
झारखंड के आदिवासी बूंद बूंद पानी को मोहताज... झारखंड के साहेबगंज जिले के बरहेट प्रखंड अंतर्गत छोटा पंचकोली गांव में आज भी स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं पहुंच सकी है। आदिवासियों का यह गांव वर्षों से झरने के पानी पर निर्भर है, लेकिन अब वही जलस्रोत गंदा होकर नाले जैसा बन चुका है। मजबूरी में ग्रामीण उसी पानी का इस्तेमाल पीने और खाना बनाने के लिए कर रहे हैं। गांव के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र में भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण बच्चों, शिक्षकों और महिलाओं को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है पानी की कमी के कमी के कारण शौचालय भी बंद पड़े हैं, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। आखिर कब इन ग्रामीणों को शुद्ध जल उपलब्ध कराई जाएगी आखिर कब तक इन गरीब आदिवासियों को इसी प्रकार संघर्ष करना होगा.... ग्रामीणों का कहना है कि जल मीनार आधे में लटका हुआ है चापाकल का काम भी पूरा नहीं किया गया और जो चापाकल है वह सूख चुके हैं.. जिस कारण ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल पा रही जिस वजह से गांव की स्थिति वर्षों से ऐसी ही बनी हुई है... @HemantSorenJMM @YogendraGomia @JmmJharkhand @yourBabulal @BJP4Jharkhand @dc_sahibganj


















