मातृशक्ति तो हम हैँ,
दुनिया के पूर्वज हम थे,
हमारे ऋषि मुनि, राम कृष्ण दुनिया के पूर्वज थे,
ये इजराइल के यहूदी कब से हमारे पूर्वज और फादर लैंड हो गए,
संसद में @ShuklaRajiv
दारोगा जी का काम भी कितना मुश्किल है… पहले फाइल आती है, फिर “लिफाफा” आता है… और फिर इंसाफ अपने आप “सेटल” हो जाता है 😏
Akhilesh Yadav जी ने सही ही कहा था — “हथेली गर्म, पुलिस नरम”
आगरा का ये वीडियो बता रहा है कि सिस्टम में अब भी “प्रोसेस” पूरी ईमानदारी से फॉलो हो रहा है… बस तरीका थोड़ा कैशलेस नहीं हुआ अभी तक 💸
नीले ड्रम की धमकी से यह भाई इतना डर गया कि अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के हवाले कर दिया।
खबर यूपी के बुलंदशहर से है,
राजकुमार की पत्नी की दोस्ती सोशल मीडिया पर एक युवक से हुई, दोस्ती धीरे धीरे प्यार में बदल गई।
राजकुमार ने उसके फोन में आपत्तिजनक फोटो भी देखा, राजकुमार ने अपने पत्नी से उस युवक से दूरी बनाने की बात कही।
लेकिन वह नहीं मानी और राजकुमार को नीले ड्रम में भरने की धमकी देने लगी थी।
अब भाजपा सरकार कहेगी कि ये भी अफ़वाह है कि अस्पताल में मरीजों का खाना बनने तक के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहा है। दरअसल भाजपा की मानसिकता ही बीमार है, उससे अस्पताल के मरीजों का ख़्याल रखने की उम्मीद करना बेकार है।
अब तो ऐसा लग रहा है कि उप्र ‘शासन-शून्य’ हो गया है और सत्ता के शीर्ष पर अराजकता विराजमान है।
निंदनीय!
#अस्पताल_उप्र
क्या आपने कभी ऐसे रेगिस्तान के बारे में सुना है जिसमें रेत से ज़्यादा पानी हो? लेकिन ये वास्तविकता में है।
📍लेनकिस मारानहेन्सेस नेशनल पार्क, ब्राज़ील 🇧🇷
आज मैंने Dhurandhar The Revenge देखी, मैं अपने कई दोस्तों के साथ फर्स्ट शो ही देखने गया।
पहली वाली Dhurandhar देखी तो सच में दूसरा पार्ट देखने की काफ़ी एक्साइटमेंट थी, मगर
इस फ़िल्म को देखकर कुछ अलग ही लगा। यह फ़िल्म फ़िल्म लगी ही नहीं।
एक इतनी बेहतरीन फ़िल्म का दूसरा पार्ट इस तरह का देखकर के बहुत बुरा लगा।
मैं क्या क्या बताऊँ, ऐसा लगा कि मानो पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फ़िल्म को अलग ही रंग दे दिया गया है।
इजरायली हवाई हमले में ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र परिसर के भीतर स्थित एक इमारत को निशाना बनाया गया,
जो रिएक्टर से लगभग 350 मीटर की दूरी पर थी। रिएक्टर को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही विकिरण रिसाव हुआ और न ही कोई हताहत हुआ।
IAEA ने हमले की पुष्टि की और चेतावनी दी कि यह परमाणु सुरक्षा की "सबसे कठोर सीमा" को पार करने का जोखिम है,
जबकि रूस ने एक सक्रिय रिएक्टर और परिसर में मौजूद कर्मियों के इतने करीब होने के कारण इसे "गैरजिम्मेदाराना" बताते हुए इसकी निंदा की।
आज जब भारतीय समाज गहरी असमानताओं, सामाजिक विभाजनों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बढ़ते दबाव के दौर से गुजर रहा है, तब इन प्रश्नों को समझना और उन पर गंभीर संवाद करना बेहद आवश्यक हो गया है। मेरी किताब #जाति_जनगणना केवल आंकड़ों की बहस नहीं है, बल्कि यह समाज की संरचना, अवसरों के बंटवारे और न्याय के प्रश्नों को केंद्र में लाती है। यह पुस्तक पाठकों को इस बुनियादी सच से रूबरू कराती है कि ठोस सामाजिक आंकड़ों के बिना न बराबरी संभव है, न ही सच्चा लोकतंत्र।
प्रख्यात सामाजिक-राजनीतिक विचारक और जनांदोलनों की सशक्त आवाज़ @_YogendraYadav लंबे समय से लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनभागीदारी के प्रश्नों पर सक्रिय रहे हैं। समाज के हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को केंद्र में लाने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें इस विषय पर एक बेहद प्रासंगिक और प्रभावशाली वक्ता बनाती है।
मेरी किताब पर योगेन्द्र यादव जी को अवश्य सुनिए और समझिए कि जाति जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज को अधिक न्यायपूर्ण, समान और लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम कैसे बन सकती है।
फिल्मों में हीरो का सिगरेट पीना एंटरटेनमेंट नहीं,
एक साइलेंट एड है—
जहाँ नशे को “कूल” दिखाकर युवाओं के दिमाग में ज़हर बोया जाता है
और पीछे से कंपनियाँ अपनी कमाई का खेल खेलती रहती हैं।
#Dhurandhar2