Rahmtullah Khan

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Editor @News_TimesToday | former Sr Correspondent- Samachar Plus | Earlier - India News, News India 24x7, Zee News, Dainik Navajyoti | Tweets are personal.

Jaipur, India Katılım Şubat 2013
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
देश में लोकसभा और विधानसभा के परिसीमन का खाका तैयार! राजस्थान में लोकसभा की करीब 10 सीटें और विधानसभा की 66 सीटें बढ़ने की संभावना। ऐसे में राजस्थान में लोकसभा की कुल 35 सीटें और विधानसभा की कुल 266 सीटें हो जाएंगी। वहीं पूरे देश में लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर करीब 750 सीटें होने की संभावना। यानी पूरे देश में लोकसभा की 207 सीटें बढ़ सकती है। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
कांग्रेस में हड़कंप, मानेसर प्रकरण के बाद की इनसाइड स्टोरी: ऐसे हुई गहलोत के खिलाफ साजिश, सचिन पायलट को राहुल गाँधी निष्कासित कर रहे थे लेकिन अहमद पटेल ने रोका था। INDIA NEWS के वरिष्ठ पत्रकार अजीत मैंदोला की कलम से - जयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चार साल बाद जो बोले है, उससे कांग्रेस की राजनीति गरमा गई है। पार्टी के भीतर आम चर्चा शुरू हो गई है कि अब राहुल गांधी को सच्चाई का पता लगाना चाहिए। उसके बाद ही राजस्थान और दूसरे राज्यों के फैसले करने चाहिए। इसका कारण यह बड़ा सवाल है कि आखिर वह साजिशकर्ता कौन है, जिसने अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनने से रोका। यही नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के दौरान विवाद किसने करवाया था। प्रियंका गांधी ने उस समय खुद अध्यक्ष पद पर दावेदारी ठोक दी थी। फिर सोनिया गांधी ने उन्हें जैसे-तैसे मनाया। इसके चलते परिवार में खींचतान की खबरें बाहर आई थीं। इसका असर यह हुआ कि पार्टी को राजस्थान और केंद्र दोनों जगह बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। पार्टी कमजोर होती चली गई। भाजपा जो चाहती थी, वह हो गया, क्योंकि गांधी परिवार के सबसे बड़े संकट मोचक गहलोत को पार्टी से दूर कर दिया। इन्हीं संकट मोचक गहलोत ने मई 2022 में उदयपुर में संकल्प सम्मेलन करवा कर पूरी कांग्रेस को संदेश दिया था कि राहुल गांधी ही कांग्रेस के नेता हैं और उनके ही आदेश सब को मानने पड़ेंगे। इस सम्मेलन के बाद असंतुष्ट गुट खत्म हो गया था। सोनिया गांधी भी जानती थी गहलोत ने असंतुष्ट गुट को शांत करने के लिए सम्मेलन बुलाया था। इसके बाद भी 25 सितंबर 2022 को उनके खिलाफ ही बड़ी साजिश रच कर उन पर तमाम आरोप लगा दिए गए। गहलोत पर ही बगावत के आरोप कुछ लोगों ने इस तरह का प्रचार कर दिया कि गहलोत ने विधायकों से बगावत करवा दी। बिना सच जाने ऐसा माहौल बना दिया कि गहलोत सीएम की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहते थे, जबकि सच्चाई इसके विपरीत थी। इस साजिश ने कांग्रेस को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाया। पार्टी 2023 में राजस्थान जैसे राज्य का अहम चुनाव हार गई। उस समय उन सब घटनाओं के मुख्य केंद्र बिंदु में सचिन पायलट ही थे, क्योंकि सचिन पायलट ने चुनाव से कुछ समय पूर्व अपनी सरकार के खिलाफ यात्रा निकाल माहौल फिर बिगाड़ा था। उस समय प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन के निष्कासन की सिफारिश की थी, लेकिन फिर उसी लॉबी ने जिसने अध्यक्ष के चुनाव के समय साजिश की थी, उसने ही निष्कासन रुकवा दिया। मध्य प्रदेश के एक बड़े नेता ने सचिन को पार्टी से बाहर होने से बचाया था। सचिन ने अपनी ही सरकार गिराने की कोशिश की थी इससे पूर्व 2020 में सचिन पायलट ने उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष होते हुए खुद अपनी सरकार गिराने की