NSUI इधर है 🔥
गोदी मीडिया किधर है !!!
तेलंगाना में @nsui का विशाल मार्च 🔥
भाई @VinodJakharIN ने ठान लिया है NEET Paper Leak का हिसाब और धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा ले कर रहेंगे 👊🏻
बंगाल में गाय को बचाने की बात कह कर चुटिया बना रहे राजस्थान में पहले गाय को बचा लो।
ये नेहरू जी और राहुल गांधी नहीं सुधरेंगे नेहरू जी इस्तीफ़ा दे देना चाहिए आपसे सरकार संभल नहीं रही।
इलाहाबाद में भी अब पानी की किल्लत हो रही है।
इलाहाबाद में हीट वेव अलर्ट चल रहा है और हजारों लोग पानी लेने के लिए तरस रहे हैं।
बाकी आम आदमी के बेसिक मुद्दों पर बात करने के लिए कोई मीडिया हाउस रह ही नहीं गया है, मजे की बात यह है कि यह रिपोर्ट ANI ने शेयर किया है
अर्पित शर्मा: मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो करो।
अभिजीत डिपके: मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो करो।
ध्रुव राठी: मेरा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करो।
वहीं दूसरी तरफ़, असली कांग्रेसी 50°C की गर्मी में NTA ऑफिस के बाहर भारत के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
#आगरा के छलेसर में एक बहुत बड़ा संरक्षित जंगल था । वो इतना घना था कि छात्र जीवन मे हम लोगो का एक कैम्प लगा तो सुरक्षा के लिए पुलिस लगी थी ।
उस क्षेत्र में पहुचते ही टेम्परेचर 2/3 डिग्री कम हो जाता था और वो जंगल आगरा के लिए ऑक्सीजन का बड़ा स्रोत था ।
पर पिछले कुछ सालों में अज्ञात कारणों से पूरा जंगल धीरे धीरे काट कर तरह तरह की इमारते बन गयी है ।
ऐसा क्यों हुआ क्या कोई जांच हो सकती है ?
अब सुना है
की
उसके आगे एत्मादपुर में नया जंगल लगाया जाना है जो न जाने कितने वर्षों में जंगल की परिभाषा पर खरा उतरने लायक हो पायेगा ।
फिर वही सवाल उठता है
की
अगर आगरा को जंगल की जरूरत है ही
तो
पुराना जंगल काट क्यो दिया गया
और काटने क्यो दिया गया ?
जवाब कौन देगा ?
आगरा को कुछ मिलता नही है और जी उसके पास है वो स्वार्थी ताकते छीन लेती है ।
क्या इसपर कोई फैसलाकुन जांच होकर कार्यवाही होगी ?
#कमिश्नर_आगरा
#डीएम_आगरा
#सिचाई_विभाग
#दैनिक_जागरण
#हिंदुस्तान
#अमरउजाला
#मैं_भी_सोचूँ_तू_भी_सोच
2017 में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम मंत्री थे
उनकी बिटिया का विदेश का 70,000 रुपए का telephone bill Petronet नाम की सरकारी कंपनी ने भरा था
मंत्रियों के बच्चों के फ़ोन बिल सरकार चुकाएगी, आपके बच्चों के डाक्टर बनने के सपनों को तोड़ा जाएगा
इन लोगों की सरकार चाहिये?
सिंगापुर में प्रधानमंत्री और उसके मंत्रियों की सैलरी देश की GDP पर निर्भर करती है,
यानी देश की GDP में इजाफा हुआ तो सबकी सैलरी बढ़ जाती है,
और GDP घटी तो सबकी सैलरी कम कर दी जाती है,
भारत में तो सब सांसद, विधायक जब मन करता है,
अपनी सैलरी बढ़वा लेते हैँ,
भले ही देश की अर्थव्यवस्था का लवणेन भोज्यम हो रखा हो,
परफॉरमेंस तो इन लोगों की पूछो ही मत,
भारत की जनता नेताओं की मौज मस्ती के लिए टैक्स भरती है,
एक बात याद रखियेगा।
तेल का संकट, रुपये का गिरना, बैलेंस ऑफ पेमेन्ट क्राइसिस, महंगाई, मुद्रास्फीति, इन्वेस्टमेंट गिरावट, मार्किट क्रेश, बेरोजगारी, डिसरप्शन, औऱ तमाम स्थाई आर्थिक गिरावट का नजला झेलते समय, अपने आगे के जीवन मे याद रखियेगा, और अपने बच्चो को बताइयेगा..
