
raj
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raj
@nowwakeup1982
the tests you see in school , in life are designed for idiots ....by idiots

















राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों एवं भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गैंग की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यह कोई साधारण बयान नहीं है बल्कि देश में अराजकता फैलाने का गंभीर षड्यंत्र है। राहुल गांधी एंड कंपनी ने जब देख लिया कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश की जनता के हृदय से हटाया नहीं जा सकता और सीधी लोकतांत्रिक लड़ाई में भाजपा को परास्त नहीं किया जा सकता तो अब वो देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं। उनको भारत से इतनी नफरत है कि देश का कुछ भी अच्छा होता हुआ ये देख ही नहीं सकते। राष्ट्र को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना और विदेशी धरती पर जाकर विदेशी ताकतों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अपील करना, ये बताता है कि कांग्रेस की असली मंशा क्या है? देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम कर रहे टूलकिट गैंग को अच्छे से समझती है। जनता ने बार–बार इन लोगों को करारा जवाब दिया है। INDI गठबंधन की भारत में आग लगाने की साजिश कभी भी कामयाब नहीं हो पाएगी।


राहुल गांधी का बयान देश के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों एवं भारत को अस्थिर करने का सपना देख रहे टूलकिट गैंग की एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यह कोई साधारण बयान नहीं है बल्कि देश में अराजकता फैलाने का गंभीर षड्यंत्र है। राहुल गांधी एंड कंपनी ने जब देख लिया कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश की जनता के हृदय से हटाया नहीं जा सकता और सीधी लोकतांत्रिक लड़ाई में भाजपा को परास्त नहीं किया जा सकता तो अब वो देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं। उनको भारत से इतनी नफरत है कि देश का कुछ भी अच्छा होता हुआ ये देख ही नहीं सकते। राष्ट्र को बदनाम करना, संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना और विदेशी धरती पर जाकर विदेशी ताकतों से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अपील करना, ये बताता है कि कांग्रेस की असली मंशा क्या है? देश की जनता समझदार है। वह राहुल गांधी, विपक्ष और देश के खिलाफ काम कर रहे टूलकिट गैंग को अच्छे से समझती है। जनता ने बार–बार इन लोगों को करारा जवाब दिया है। INDI गठबंधन की भारत में आग लगाने की साजिश कभी भी कामयाब नहीं हो पाएगी।














पूरे देश में तेल-गैस के बढ़ते दामों और किल्लत से हाहाकार मचा हुआ है। रूस और ईरान हमें सस्ते दामों पर तेल देने को तैयार हैं। क्या हमें रूस और ईरान से सस्ता गैस और तेल खरीदना चाहिए? आपकी क्या राय है।