कोशिश की थी। किसी भी राजनीतिक दल के इतिहास में यह ऐसा पहला मामला था, जिसमें मुखिया ने ही विरोधी दल भाजपा से हाथ मिला अपनी सरकार गिराने में कोई कमी नहीं रखी। इस घटना के बाद पार्टी के सर्वोच्च नेता राहुल गांधी ने सचिन पायलट को पार्टी से बाहर करने का मन बना  लिया था, लेकिन तब  अह‌मद पटेल ने उनके निष्कासन को रोका था। इतने बड़े धोखे के बाद भी दो साल में ऐसा क्या हुआ कि गांधी परिवार ने अचानक यू टर्न लेते हुए सचिन पायलट को सीएम योग्य मान लिया। पार्टी के साथ खड़े रहने वाले 90 विधायकों की मर्जी जाने बिना  उनका नेता बनाने का फैसला कर लिया। ये वे विधायक थे, जिन्होंने करोड़ों रुपये का ऑफर ठुकरा पार्टी और अपनी सरकार को बचाने के लिए सचिन के खिलाफ सब कुछ दांव पर लगा दिया था। गांधी परिवार ने सचिन को सीएम बनाने का फैसला उस समय किया, जब सब कुछ तय रणनीति के हिसाब से चल रहा था। अगस्त 2022 में अशोक गहलोत के नेतृत्व में चला आंदोलन: अगस्त 2022 में राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को लेकर दिल्ली में अशोक गह‌लोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन चलाया। गहलोत ने दूसरे साथ खुद भी गिरफ्तारी दी थी। तब वह राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। इसके बाद 4 सितंबर 2022 की रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले सब कुछ तय हो गया था कि अशोक गहलोत पार्टी के अगले अध्यक्ष होंगे। उन्होंने अपनी स्वीकृति भी दे दी थी। कांग्रेस ने भी घोषणा कर दी थी। पार्टी में बड़ा उत्साह था। महंगाई के खिलाफ 4 सितंबर 2022 की रैली में राहुल गांधी मुख्य वक्ता थे, लेकिन अगले अध्यक्ष के रूप में गहलोत को महत्व दिया गया था। उसी दिन शाम को जोधपुर हाउस में देशभर के कांग्रेसी नेताओं ने गहलोत को बधाई दी। फिर यूं बदले  हालात: 7 सितम्बर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा शुरू कराने के बाद गहलोत जयपुर लौट आए। इससे पहले 27 अगस्त 2022 को इटली में सोनिया गांधी की मां का निधन हो गया। पूरा गांधी परिवार इटली चला गया। केवल राहुल गांधी 4 सितंबर की रैली के चलते वापस लौट आए। सोनिया गांधी और उनकी बेटी प्रियंका गांधी सितंबर दूसरे सप्ताह में भारत वापस आए।उनकी वापसी के वाद ही अचानक कांग्रेस की राजनीति में बड़ा यू टर्न आया। राहुल गांधी यात्रा में व्यस्त थे, तभी 11 सितंबर के बाद  राजस्थान में खबरें  चलने लगीं कि सचिन पायलट अगले सीएम होंगे। सचिन के समर्थक प्रचार में जुट जश्न  की तैयारी में लग गए और राजस्थान कांग्रेस सकते में आ गई। सरकार बचाने वाले विधायक अपने को ठगा महसूस करने लगे। सब के अंदर यह बात घर कर गई कि अब उनसे राजनीतिक बदला लिया जाएगा। वो लोग ताकतवर हो जाएंगे, जिन्होंने पार्टी तोड़ने की कोशिश की। उसके बद‌ले में पार्टी तोड़ने वाले विधायकों ने भाजपा से 10 से 20 करोड़ रुपये लिए थे। गहलोत खुले आम कह चुके थे कि दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर पर करोड़ों की लेनदेन हुआ था। एक अनुमान है कि 250 करोड़ से ज्यादा पैसा दिया गया, क्योंकि 27 विधायक लाने का ठेका हुआ था। सरकार की सजगता से 17 ही विधायक मानेसर पहुंचे और खेल बिगड़ गया। ऐसे में सरकार बचाने वाले विधायकों को लगा कि जिन्होंने पार्टी के साथ धोखा किया उन्हें कमान दी जा रही है। यह फैसला हैरानी वाला इसलिए था कि गांधी परिवार अपने भरोसेमंद जिस गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनाने जा रहा था, उससे कोई चर्चा ही नहीं की गई। इससे यही संदेश गया कि कोई बहुत बड़ी साजिश हो गई है। गहलोत को अध्यक्ष बनने से रोकने की  साजिश: साजिश यही थी कि गहलोत को अध्यक्ष बनने से रोका जाए। पार्टी का बड़ा धड़ा और राजनीति के जानकार भी मानते हैं कि गहलोत अगर अध्यक्ष बन गए होते तो राहुल गांधी