कि सस्ता तेल तो बाजार भरपूर था।
बस, उसे खरीदने में हमारी फट रही थी।
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इतिहास दर्ज करेगा, कि यह तेल नही, डरपोक लीडरशिप से का पैदा हुआ क्राइसिस था।
दुनिया के सबसे गर्म शहरों में 25 शहर उत्तर प्रदेश के है ।
तब सवाल उठता है कि
वो जो रिकॉर्ड बनाया जाता रहा है कभी 25 करोड़ पेड़ एक दिन में लगाने का तो कभी 35 करोड़ पेड़ एक दिन में लगाने का
वो करोड़ो पेड़ कहा है ?
ये क्या सनक है ( चाहे जिसकी भी सरकार रही हो ) कि एक दिन में इतने करोड़ पेड़ लगाए जाएंगे ।
ये करोड़ो पेड़ मानसून के 2/3 महीने भर में क्यो नही लगाए जा सकते थे ?
उनको पानी देने और उनकी सुरक्षा के लिए क्या हुआ ?
किस चीज के पेड़ लगाये गए थे ।
जितने एक्सप्रेस वे और सड़के है उनके पूरे किनारे पर नीम ,पाकड़ इत्यादि जैसे पेड़ क्यो नही लगा दिए गए ।
सड़क की गर्मी भी कम करते और अच्छे भी लगते ?
या सिर्फ धोखा ?
हर साल कितने पेड़ काटे जा रहे है , कितने तालाब और कुएं खत्म कर दिए गए है क्या उनकी भी समीक्षा होती है और उनके लिए कुछ होता है या सिर्फ कागज के आंकड़ों में मौसम गुलाबी है ?
#मैं_भी_सोचूँ_तू_भी_सोच
फिर कह रहा हूँ कि सड़क के आंदोलन ही बदलाव लायेंगे, सोशल मीडिया की नौटंकी नहीं।
IYC का यह आंदोलन जो मीडिया कवर नहीं कर रही है, उसे Cockroach Media कहा जाना चाहिए।
अपने कुत्ते को घुमाने के लिए पूरा Stadium खाली करवाने वाले IAS संजीव खैरवार !
को तो शायद आप सब लोग भूल गए हो पर याद दिलवा दूं अब बही IAS संजीव खैरवार !
पूरे DELHI MCD के COMMISSIONER नियुक्त कर दिए गए है !
ये बही IAS है जो 2021 में सिर्फ अपने कुत्तों को घुमाने के लिए !
तैयारी करवाने वाले ATHLETES को टाइम से पहले ही घर भेज दिया जाता था !
अब इनको दिल्ली में MCD कमिश्नर बना दिया गया है !
#UPSCPRe2026
#दुर्लभ_दर्शन_संत_के
“अगर मेरा आँख नहीं खुलता और मेरी बेटी को उठा ले जाता तो हम घर किस मुँह से जाते!”
ये शब्द एक पिता के हैं।होटल के कमरे से उनके सामने उनकी बेटी को अगवा करने की कोशिश हुई वो भी पटना में!
जातिय द्वेष फैलाने वाले CM बतायेंगे,अपराधी का मन कैसे इतना बढ़ा हुआ है?
A 35 yr experienced CA told me tht the biggest beneficiary of Modi govt is not Adani/Ambani. They still can face adversity on change of the govt
The Real beneficiaries are the Bureaucrats. He Estimates that most of the revenue dept senior officers r now worth more thn 500 crores
बेगूसराय से एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए पटना में साथ लाया,रात को ठहरने के लिए एक होटल में कमरा बुक किया,जब रात को कमरे में बेटी सो रही थी और पिता भी तो एक अंजान शख्स कमरे में घुसकर बेटी को उठाकर ले जाने की कोशिश करता है,उसी बीच पिता उठा और हल्ला किया तो वो शख्स भाग निकला...लेकिन सोचिए पटना में होटल में रात में रूकना कितना भयावह है,अब उस बच्ची और पिता का क्या होगा ? ये भी हो सकता है कि पटना पुलिस इस मामले पर पर्दा डालकर कोई दूसरी कहानी न बना दे,अगर पुलिस-प्रशासन राजधानी पटना को भयमुक्त बनाना चाहती है तो तुरंत इस होटल पर बुलडोजर चलाकर इसे मिट्टी में मिला देना चाहिए!
@bihar_police@PatnaPolice24x7