बिहार के जिला किशनगंज में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के प्रवेश परीक्षा केंद्र को पुनः स्थापित कराने हेतु माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चंद्र शेखर आजाद जी ने माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी को पत्र लिखा।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर मेरे द्वारा 27 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई थी। इसके उपरांत, लोकसभा में मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न पर 2 अप्रैल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री @mlkhattar जी ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति के बिना प्रीपेड मोड लागू नहीं किया जा सकता है तथा प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक हैं।
इस संबंध में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद, केंद्र के निर्देशों को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश में सम्मानित जनता को गुमराह कर, भय का माहौल बनाकर तथा पुलिस की मौजूदगी में जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जब जनता इस अन्यायपूर्ण कृत्य का विरोध करती है, तो उस पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
मेरा सवाल है कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, प्रदेश की सम्मानित जनता इसे किसी डील की मजबूरी क्यों करार दे रही है? इससे सरकार की विश्वसनीयता और इकबाल पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि सम्मानित जनता पर लगाए गए ये फर्जी मुकदमे शीघ्र वापस नहीं लिए जाते हैं, तो भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरे प्रदेश में व्यापक जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।
जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित होने के संबंध में महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त महोदय,भारत सरकार को पत्र लिखा।
@CensusIndia2027#CensusofIndia#Census2027
#जनगणना
#जनगणना2027
कटनी (म.प्र.) में पिछले 13 दिनों से रोके गए बिहार के 167 मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र |
48 घंटे सरकार का, फिर सड़कें नीला हम कर देंगे बिहार का| @AzadSamajParty@BhimArmyChief
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों , ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर अरवल में|
#AmbedkarJayanti
#राष्ट्रीय_पर्व #राष्ट्रीय_समानता_दिवस
#संविधान_निर्माता_दिवस
#AmbedkarJayanti2026#BabasahebAmbedkar #जयभीम
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि और आप सभी को हार्दिक बधाई व मंगलकामनाएं।
#AmbedkarJayanti
#राष्ट्रीय_पर्व #राष्ट्रीय_समानता_दिवस
#संविधान_निर्माता_दिवस
#AmbedkarJayanti2026#BabasahebAmbedkar #जयभीम
उन्नाव जिले के नवाबगंज क्षेत्र के रसूलपुर गांव में कथावाचक अवधेश कुमार लोधी के साथ हुई बर्बरतापूर्ण मारपीट, लूटपाट और जातिसूचक अपमान की घटना अत्यंत शर्मनाक और दण्डनीय है।
कथावाचक को कथा (जो 30 मार्च से 6 अप्रैल तक चली) के नाम पर बुलाकर, मेहनताना देने के बहाने लखनऊ ले जाकर मारपीट करना, लूटपाट करना और जबरन शराब पिलाने का प्रयास करना।यह एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र है। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि उन्हें लोधी होने के कारण भद्दी-भद्दी गालियां देकर अपमानित किया गया।
यह घटना उस गहरे जातंकवाद का प्रतीक है, जो आज भी समाज में जिंदा है। जब किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपमानित कर उसके पेशे और सम्मान को चुनौती दी जाती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार अभी भी जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाए हैं। यह उसी पुरानी भेदभावपूर्ण सोच का विस्तार है, जो बहुजन, पिछड़े और वंचित समाज को बराबरी का हक देने से कतराती है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित द्वारा सोहरामऊ थाने में तहरीर देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
@UPGovt से हमारी मांगें: पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले, सुरक्षा प्रदान की जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, संबंधित थाना पुलिस की भूमिका की जांच कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
इंसान में इंसानियत नहीं रही , झूठे आरोप में एक मासूम दलित पासवान समाज की 9 वर्षीय बच्ची को बेरहमी से मार पीट कर गर्म छोलनी से जला दिया । भीम आर्मी इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी । मामला जिला - लखीसराय ,थाना - पीरी बाजार का है| @ASP4Bihar_
उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर आईएएस अधिकारी दलित समाज के मंत्रियों के साथ प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर एक दलित आईएएस अधिकारी उपेक्षा के चलते इस्तीफा देने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक और सवालों से भरी है।
रिंकू सिंह राही, जो दलित समाज से आते हैं, उनका इस्तीफा किसी एक अधिकारी का व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है; एक ऐसा अधिकारी जिसने 2009 में भ्रष्टाचार उजागर किया, जानलेवा हमले में 7 गोलियां खाईं, फिर भी सिस्टम के भीतर रहकर जनसेवा करना चाहता रहा। आज वही यह कहने को मजबूर है कि उसे काम ही नहीं दिया जा रहा और इसी उपेक्षा के कारण उसे इस्तीफा देना पड़ा।
अभी तीन दिन पहले ही कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण जी को मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया गया, लेकिन 45 मिनट तक इंतजार कराया गया और अंत में बिना कार्यक्रम के लौटना पड़ा।
वहीं, पिछले साल भूतपूर्व राज्यपाल और वर्तमान कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य जी द्वारा अपने गृह जनपद आगरा में बुलाई गई किसानों की बैठक में अधिकारी पहुंचे ही नहीं, जिससे उन्हें बैठक स्थगित करनी पड़ी।
यह विरोधाभास केवल संयोग नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर मौजूद गंभीर असंतुलन और सवालों की ओर इशारा करता है।
बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में बीते 26 मार्च को बाजार से घर लौट रही एक विवाहिता महिला को अकेला पाकर घेरना, उसके साथ जबरन छेड़खानी करना और इस घिनौनी हरकत का वीडियो बनाना-अपराधियों के बुलंद हौसलों का परिणाम है, जो न केवल इंसानियत को शर्मसार करती है बल्कि एनडीए के “जंगलराज” का भी प्रमाण है।