को बड़ी ताकत मिलती और पार्टी मजबूत होती, लेकिन जिसने भी षड्यंत्र किया उसने एक तीर से कई निशाने साधे। इस षड्यंत्र  में पार्टी का कोई नेता शामिल था, जिसने भाजपा की ‘मर्जी की कर दी। यह व्यक्ति परिवार से था या कोई अन्य, यह जांच का विषय है। गहलोत ने केवल अपनी पीड़ा व्यक्त कीः गहलोत ने अपनी पीड़ा व्यक्त कर जिस तरह से सचिन पायलट को निशाने पर लिया, उससे यह तो साफ हो गया कि पार्टी में बड़ा संकट आने वाला है। गांधी परिवार को राजस्थान का फैसला करने से पूर्व 2022 में घटे पूरे घटनाक्रम की जांच करानी चाहिए और प्रदेश के मौजूदा नेताओं से एक-एक कर सच का पता लगाना चाहिए। पूरे देश में राजस्थान ही एक मात्र ऐसा राज्य है जहां पर कुछ उम्मीद है। अगर यह राज्य भी हाथ से निकल गया तो यह भी उत्तर प्रदेश बन जाएगा @RahulGandhi @ashokgehlot51 @kharge @Pawankhera @rajivarorajpr
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम ज्यादा चर्चाओं में है। #राजस्थान ???
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
...... और तो @AadeshRawal जी मामला हाईकमान में ही गोल मोल घूम रहा है, हाईकमान क्या चाहती है @AcharyaPramodk जी का बयान सुन लीजिए। लेकिन पायलट जी को मानेसर की सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए। बार बार बात 25 सितंबर की सामने आती है उस वक्त सरकार बचाने वाले सभी विधायकों ने कहा था उनमें से किसी को सीएम बना सकते है। लेकिन बगावत करने वाले स्वीकार नहीं है।
Aadesh Rawal@AadeshRawal

सिद्दारमैया ने दूसरी पीढ़ी के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी,दिग्विजय सिंह ने युवाओं के लिए राज्य सभा की सीट छोड़ और ________________

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AICC से जुड़े सूत्रों के अनुसार - राजस्थान से दिल्ली तक उठा सियासी तूफान AICC (राष्ट्रीय कांग्रेस) से जुड़ा है, राजस्थान से इसका संबंध नहीं है।
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एक ट्रिलियन में कितने जीरो होते हैं'..कुछ याद आया! गौरव वल्लभ जब कांग्रेस में थे, तो उन्होंने बीजेपी नेता संबित पात्रा से ये सवाल पूछा था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अब गौरव वल्लभ खुद बीजेपी में हैं। बीजेपी की उम्मीद पर वह राज्यसभा जाने का सपना संजोने लगे थे। झारखंड से राज्यसभा सदस्य बनने के लिए नामांकन पत्र तक खरीद लिया था। लेकिन बीजेपी ने आखिरी क्षणों तक चुप्पी साधे रखी। @GouravVallabh
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गेंद पायलट के पाले में है, उन्हें सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए। @shakeelNBT जी साहब आपने सही लिखा।
Shakeel Akhtar@shakeelNBT

जब तक सचिन पायलट यह नहीं बताएंगे कि वह मानेसर क्यों गए थे वहां क्या हुआ था तब तक अशोक गहलोत इसका फायदा उठाते रहेंगे। सचिन पायलट को हिम्मत करके सारी सच्चाई बता देना चाहिए। गलतियों की माफी मांग लेना चाहिए। अशोक गहलोत ने मांगी थी सोनिया गांधी से और बाहर निकाल कर वहां हम पत्रकारों से स्वीकार किया था। गहलोत ने अपनी पारी खेल ली है पायलट के सामने अभी पूरी राजनीतिक जिंदगी पड़ी है। उन्हें अपने मूर्ख समर्थकों से पीछा छुड़ाना चाहिए। कान के कच्चे होने की बहुत शिकायत है वह दूर करना चाहिए। राजेश पायलट की विरासत बहुत बड़ी है पूरे देश में फैली है। मां रमा पायलट भी अच्छी नेता रही हैं। ये किन लोगों के कहने में आकर छोटी बातों में उलझे रहते हैं इसे सोचना चाहिए। और ट्विटर पर जो यहां उनका समर्थन कर रहे हैं यह सोचकर अनपढ़ों की तरह कमेंट करते हैं उनसे पीछा छुड़ाना चाहिए। ‌ उनके लिए काम कर रहे ट्रोल भाजपा के लिए भी काम करते हैं। 2023 में कांग्रेस के हारने पर उनकी ट्रोल आर्मी बहुत खुश हुई थी।

