भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है।
एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं।
आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना किसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए।
डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था ।
महाराष्ट्रात भाजपचे गोबर पट्टीचा वोट जिहाद सारखा भिकारचोट अजेंडा आणि राजकारण चालत नाही हे हिंदी पट्टीचा लोकांनी गाठ बांधून ठेवा. महाराष्ट्रधर्म आणि त्याची अस्मिता हा इतरांपासून वेगळा आहे ह्याचे भान राहिले पाहिजे. जय महाराष्ट्र.
नरेंद्र मोदी जी के राज में न किसान सुरक्षित हैं, न मजदूर सुरक्षित हैं, न मेरी बहनें सुरक्षित हैं, न उद्योग सुरक्षित हैं, फिर कौन सुरक्षित है?
सब जानते हैं कि इनके राज में एक ही व्यक्ति सेफ है- अडानी जी। बाकी जनता के लिए सिर्फ खोखले नारे हैं।
जब स्वर्गीय जागरनाथ चाचा हमें छोड़कर चले गए, तो उनकी जिम्मेदारी संभालने के लिए बेबी देवी जी ने कदम बढ़ाया। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद, उन्होंने कम समय में ही मंईयां सम्मान योजना को साकार कर राज्य की लाखों महिलाओं को सम्मान दिलाने का अभूतपूर्व काम किया।
घर और समाज, दोनों को संभालने वाली हमारी अभिभावक बेबी देवी जी ने यह साबित कर दिया कि जब महिला घर से बाहर निकलती है, तो इतिहास बनाती है। उनके इन कार्यों के लिए हम सभी उनके सदा आभारी हैं।
इस बार की लड़ाई केवल चुनावी नहीं, बल्कि स्वर्गीय जगरनाथ महतो चाचा को सच्ची श्रद्धांजलि देने की है।
हम सब मिलकर बेबी देवी जी को भारी मतों से विजयी बनाएं और झारखण्ड की तरक्की को नई दिशा दें।**
डुमरी विधानसभा में महिला शक्ति की जीत ही असल झारखण्ड की जीत होगी🙏
मणिपुर जल रहा है, मगर प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी आजतक वहां नहीं गए।
भाजपा को सिर्फ समाज को तोड़ने की राजनीति करनी आती है, जोड़ने की नहीं।
📍 गिरिडीह विधानसभा
जब इंदिरा गाँधी जी ने 14 बड़े बैंकों का Nationalisation किया था तो महाराष्ट्र से इस कदम को सबसे जोरदार समर्थन वसंतदादा पाटील जी ने दिया था।
इसे सामाजिक न्याय के लिए एक मजबूत कदम कहा था। ऐसा नहीं होता तो बैंकों के दरवाज़े कभी भी गरीबों और कमज़ोर तबकों के लिए नहीं खुलते।
हम समानता की बात करते है, तो आर्थिक समानता, सामाजिक समानता, राज्यों के विकास की समानता और अवसर की समानता इसमें शामिल है। लेकिन इन सबको मोदी जी ने सिर्फ़ तबाह करने का काम किया है।
📍सांगली, महाराष्ट्र