Vikram pratap singh
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@UIDAI @GoI_MeitY @AshwiniVaishnaw @JitinPrasada @SecretaryMEITY @NeGD_GoI @mygovindia @PIB_India @_DigitalIndia Mere sister ke adhar me DOB change nhi ho rahi jiski wajah se uski padai bnd bank me account bnd sab kuch kharab ho rha jimmedar kon hai ek sahi se grievance redressal nhi bna skte to bnd karo ye sab farji ke natak
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Don’t miss the insightful session on “Aadhaar & AI: The Identity Paradox”, exploring the paradigm shift in digital identity due to AI, followed by the Panel Discussion on “AI in IDTech”, on 18 February 2026, from 3:30 PM onwards, at Hall 1, First Floor, Exhibition Hall 5, Bharat Mandapam, New Delhi.
Watch here: @indiaai" target="_blank" rel="nofollow noopener">youtube.com/@indiaai
#Aadhaar #UIDAI #AIImpactSummit2026 #AadhaarandAI #IdentityParadox #AI

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रोहित एक्ट की मांग थी, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी और मेडिकल कॉलेजों में जाति आधारित अत्याचारों को कम करना था। लेकिन इसके बदले आया यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन, जो पूरी तरह से कमजोर था। फिर भी इसे एक वर्ग बर्दाश्त नहीं कर पाया। भाजपा ने अपने समर्थकों से प्रदर्शन करवाया, अपने ही मीडिया तंत्र के माध्यम से इसके खिलाफ विरोध करवाया और अंततः इसे रुकवा दिया।
जरा बारीकी से समझिए, जिसने इसे कमजोर बनाया, उसी ने विरोध कराया और उसी ने इसे रुकवा भी दिया।
भाजपा की धूर्तता देखिए।
फिर आया “घूसखोर पंडित” वाला मामला।
इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक, लेखक और अभिनेता, सभी ब्राह्मण। विरोध भी ब्राह्मण ही कर रहे हैं।
मतलब, मीडिया पर दिन-रात इस पर ऐसी बहस हुई जैसे इससे बड़ा कोई मुद्दा ही न हो।
अब बात करते हैं यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को लागू कराने की। देश भर में इसे रोहित वेमुला एक्ट की तर्ज पर लागू करने की मांग चल रही है। धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन इस मुद्दे पर मीडिया में एक भी बहस नहीं हुई। न मुख्यधारा का मीडिया इसे दिखा रहा है। 100 से ज्यादा ओबीसी/एससी/एसटी लोगों पर एफआईआर हो चुकी है, लेकिन यह कोई मुद्दा ही नहीं माना जा रहा।
इससे साफ पता चलता है कि बहुजन समाज कितना हाशिये पर है और देश की संस्थाओं पर कौन घुसखोर बैठे हैं।
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@Kanchanyadav000 Khud ko dekh Jo OBC ka haq mar dete ho kayde me to tum logo ko OBC se bahar kar OBC samaj ko nyay dena chahiye
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OBC के साथ भाजपा द्वारा किए गए धोखे के खिलाफ और UGC रेगुलेशन को लागू कराने की मांग को लेकर कल दिल्ली विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन हुआ।
बहुत जल्द ही देश की सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में यह विरोध प्रदर्शन होगा।
ओबीसी मीडिया में नहीं हैं, ओबीसी अदालतों में नहीं पर ओबीसी की ताकत सड़कों पर दिखाई देगी और भाजपा को बेनकाब करेगी।
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@ActivistSandeep Kon jaat ho be singh lagaye ho koi thakur ghar gya tha ya tumhari Am#@ gyi thi
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@neha_laldas सरकारें क्या करेगी ? मनुस्मृति जलाकर मैगी बनाना किस कानून (Act) के तहत अपराध है जो कार्रवाई होगी ? अनपढ़ हो क्या?
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ये मनुस्मृति जलाकर मैगी बना रहा था, तब सरकारें सो रहीं थीं?
लेकिन इसके जवाब में एक कागज जलाने से पूरा संविधान खतरे में आ गया?
ये एकतरफा कार्यवाही हम याद रखेंगे, खासकर वोट देते समय🙏
#Release_Anil_Mishra
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@NadeemSanatani Kismat hai tum logo ki hmse milo gand phad denge do min me
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@Aadhaar_Care Sir adhar me DOB change karne ke liye 10 baar avedan kar chuke hai
High school marksheet
Birth certificate
SDM order sab laga chuke hai tab bhi reject akhir kon sa document chahiye apko btane ki kripa kare
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#Dial1947ForAadhaar
You can locate your nearest Aadhaar Kendra by simply dialing 1947 from your mobile or landline. You can get details like addresses of the authorized centres in the area. You can also get location details of the centre from mAadhaar App.