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जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार पीएचईडी के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट से राहत नहीं मिली हैं। जयपुर महानगर द्वितीय की एसीबी कोर्ट संख्या-2 ने पूर्व आईएएस की जमानत याचिका को खारिज कर दिया हैं। जज राजेश कुमार दड़िया ने अपने आदेश में कहा कि चार्जशीट में लगाए गए आरोपो को देखकर प्रथमदृष्ट्या लगता है कि जिम्मेदार लोकसेवक के पद पर रहते हुए आरोपी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। 'हर घर नल से जल' जैसी योजना में आमजन की भावनाओं और विश्वास के साथ भी खिलवाड़ हुआ।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
भाजपा का सचिन पायलट को इतना समर्थन क्यों?
News Times Today@News_TimesToday

जयपुर। मानेसर प्रकरण को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत द्वारा दिए बयानों के बाद पूरी भाजपा सचिन पायलट के समर्थन में उतर आई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री अर्जुन लाल मेघवाल, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला, राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ सहित कई भाजपा नेता लगातार अशोक गहलोत के खिलाफ और पायलट के समर्थन में बयान दे रहे है। एक राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि अशोक गहलोत से भाजपा को डर है इसलिए बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे है। पायलट की भाजपा से नजदीकियां है। पायलट पर भाजपा से मिलकर तत्कालीन कांग्रेस की सरकार गिराने की कोशिश करने के आरोप भी लगे है। @RahulGandhi @priyankagandhi @kharge @ashokgehlot51 @SachinPilot @GovindDotasra @TikaRamJullyINC @JitendraSAlwar

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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग नहीं होगी। तीन सीटों पर तीन प्रत्याशियों के ही नामांकन प्राप्त हुए हैं। ऐसे में बीजेपी से सतीश पूनिया, अल्का गुर्जर और कांग्रेस से नीरज डांगी का राज्यसभा जाना तय हो गया हैं। तीनों राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाएंगे। नाम वापसी की आखिरी तारीख 11 जून हैं। ऐसे में इसी दिन इनकी जीत की औपचारिक घोषणा भी हो जाएगी। आज नामांकन का आखिरी दिन था। आज बीजेपी की ओर से सतीश पूनिया और अल्का गुर्जर ने नामांकन भरा। सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने राजस्थान के दो बड़े वोट बैंक को मैसेज देने का प्रयास किया है। सतीश पूनिया के जरिए जाट और अलका गुर्जर के जरिए गुर्जर वोटर्स को साधने की रणनीति है। दोनों ही नेता लंबे समय से पार्टी से जुड़े हैं, संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से नीरज डांगी ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस ने सांसद नीरज डांगी को लगातार दूसरी बार प्रत्याशी बनाया है।
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जयपुर। मानेसर प्रकरण को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत द्वारा दिए बयानों के बाद पूरी भाजपा सचिन पायलट के समर्थन में उतर आई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री अर्जुन लाल मेघवाल, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला, राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ सहित कई भाजपा नेता लगातार अशोक गहलोत के खिलाफ और पायलट के समर्थन में बयान दे रहे है। एक राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि अशोक गहलोत से भाजपा को डर है इसलिए बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे है। पायलट की भाजपा से नजदीकियां है। पायलट पर भाजपा से मिलकर तत्कालीन कांग्रेस की सरकार गिराने की कोशिश करने के आरोप भी लगे है। @RahulGandhi @priyankagandhi @kharge @ashokgehlot51 @SachinPilot @GovindDotasra @TikaRamJullyINC @JitendraSAlwar
