
लेखपाल भर्ती परीक्षा के पेपर आउट की बात खुलकर मीडिया को बताने वाले एकमात्र अभ्यर्थी 👇 गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इण्टर कॉलेज में परीक्षा देने वाले एक साथी से मेरी सीधी बात हुई जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे पेपर आउट होने की बात पक्की है और सेंटर के अंदर क्या-क्या हुआ. उन्ही के कमरे में ही पेपर का पैकेट पहले से खुला हुआ था।लखनऊ Full story: "हम लोग परीक्षा हॉल में बैठे थे, परीक्षा ड्यूटी में तैनात परीक्षक आया और 2 छात्रों से उस कागजात पर हस्ताक्षर ले लिया जिनपर तब हस्ताक्षर लिया जाता है जब sealed paper & omr देखकर बच्चे सुनिश्चित कर लेते हैं कि पेपर/omr के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं किया गया है। पेपर आने से पहले ही हस्ताक्षर ले लिया गया और लापरवाही में छात्रों ने हस्ताक्षर कर भी दिया बिना ये सोचे कि कुछ गड़बड़ हो सकता है। पेपर आया तो कक्ष निरीक्षक ने पैकेट का ऊपरी फटा हुआ हिस्सा पकड़कर छुपाते हुए छात्रों को दिखाया। कुछ छात्रों ने देख लिया कि फटे हुए हिस्से से पेपर का कुछ भाग दिख रहा है। कक्ष निरीक्षक आनाकानी करने लगा और छात्रों को बहकाने की कोशिश की। पर अपनी मेहनत पर पानी फिरता हुआ देख छात्र उग्र हुए और कमरे से बाहर निकल आये। अन्य कमरों के छात्र इस बात को न जान पाएं इसलिए सभी अन्य कमरों को अचानक से अंदर से बंद कर लिया गया । फिर ये लोग दौड़ते हुए पुलिस वालों के पास बताने गए तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला जिसके बाद इन लोगों ने कॉलेज से बाहर जाकर मीडिया से बात करने की कोशिश की, लेकिन इन लोगों को रोकने के लिए कॉलेज के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया गया (मेन गेट के अंदर एक और गेट था)। एक गेट का ताला तोड़कर किसी तरह ये लोग मेन गेट तक पहुँचे लेकिन उस गेट का ताला काफी बड़ा था जिससे टूट नहीं पाया । इन लोगों ने चिल्ला-चिल्लाकर गेट और दीवाल की दरारों से बाहर खड़े लोगों और मीडिया को बताने की कोशिश की। इतनी देर में भारी पुलिस फोर्स बुलाई जा चुकी थी। कुछ समय बाद परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराने के लिए नियुक्त सभी मुख्य अधिकारी कॉलेज पर आ गए और छात्रों को शांत कराया। cctv फुटेज देखने के बाद अधिकारी खुद स्तब्ध हो गए क्योंकि फुटेज का शुरुआती कुछ हिस्सा गायब था। इतना होने के बाद इन छात्रों को डराने-धमकाने का काम शुरू हुआ। बोला गया कि अब जो भी बोलेगा उसके खिलाफ कार्यवाही करके भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा कुछ कर नहीं पाओगे । बिना कुछ बोले परीक्षा दो और बाहर भी बिना कुछ बोले अपने-अपने घर चले जाओ वरना मारे भी जाओगे और FIR भी होगा।" इसके आगे परीक्षा छूटने के बाद पुलिस वाले चारों तरफ से घेरकर ऑटो में बैठने तक इन लोगों के आगे-पीछे डराते हुए चलते रहे ताकि मीडिया वालों से कोई बात न बता दे कि अंदर क्या हुआ। Lekhpal exam ka paper out hona kisi student ko normal lag raha ho aur wo is bare me baat nahi karna chahta ho to wo apne aur ane wali pidhi ki padhai ko mitti me milane ka kaam karega, kyoki is baar ye safal ho gaye to har baar yahi hoga. Akhir paper ka packet pahle se khula hona, students se paper dikhane se pahle hi sign karana, cctv ka delete hona, muh band rakhne ke liye dhamki dena, ye sab normal nahi h. Ab sirf re exam hona chahiye aur jo log paper out karane me shamil the sabke khilaf itni kathor karyvahi honi chahiye ki bhavishya me koi paper out karne se pahle 1 lakh baar soche.

