@officecmbihar अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित किया जाए।
उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी के थाना जामों क्षेत्र के ग्राम बंधवा मजरे रेसी में जातंकवादी द्वारा जानवर चराने गए दलित युवक चन्द्रशेखर सरोज से बेवजह गला दबाकर बेरहमी से मारपीट करने और इतना ही नहीं, उसी रात करीब 1:40 बजे पीड़ित परिवार के घर में आग लगाने, जिससे उनका छप्पर पूरी तरह जलकर राख हो गया। परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना अत्यंत पीड़ादायक और दण्डनीय है।
जातंकवादी के हौसले इतने बुलंद थे कि नशे की हालत में आए दिन जान से मारने की धमकी देता था।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह घटना केवल एक परिवार पर हमला नहीं, बल्कि आपके राज में समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि-आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए, आगजनी से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
@CMOfficeUP
अहमदाबाद में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का पल है।
इस जीत के साथ भारत ने टी20 विश्व कप का लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपनी ताकत और टीम भावना का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कुल मिलाकर यह भारत की तीसरी टी20 विश्व कप जीत है।
भारतीय खिलाड़ियों ने साहस, अनुशासन और अद्भुत टीम भावना का प्रदर्शन करते हुए दिखा दिया कि जब देश के लिए खेलने का जज़्बा होता है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
आज की यह जीत करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, उम्मीदों और विश्वास की जीत है। भारत की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे देश को गर्व है।
पूरी भारतीय टीम, कोचिंग स्टाफ और सभी क्रिकेट प्रेमियों को इस गौरवशाली जीत की बहुत-बहुत बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
#T20WorldCup2026#TeamIndia#BackToBackChampions#HistoricWin#BleedBlue
माननीय सांसद, राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief जी से प्रभावित होकर
The Republican Party of India (RPI) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार रजक जी ने @AzadSamajParty की सदस्यता ग्रहण की|
उत्तर प्रदेश में पटरी दुकानदारों और नगर निगम के प्रवर्तन दल के बीच उत्पन्न हालात चिंताजनक हैं। हिंसा और अभद्रता किसी भी पक्ष से स्वीकार्य नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई और विरोध-दोनों संवैधानिक मर्यादाओं में होने चाहिए।
देश में रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों की आजीविका की सुरक्षा के लिए पथ विक्रेताओं (आजीविका का संरक्षण एवं पथ विक्रय का विनियमन) अधिनियम, 2014 लागू है। साथ ही “प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना” के तहत 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक का कार्यशील पूंजी ऋण दिया जाता है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, स्वनिधि योजना में जितनी राशि मिलती है, उसमें किसी शॉपिंग मॉल में दुकान लेना संभव नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि नगर निकाय वैकल्पिक वेंडिंग जोन, किफायती दुकानें और संरक्षित बाजार स्थल उपलब्ध कराएँ, ताकि गरीब पटरी दुकानदार सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय कर सकें।
कानून और गरीब की रोजी-रोटी, दोनों की समान रूप से रक्षा होना ही सुशासन की सच्ची पहचान है।
@UPGovt@CMOfficeUP
देश में बेटियों की शिक्षा और सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़े अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक हैं।
Ministry of Education के UDISE+ 2024-25 के अनुसार पूरे भारत में 50,000 से अधिक स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध नहीं है, जबकि लगभग 70,000 स्कूलों में शौचालय या तो अनुपलब्ध हैं या कार्यशील नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां लगभग 7,000 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय नहीं है और लगभग 11–12 हजार स्कूलों में शौचालय कार्यशील नहीं हैं।
स्थिति केवल यहीं तक सीमित नहीं है। अन्य राज्यों के आंकड़े भी बेहद गंभीर तस्वीर प्रस्तुत करते हैं-
छत्तीसगढ़ में 5,000 से अधिक स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं हैं, जबकि 8,000 से अधिक विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है।
जम्मू-कश्मीर में 1,321 सरकारी स्कूलों में शौचालय नहीं है।
उत्तराखंड में 141 विद्यालयों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं है।
राजस्थान में 14,000 से अधिक स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध नहीं है।
मध्य प्रदेश में 14,072 स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं हैं, जिनमें लगभग 10,000 स्कूल पूरी तरह शौचालय विहीन हैं।
ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि लाखों बेटियों की गरिमा, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर प्रश्न हैं। जब विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कैसे रुकेगी? मूत्र संक्रमण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कैसे कम होगा? और “बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे ज़मीन पर कैसे सफल होंगे?
हम @mygovindia और संबंधित राज्य सरकारों से मांग करते हैं कि मिशन मोड में सभी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग एवं कार्यशील शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
बेटियों की शिक्षा पर केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस और सम्मानजनक बुनियादी व्यवस्था आवश्यक है। यही सच्चे अर्थों में विकास और समानता की पहचान है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष, गंभीर चिंता और वैश्विक अस्थिरता का विषय है। इस संवेदनशील परिस्थिति में वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
हम @MEAIndia से मांग करते हैं कि तत्काल प्रभाव से 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय की जाए, दूतावासों के माध्यम से व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित निकासी (Evacuation) की स्पष्ट व ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।
@mygovindia@narendramodi@PMOIndia@DrSJaishankar#Iran#USIsraelTension#MiddleEastConflict