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*राजस्थान में सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश 28 जून तक*
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News Times Today@News_TimesToday·
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष कौन होंगे?
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
अशोक गहलोत ने X पर बयान जारी कर कहा कि प्रदेश के कृषि विभाग व बीज निगम में करोड़ों रुपये के नकली बीज घूसकांड का ACB द्वारा भंडाफोड़ होना बेहद चिंताजनक है। जो अधिकारी कृषि मंत्री के साथ अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर 'छापेमारी' का नाटक कर रहे थे, वे ही बैकडोर से करोड़ों की वसूली व ब्लैकमेलिंग का सिंडिकेट चला रहे थे। इस पूरे मामले की कड़ियां बहुत ऊपर तक जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं। बिना उच्च स्तरीय संरक्षण के अधिकारियों में इतनी बड़ी उगाही का साहस नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री जी से मांग है कि किसानों के हितों से कुठाराघात करने वाले इस नेक्सस में स्वयं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी तक की भूमिका की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, जिससे सच प्रदेश की जनता के सामने आ सके।
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Rahmtullah Khan@RahmtullahKhan·
INDIA जनबंधन बैठक : प्रमुख निर्णय 1. यह सहमति बनी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनावों की निष्पक्षता पर उठे गंभीर प्रश्नों के संबंध में भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजा जाएगा। यह पत्र शीघ्र ही उन्हें सौंपा जाएगा। 2. लाखों विद्यार्थियों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए, यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाए, क्योंकि उनके कार्यकाल में NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है। 3. वर्तमान गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोज़गारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। 4. यह सहमति बनी कि INDIA जनबंधन के सभी दल प्रत्येक दो माह में बैठक करेंगे। अगली बैठक अगस्त माह में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। 5. मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और प्रतिदिन प्रातःकाल माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को इंटरनेट बंद है। नंदपुरी अंडरपास के नजदीक जयपुर विकास प्राधिकरण ने अतिक्रमण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए 'राइट ऑफ वे' में आ रहे 1 मस्जिद, 2 मंदिर, 1 मजार और 1 सत्संग भवन सहित कुल 5 धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के लिहाज से करीब 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अफवाहों को रोकने के लिए संभागीय आयुक्त के आदेश पर जयपुर उत्तर और पूर्व के दर्जनों थाना क्षेत्रों में रविवार रात 12 से सोमवार रात 12 बजे तक 2G से 5G मोबाइल इंटरनेट, बल्क SMS और सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, फेसबुक, X) सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से बिजली सप्लाई भी काट दी गई है और मीडिया व आम जनता की आवाजाही पर पूरी तरह रोक है। NBT
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INDIA गठबंधन की बैठक
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फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप से तबाही।
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