रमाण है, जो सच के खिलाफ खड़ी कर दी गई है।
वर्तमान में तो इस योजना से अधिकतर अस्पतालों में इलाज ही नहीं मिल रहा और एक आधै में इलाज मिल रहा है तो वहां कर्मचारी को इस तरीके से देखा जाता है जैसे वह कोई चोर है और फ्री में इलाज करवा रहा है 🙌🙏
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
सवाल सिर्फ एक का नहीं है… ये सिलसिला बढ़ता जा रहा है...
बिहार के किशनगंज (ठाकुरगंज) के रहने वाले "मौलाना तौसीफ रज़ा मजहरी साहब" की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है और रेलवे इसको महज एक हादसा बताता है।
और यह एक पहली घटना नहीं है...
हाल ही में एक और मौलाना के साथ भी ट्रेन में इसी तरह की बदसलूकी और मारपीट की घटना सामने आई थी...
फर्क बस इतना था कि वो ज़िंदा बच गए… लेकिन उनके साथ जो हुआ, वो भी कम डरावना नहीं था।
दोनों घटनाएं एक ही बात की तरफ इशारा करती हैं...
ट्रेन में सफर अब सुरक्षित नहीं रह गया???
अगर आप ट्रेन में (मुस्लिम) सफ़र करते है तो अपने सुरक्षा का इंतजाम करके चलिए नहीं तो समाज में बहुत से ब्रेन डेड जॉम्बी घूम रहे है,उन 🐷 का अंदर का शैतान दाढ़ी टोपी वालों को देखते ही बाहर आ जाता है तो ऐसे 🐷 से बचने के लिए खासा इंतजाम करके चले ताकि वक्त आने पर आप अपनी आत्मरक्षा कर सके।
ये सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं, ये पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।
आज आवाज़ उठाओगे तो कल हालात बदल सकते हैं,
वरना ये खामोशी ही सबसे बड़ा खतरा बन जाएगी क्योंकि खामोशी कुफ्र है और जो खामोशी से आंख नहीं मिला पाता है वो कही का नहीं रह जाता है।
तो बोलना सीखिए और अपने आप को पहचानिए।
एक और मौलाना शिकार होते होते बचे, चल क्या रहा है देश में क्या कानून पूरी तरह से फेल है…
भाजपा ने देश को बांट दिया हिंदू मुस्लिम दोनों को बर्बाद कर दिया…
हर महीने कर्मचारियों के खाते से इस हिस्से की राशि दी जाती है तो इसमें कर्मचारियों की ऐसी कौन सी गलती है जो उनको खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, वैसे भी कर्मचारियों को इलाज के दौरान इस तरीके से देखा जाता है जैसे वह कोई मुफ्त में इलाज ले रहे है....
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
अभी मात्र 30 मिनट हुए हैं और देश में टॉप फाइव में चल रहा है,,,, सभी से निवेदन है कि लगातार लिखते रहें, पूरे विश्व में नंबर एक पर आना चाहिए क्योंकि यह पीड़ा है उन कर्मचारियों की जिनके साथ गलत कर रहे हैं अस्पताल वाले 💔💔🙌🙌
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
जो योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए " रामबाण और सुरक्षा कवच" का कार्य करती है उस योजना में अनियमितता अच्छी बात नहीं है..!!
सरकार से हाथ जोड़कर विनती 🙏
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
वेतन से कटौती भी हो रही है और इलाज भी नहीं मिल रहा। यह अन्याय अब खत्म होना चाहिए।
आज रात 8:00 राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में 🙌✌️
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
@JATbera1@Dadarwal7@ShivRajJat_@AslamChopdar11
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
हर महीने कर्मचारियों के वेतन से कटौती फिर इलाज क्यों नहीं ?
ये नाइंसाफी बंद हो ,सरकार को तुरंत संज्ञान लेकर कर्मचारियों के इलाज का हक उपलब्ध करवाना चाहिए ।
@officialRGHS@BhajanlalBjp
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
दो हफ़्तों से ज़्यादा हो गए…और प्रदेश की RGHS योजना जैसे सांसें गिन रही हो।
ना इलाज मिल रहा है,
ना दवाइयाँ,
ना जाँच की कोई उम्मीद…
बुज़ुर्ग पेंशनधारी, जिनकी उम्र अब आराम की होनी चाहिए थी, दर-दर भटक रहे हैं।
विधवा महिलाएँ, जिनके सहारे का वादा किया गया था, आज असहाय खड़ी हैं।
सरकारी कर्मचारी और RGHS कार्डधारी…जिन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया गया था, आज “बैरंग लिफाफा” बनकर रह गए हैं।
निजी अस्पतालों के दरवाज़े पर खड़े ये लोग जब अपनी मजबूरी बताते हैं,
तो जवाब मिलता है “पहले पैसे जमा कराइए…”
और उस एक वाक्य में टूट जाती है उनकी उम्मीद, उनका भरोसा।
विपक्ष ट्वीट कर अपना फ़र्ज़ निभा चुका है…
और सत्ता में बैठे लोग जैसे खामोशी को ही समाधान मान बैठे हैं।
पर सवाल अब भी वहीं खड़ा है…
क्या इन लोगों की तकलीफ़ किसी की प्राथमिकता है भी या नहीं?
बस एक विनम्र, मगर बेहद कड़वा निवेदन…
अगर इलाज, दवा और सुविधा देने की क्षमता नहीं है,
तो कम से कम हर महीने RGHS के नाम पर कटौती करना बंद कर दीजिए…
ताकि ये लोग इस भ्रम में तो ना जिएं
कि कोई है…जो उनके बुरे वक्त में उनका सहारा बनेगा।
@BhajanlalBjp@officialRGHS