Mimansa

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@reflectionof_

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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@sunshinenew26 शातिर होने की संभावना अधिक होती है ऐसे में। 🤭😅
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सिग्मा महिला
जो आदमी एकदम शांत रहे , बस अच्छी अच्छी बात करे , उसे कभी गुस्सा ही ना आए, या तो उसने खुद पर बहुत काम करा है या बहुत शातिर है वो।
Gagan🇮🇳@1no_aalsi_

Just be who you are. Don’t try to act overly calm or religious because your actions will expose you again and again.

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सिग्मा महिला
यदि आपको हर बार खुद को सकुंचित करके रहना पड़े तो आप गलत स्थान पर हैं। अपनों के गुणों के प्रति स्वीकार्यता और प्रशंसा का भाव होना चाहिए। आपके लोग आपके सुख दुख दोनों से सहज होने चाहिए। बहुत लोग मात्र आपकी अवनति या दुख से ही सहज होते हैं। वे आपके अपने नहीं हैं!
Ashwani Dixit@SerpentForce

यदि कोई गुणी व्यक्ति स्वयं को छिपाकर सबसे घुलमिलकर रहे, और एक दिन उसके गुण प्रकट हो जायें तो यही होता है कि उसके अपने ही लोग असुरक्षा की भावना से घिर जाते हैं फिर भले उसका प्रतिस्पर्धा करने का कोई विचार ही क्यों न हो। मानव स्वभाव विचित्र है, भाव त्वरित रूप से बदलते हैं।

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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@Tribalmonk_ 😅😅वो काटती भी है क्या।
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@SerpentForce संभवतः जिन्हें कर्तव्य निभाने होते हैं वो स्वयं को समाज से अलग कर नही पाते हैं। हालांकि कभी कभी सबका साथ अच्छा भी लगता है, और जीवन के नये रूप का अनुभव भी होता है।
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
@reflectionof_ मेरे साथ भी यही हुआ, हालाँकि इसमें मेरा स्वयं का भी मन है पर मैं अपने अनुसार ढाल रहा सबको। पर मिल तो रहा समाज में ही। ☹️
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
विडम्बना यह है कि मनुष्य संसार में इतना उलझ जाता है कि उसे स्वयं की आवाज़ सुनाई देना बंद हो जाती है। धीरे-धीरे वह वही बनने लगता है जो लोग उससे चाहते हैं। उसकी हँसी भी सामाजिक हो जाती है , उसका दुःख भी औपचारिक।
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दास्तान
दास्तान@iamdaastaan·
@reflectionof_ और धीरे धीरे इंसान वो नहीं रह जाता जो कभी हुआ करता था। समय और परिस्थितियाँ इंसान को बदलने पर मजबूर कर देती हैं।
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@SerpentForce मैं भी। 😓 सबकुछ बदलता जा रहा है, लोगों के साथ रहकर इस समाज का हिस्सा भी बनती जा रही हूँ, वही समाज नामक संस्था जिसका सदैव से विरोध करती आई हूँ। मुझे लगता था कि मैं एक अलग तरह का जीवन जिऊँगी लेकिन ऐसा होता प्रतीत नही हो रहा है।
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
@reflectionof_ मैं अपना भविष्य देख रहा हूँ इसमें 😭
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@SerpentForce अरे ब्लैक एंड व्हाइट नही होते हैं, मैंने बहुत बार बहुत से रंग देखे हैं, जब भी साँप देखती हूँ, उनके भी रंग होते हैं।
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
कहते हैं, स्वप्न ब्लैक एंड व्हाइट होते हैं पर एक बार मेरे साथ ऐसा हुआ, कि मैंने स्वयं को अपने गाँव वाले घर में, दादी के कमरे के बाहर पाया और मुझे अच्छे से याद है मैं दरबाजे और खिड़की पर बनी रँगीन चित्रकारी देख पा रहा था। स्वप्न में ही मुझे आभास हुआ स्वप्न होने का और जाग गया।
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे।😁
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♡
@heart_jpg·
cow with pink bows 🎀
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@SerpentForce सामान्य प्राणी बनकर इस संसार में रहे तो क्या ही रहे। 🤭😅
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
@reflectionof_ कोई कुछ बता रहा हो तो मेरा ध्यान ही नहीं रहता उसकी बात पर, वहीं मैं खुद कोई प्रॉब्लम सॉल्व कर रहा हूँ तो आसपास का होशोहवास नहीं रहता। मैं विचित्र प्राणी रहा हूँ, थ्योरी के लिए एकाग्रता ही नहीं थी मुझमें। 😆
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
मैं थ्योरी पढ़ने और उसे एग्जाम में लिखने के मामले में इतना आलसी हूँ कि मैं एग्जाम में न्यूमेरिकल्स ज्यादा करता था, मजबूरी में ही थ्योरी लिखता था कहीं थोड़ी बहुत। 😆 डेढ़ साल पहले ही मनोविज्ञान की पुस्तकें देखकर ये विचार त्याग दिया, भले कितना रोचक हो, रट्टा नहीं लग सकेगा।
masha@masha_slp

i wanted to study psychology but i have more potential as a patient tbh

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आलसी जानवर (AJ)
मैने सुना है जो लोग अकेले पूरे बिस्तर पर कब्जा करके सोते हैं उनके बगल में चुडैल आ जाती है और ये बिल्कुल सच है। वो दिखती नहीं हैं पर होती हैं।
राहुल@Ghost31_12

एक बार यहां ही किसी ने जिक्र किया था कि रात में खाली कुर्सी नहीं छोड़नी चाहिए अब हमारे अंदर यही डर बैठ गया है तभी से लगभग 5 6 महीने होने को हैं, खाली दिखती है तो ऐसा लगता जैसे कोई बैठा हो😭😭

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शक्तिसारणी
निरापराध तो कोई नहीं... और हर अपराध की सज़ा भी तय ही है... सब ने भोगा है... सब भोग रहे हैं... फिर ऐसा क्यों लगता है... न्याय नहीं हुआ।
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
यदि कोई गुणी व्यक्ति स्वयं को छिपाकर सबसे घुलमिलकर रहे, और एक दिन उसके गुण प्रकट हो जायें तो यही होता है कि उसके अपने ही लोग असुरक्षा की भावना से घिर जाते हैं फिर भले उसका प्रतिस्पर्धा करने का कोई विचार ही क्यों न हो। मानव स्वभाव विचित्र है, भाव त्वरित रूप से बदलते हैं।
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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
मैं जब बीमार पड़ने लगती हूँ तब मुझे मीठा खाने की इच्छा बहुत ही ज्यादा होती है, लड्डू, रसमलाई, रसगुल्ले, बर्फी वगैरह।
समुंदर@NikitaGoswwaami

जब भी मैं बीमार पड़ने वाली होती हूं तब मुझे ठंडा पानी पीने की इच्छा या ठंडी छाछ पीने की इच्छा होती है। आपमें से किसीको भी ऐसा कुछ होता है?

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Mimansa
Mimansa@reflectionof_·
@SerpentForce @dungeon__quest ठाकुर तो पाँच दिन में एक बार नहाते हैं 🤣🤣🤣🤣
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Ashwani Dixit
Ashwani Dixit@SerpentForce·
@dungeon__quest मेरी दादी कहती थीं कि गौरैया ब्राह्मण होती है इसलिए रोज नहाती है 🤣🤣🤣
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