
अभी तो सब चंगा सी वाला हिसाब चल रहा पर आज से बीस पच्चीस साल बाद ये वाली मोदी सरकार अजूबे के रूप में याद की जायेगी जहां सड़क मंत्री पेट्रोलियम और इथेनॉल की बात करता है, पेट्रोलियम मंत्री विदेश सेवा की बातों में ज़्यादा रुचि लेता है। वित्त मंत्री को प्रधानमंत्री के बताने के बाद पता चलता है कि देश पर कोई वित्तीय संकट है। जिस मंत्री के सरंक्षण में नीट परीक्षा लीक घोटाले हुए हों, वही फिर से अपनी देख रेख में परीक्षा करवाने का सुपात्र पाया जाता हो। और उस शिक्षा मंत्री को सीबीएसई की दसवीं बारहवीं की पुनर्परीक्षा में हो रही कमियों का पता ही न हो। टेक्सटाइल मंत्री को अपने विभाग के काम से ज्यादा औवैसी को हिंदू बनाने में रुचि हो और देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील के अगले ही दिन प्रधानमंत्री सौ से अधिक गाड़ियों के साथ रोड शो कर रहे हों। वाकई इतिहास में ये एक यादगार सरकार के तौर पर लिखी जायेगी।