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@raviparmarIN Han to tum mootniwasiyo ne kya khoja bina mehnat ke free ka khana
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राजकुमार भाटी सर के इस स्टेटमेंट से मनुवादी समुदाय में भगदड़ मची हुई है, गूगल खंगाला जा रहा है,
टॉक विद परमिंदर के पॉडकास्ट में एक डिबेट हुई, जिसमें जाति को लेकर सवाल हुए उसमें एक जाति वर्चस्व की बात आए, फ़िर क्या था
राजकुमार भाटी जी ने मनुवादियों की रेल बना दी, उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया कि तथाकथित जाति जो अपने आपको सर्वश्रेष्ठ मानती हैं उसने आज तक कोई आविष्कार नहीं किया,
आगे उन्होंने बताया कि मनुवादी जातियों ने अविष्कार की बजाय पाखंड फैलाया जैसे चेचक को माता बताया, पोलियो को बताया कि ग्रहण की वज़ह से हुआ,
बाकि आप यह वीडियो ज़रूर देखिए, सारी बातें तथ्यों के साथ राखी गई हैं।

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@Anshika_in Namazwadi party ko dubone me ap jaise logo ka mahan yogdan hai
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दादा जी का पोता हूँ मैं
दादा जी की तरह बड़ा बन दिखलाऊँगा
एक नया इतिहास रचूँगा , दादा जी की ही तरह बेमिसाल बन जाऊँगा
दादा जी की ऊँगली पकड़ कर कर्तव्य - पथ पर आगे बढ़ता जाऊँगा
सबके दिल पर राज करूँगा
सबकी आँखों का तारा और सबों का दुलारा बन जाऊँगा
मुझमें भी तो खून दादा जी का
याद रखेगी दुनिया सारी मैं ऐसा परचम लहराऊँगा
दादा जी का ही पोता हूँ मैं
उनकी विरासत , पापा , परिवार और देश का मान बढ़ाऊँगा
Lalu Prasad Yadav@laluprasadrjd
Proudly welcoming little grandson in our family!
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@laluprasadrjd Ye naitikta isliye ki alimony’s na dena pade kyu chara chor
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निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूँ। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।
अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूँ। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है। धन्यवाद।
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@JaikyYadav16 Nhi samajwadi party se ticket milna chahiye
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@talk2anuradha Ek bhi bhimta court campus me ghus nhi payega police latth daal degi
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@Nikhilchavdagj1 3 no ko samvidhan me kahin dikha skte ho
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आरक्षण १० वर्षों के लिए कभी भी नहीं था।
आरक्षण ४ प्रकार के हैं :-
1. पॉलिटिकल रिजर्वेशन
2. रिजर्वेशन इन एजुकेशन
3. रिजर्वेशन इन एम्प्लॉयमेंट
4. रिजर्वेशन इन प्रमोशन
अनुच्छेद ३३० के अनुसार :-
1. लोकसभा में और अनुच्छेद ३३२ के अनुसार विधानसभा में SC/ST को आरक्षण प्राप्त है।
और अनुच्छेद ३३४ में लिखा है कि प्रत्येक १० वर्षों में लोकसभा और विधान सभा में मिले आरक्षण की समीक्षा होगी और यही वो अनुच्छेद है जिसकी गलतफहमी सभी को है....
2. सभी लोग ये जान लें : ये सरासर झूठ है कि सभी प्रकार के आरक्षण सिर्फ १० वर्ष के लिए के लिए थे
अब दूसरे तीसरे और चौथे प्रकार के आरक्षण पर आते हैं : -
अनुच्छेद १५ और १६ जो की मूलभूत संवैधानिक अधिकार हैं, इसमें सम्मिलित १५ (४) और १६ (४) में शिक्षा और रोजगार में....
3. SC/ST को आरक्षण दिया गया है,
और जो ये मूलभूत अधिकार है, इन्हें कोई बदल नहीं सकता क्योंकि ये मूलभूत संवैधानिक अधिकार हैं।
संविधान लागू होने के बाद सत्ताधारी वर्ग और विपक्ष ने जानबूझ कर ये गलतफहमी फैलाई कि रोजगार और शिक्षा में आरक्षण सिर्फ १० साल के लिए था...
4. सभी से निवेदन है की इस सच्चाई को सबके सामने लायें कि रोजगार और शिक्षा में आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए नहीं, हमेशा के लिए है।
हमेशा का मतलब :-
जाती व्यवस्था जब तक, आरक्षण व्यवस्था तब तक।
Reservation is Not Program for to
जय भीम जय संविधान 💙

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