Rashk-E-Eram
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Rashk-E-Eram
@rashk_diary
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Kanpur, India Katılım Ocak 2021
37 Takip Edilen687 Takipçiler

माँ के दूध का हक़ अदा कौन करेगा।
माँ के जैसी दुनियां में वफ़ा कौन करेगा।
माँ से क़ायम सारी नेमतें,मुहब्बते,बरकतें
माँ के आगोश स साया यहां कौन करेगा।
चीर कर सीना आसमाँ का पहुँचे अर्श तक
माँ के जैसी पूरतअसीर दुआ कौन करेगा।
,,इरम,,
@rashk_diary
#मातृ_दिवस
#MothersDay
#Maa #Shair

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#AsslamuAllekum
#GoodMorningTwitterWorld
ए इमान वालों जब तुम किसी मुखालिफ फौज से भीड जाओ तो साबित कदम रहो और बाकशरत अल्लाह को याद करो ता केह तुम्हें कामयाबी हासिल हो #Shams_T @IMshamstrz

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Eid al fitr --🪴
ईद की सुबह है, रौशनी भी मुस्कुरा रही है,
हर तरफ़ से दुआओं की ख़ुशबू आ रही है।
गले मिलते ही दिल से गिले सब मिट गए,
आज फ़िर मोहब्बत ही दुनिया सजा रही है।
नए कपड़ों में नहीं,नीयत में चमक हो आज,
ये ईद हर इक दिल को क़रीब ला रही है।
रब से बस ये दुआ कि तेरा हर दिन हो ऐसा,
जैसे ये Eid ul-Fitr खुशियाँ लुटा रही है।
इन मीठी सेवइयों में घुली अपनेपन की बात,
हर निवाले में रिश्तों की मिठास आ रही है।
दर पे जो भी आए,उसे खाली न जाने दे दिल,
आज की ये ईद बस बाँटने को ही आ रही है। 🌸
#अशोक_मसरूफ़
#eiduladha
Pic credit---Pinterest

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ग़ज़ल --
रदीफ़-- क्या ख़ता है
बहर --
फ़ाएलातुन फ़इलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन
2122 1122 1212। 22
मतला --
हमने चाहा है तुम्हें दिल से ग़र,तो क्या ख़ता है,
इश्क़ में डूबे हैं कुछ इस क़दर, तो क्या ख़ता है।
तुमको सोचा है जो हर साँस में ही ग़र हमने,
नाम लब पर जो रहा रात भर, तो क्या ख़ता है।
लोग कहते हैं मोहब्बत में भी तलब है एक,
हम भी हो बैठे अग़र बेख़बर, तो क्या ख़ता है।
तुमको पाने की तमन्ना में भटके हैं हम अग़र,
रास्ता भूल गए दर-ब-दर, तो क्या ख़ता है।
दर्द आँखों में छुपा, होंठ पे हँसी रखी है,
यूँ ही जीते रहे हम उम्र भर, तो क्या ख़ता है।
तुम न समझो तो ये तक़दीर का ही क़िस्सा है,
हमने समझा था तुम्हें हमसफ़र, तो क्या ख़ता है।
दिल के रिश्ते तो निभाने को ही यहाँ होते,
हम निभाते ही रहे हर पहर, तो क्या ख़ता है।
अपने एहसास को अल्फ़ाज़ में सदा ढाला,
दिल ने दे दी है ग़र अपनी ख़बर, तो क्या ख़ता है
तुमसे मिलने की तमन्ना ही दिल में मेरे थी,
ख़्वाब आँखों में रखे दर-ब-दर, तो क्या ख़ता है।
तुमने ठुकरा दिया ये भी गवारा है हमको,
हमने चाहा था तुम्हें टूटकर, तो क्या ख़ता है।
दिल की दुनिया को तिरे ही तो नाम कर बैठे,
अब अग़र हम हैं खड़े रस्ते पे,क्या ख़ता है।
तेरी यादों के सहारे ही अब हयात मिरी ,
हम रहे तुझमें ही डूबे अग़र, तो क्या ख़ता है।
#अशोक_मसरूफ़
PIC credit---Pinterest

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तेरी दीद मेरे लिये चाँद रात है,
देखा है जब जब तुमको मेरी ईद हुई,
,,,इरम,,,
@rashk_diary
#EidMubarak
#Eid #Shair

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वो कभी ज्योतिष बन जाता है,
कभी वैज्ञानिक की तरह बोलने लगता है।
कभी मंच पर स्टार प्रचारक बनकर खड़ा होता है,
तो कभी खुद को धर्म और आस्था का सबसे बड़ा रक्षक घोषित कर देता है।
कभी शिक्षक की तरह ज्ञान बाँटता है,
कभी डॉक्टर बनकर नुस्खे देता है।
कभी पायलट की तरह दिशा बताता है,
तो कभी अर्थशास्त्री बनकर देश की अर्थव्यवस्था समझाने लगता है।
कभी अभिनेता की तरह अभिनय करता है,
कभी शंकराचार्य की तरह प्रवचन देने लगता है।
कभी योग गुरु बन जाता है,
कभी दुकानदार की तरह अपने विचार बेचता है।
कभी इतिहासकार बन जाता है,
कभी रणनीतिकार, कभी रक्षा विशेषज्ञ।
कभी पत्रकारों को ज्ञान देता है,
कभी चुनावी पंडित बनकर भविष्यवाणियाँ करता है।
मतलब साफ है.
वो हर काम का जानकार बनने की कोशिश करता है,
लेकिन अक्सर नतीजा यही निकलता है कि
जहाँ हाथ डालता है, वहीं काम बिगड़ जाता है। 😎
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