
बैंकर AKS
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बैंकर AKS
@apritks
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बँका 'आवश्यक सेवा' म्हणून वर्गीकृत असल्यामुळे अशा प्रकारच्या बेजबाबदार वृत्तांकनामुळे सामान्य जनतेमध्ये भीती आणि संभ्रम निर्माण होऊ शकतो. यासंदर्भात स्पष्ट मार्गदर्शक सूचना जारी करण्याची आम्ही @MIB_India यांच्याकडे विनंती करतो. #FakeNewsAlert @zee24taasnews @ashish_jadhao

The wife of banker #SurendraPalSingh has requested @CMOfficeUP @myogiadityanath ji and @agrapolice @adgzoneagra to intervene in the missing case. He was working in @TheOfficialSBI and is missing since 48 hours. Police have denied to file FIR as per info. #FindSurendraPalSingh






The wife of banker #SurendraPalSingh has requested @CMOfficeUP @myogiadityanath ji and @agrapolice @adgzoneagra to intervene in the missing case. He was working in @TheOfficialSBI and is missing since 48 hours. Police have denied to file FIR as per info. #FindSurendraPalSingh

@MoHFW_INDIA @RailMinIndia @PMOIndia Shocked and surprised to see stray dogs inside Northern Railway Central Hospital. Don't have words to express my anguish as it seems patients lives are being further endangered by this irresponsible act of the hospital management.

नमस्कार दोस्तों , ये शर्मनाक घटना उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की है , जहां एक गालीबाज दरोगा जी , जो खुद एक जिम्मेदार पद पर हैं , इंडियन बैंक की एक शाखा में पहुंचते हैं और वहां मौजूद महिला व पुरुष बैंककर्मियों के सामने खुलेआम मां-बहन की गालियों की बौछार कर देते हैं। बैंक में उस समय कई महिला कर्मचारी और महिला ग्राहक भी मौजूद थीं , लेकिन दरोगा जी को न तो वर्दी की शर्म रही और न ही महिलाओं की गरिमा का ख्याल। जब बैंककर्मी शालीनता से बात करने की कोशिश करते हैं, तो दरोगा महोदय और भड़क उठते हैं और कहते हैं >> जिसको बोलना है बोल दो , जो उखाड़ना है उखाड़ लो। बर्ताव ऐसा जैसे कोई शराब के नशे में धुत सड़कछाप गुंडा हो , ना कि जनता का रक्षक। और हैरानी की बात ये कि वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी तमाशबीन बने रहे। क्यों? क्योंकि उनको पता है >> बस एक दो फॉर्मेलिटी और मामला रफा-दफा। चौकी थाना तो अपना ही है। अब ज़रा सोचिए >> अगर यही हरकत किसी आम आदमी ने की होती , तो पुलिस वाले उसका पिछवाड़ा लाल कर चुके होते। भाइयों और बहनों , कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। बैंककर्मी हो या ठेले वाला, महिला ग्राहक हो या ऑफिसर >> हर किसी का सम्मान होना चाहिए। ऐसे घटिया मानसिकता वाले दरोगाओं को तुरंत निलंबित नहीं, सीधा टर्मिनेट करना चाहिए। उत्तर प्रदेश पुलिस को एक सख्त उदाहरण पेश करना चाहिए , ताकि वर्दी पहनकर कोई दोबारा गुंडई करने की हिम्मत न कर सके।


