
जीवन अहिरवार ऐरवाल
4.8K posts

जीवन अहिरवार ऐरवाल
@jeevanaerwal199
Mandal MLA Candidate (@asp4rajasthan 2023) and Former State Secretary & Former State Executive Member & RTI Activist













उत्तर प्रदेश के जिला गाजीपुर के मरदह क्षेत्र में संत शिरोमणि जगतगुरु सतगुरु रविदास महाराज जी के मंदिर के पास किया जा रहा दीवार निर्माण केवल एक साधारण निर्माण कार्य नहीं है। इस दीवार के माध्यम से उस पवित्र स्थल को ढकने, सीमित करने और उसकी पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सीधा-सीधा सामाजिक न्याय, समानता और भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। संत रविदास महाराज जी का स्थान करोड़ों लोगों की आस्था, आत्मसम्मान और अधिकारों का प्रतीक है। ऐसे में इस प्रकार की कोई भी कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि यह बहुजन समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य भी है। मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,किसी भी “सुंदरीकरण” के नाम पर धार्मिक स्थलों की पहचान के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस मामले में जल्द, निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे और किसी भी प्रकार का तनाव न बढ़े। साथ ही, संबंधित विभाग इस निर्माण कार्य की पारदर्शी जांच कर तत्काल स्थिति स्पष्ट करे। यदि दीवार से मंदिर की दृश्यता या पहुंच प्रभावित हो रही है, तो निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथी मौके-ए-वारदात पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सामाजिक सम्मान, आस्था और समान अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। @CMOfficeUP





राजस्थान के जिला भीलवाड़ा में घटित मामला इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के डबल इंजन राज में पीड़ित बहुजन को ही आरोपी बना दिया जाता है और उसकी कहीं कोई सुनवाई भी नहीं होती। यह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। दिनांक 28.11.2024 को सुबह करीब 8:30 बजे दलित युवक जीवन ऐरवाल के साथ मीरा सर्कल स्थित एक चिट फंड कंपनी में चोरी का झूठा आरोप लगाकर कंपनी के लोगों द्वारा मारपीट की गई, जातिसूचक गालियां दी गईं और उसे अपमानित किया गया। इसके बाद जब पीड़ित ने न्याय के लिए 100 नंबर पर कॉल किया, तो सहायता मिलने के बजाय थाना प्रतापनगर पुलिस उसे थाने ले गई, जहाँ पुलिस कस्टडी में उसके साथ लात-घूसों और पट्टे से बेरहमी से मारपीट की गई, जातिगत अपमान किया गया और जबरन खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। यह कृत्य न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है बल्कि संविधान की आत्मा पर सीधा हमला है। दिनांक 29.11.2024 को पीड़ित द्वारा एसपी भीलवाड़ा को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई, जिससे स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। इसके पश्चात, दिनांक 15.01.2026 को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में भी भ्रामक और गोलमोल उत्तर दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। न्याय की आशा में पीड़ित द्वारा दिनांक 09.02.2026 को प्रथम अपील भी दायर की गई, किंतु आज तक न तो जांच का परिणाम सार्वजनिक किया गया और न ही दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई। यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे एक दलित युवक को पहले प्रताड़ित किया गया और फिर न्याय की प्रक्रिया में भी लगातार उपेक्षा और अन्याय का सामना करना पड़ा। हम @RajGovOfficial से मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध SC/ST एक्ट के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। @RajCMO @BhajanlalBjp







