Bureaucratic reforms

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Katılım Ağustos 2022
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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
इस साल फिर होगा कस्टम्स में जम कर भ्रष्टाचार । @cgstluckzone के चीफ कमिश्नर लोगो को ज्ञान दे रहे थे कि प्रमोशन होने के बाद अगर स्टेशन ना सही लेकिन formation बदलता है । उसी जगह उसी ऑफिस में प्रमोशन के बाद पोस्ट नहीं करते है । अब देखिए लखनऊ कस्टम्स @cusprevlucknow के एडीसी , कमिश्नर पर प्रमोट हुए और इस कमाई वाली पोस्टिंग का खूब मजा ले लिए और फिर जुगाड़ से प्रमोट होने के बाद यहीं कमिश्नर बन गए । अब तो खुलेआम एलसीएस सोनौली , नेपालगंज, बड़नी, और एयरकार्गो , डिवीज़न नौटंवा आदि बेचे जाएँगे चीफ कमिश्नर इंस्पेक्टर सुपरिंटेंडेंट के ट्रांसफर पोस्टिंग के किए यहाँ डेरा जमा के ऑफिस सेट कर लिया है । एक बार की कमाई का बढ़िया मौक़ा है । इसीलिए और सारे जोन में कमिश्नर कस्टम्स में पोस्टिंग करता है , यहाँ कमाई वाली पोस्टिंग को अलग कर लिया गया है , जिसको बारीकी से जांच के कस्टम्स के महान एक्सपर्ट्स चीफ कमिश्नर ख़ुद अपने हाथों से करेंगे । गौर करियेगा अभी सीबीआई ने १०० करोड़ का फेक एक्सपोर्ट्स में एडीसी को पटना कस्टम्स में आरोपी बनाया था । इतनी बारीकी से पोस्टिंग करने के बाद ये हाल है । सोनाली में भी हुक्के के फ्लेवर के फेक एक्सपोर्ट्स का एक्स पर खुलासा किया गया था । सुनने में आ रहा है कि पालिसी चेंज करके अब खूब खुलेआम बेचा जाएगा पोस्टिंग अपने बंदों को सेट करने को पालिसी चेंज हो रही है । अभी २०२३ में कटियार ने एक साल का कूलिंग ऑफ़ लगाया था कुछ को बेनिफिट पहुचाने को । अब ये हटाने की तैयारी में है दूसरे को फायदा पहुचाने में । मस्त मजे है । इस भ्रष्टाचार की पालिसी को कैट में एसोसिएशन ने चैलेंज किया था । मुझे निकाल दिया तो ठप्प हो गया । चलो भाई विभाग नहीं हो गया अवैध कमाई का अड्डा बना रखा है । स्मगलिंग , लाइन , और ट्रांसफर पोस्टिंग की करोड़ो की इंडस्ट्री । @cbic_india @FinMinIndia @PMOIndia @narendramodi @DoPTGoI @RahulGandhi @bstvlive @khurpenchh @VivekGa54515036 @fpjindia @CBIHeadquarters @news24tvchannel @news24tvchannel
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Abhijat Srivastava@abhijatindia

@cbic_india में नागरिकों के पैसे से लगातार मौज चीफ कमिश्नर का विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग और कुछ मामूली से काम है ये केवल आईआरएस को एक और उच्च पद और भारी वेतन देने का खेल है बस। अब @cusprevpatna के राजशाही को देखिए। ये पटना कस्टम्स जोन के चीफ कमिश्नर है जिसमें 2 कस्टम्स प्रिवेंटिव कमिश्नरेट है जिसमें कमिश्नर की पोस्टिंग होती है। पहला @cusprevlucknow (जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) और दूसरा कस्टम्स प्रिवेंटिव पटना (जिसमें बिहार एवं झारखंड) आता है मूलतः नेपाल बॉर्डर और एयरपोर्ट कस्टम्स। पटना में लक्ज़री सेवन स्टार मिनिस्टर से भी अच्छा नॉर्म्स से पाँच गुना बड़ा क़रीब १००० स्क्वायर फीट का केबिन है । ढेर सारे स्टाफ और फर्नीचर है । पूरा सेट अप है । लेकिन ये तो अंग्रेज़ है , तो अब इन्हें लखनऊ रहना है, पटना नहीं । तो यहाँ कैम्प ऑफिस बनवा रहे है ।मतलब जहाँ इनका ऑफिस बनाया गया है करोड़ो खर्च करके उसकी जगह यहाँ रहना है तो यहाँ बनवा लेंगे। काम तो चीफ कमिश्नर के पास क्या ही है और पता नहीं कौन सी नागरिकों की समस्या कैम्प ऑफिस में सुलझायेंगे । ऐसे तो चेयरमैन @cbic_india का हर शहर में कैम्प ऑफिस बनान चाहिए । पूरा टैक्सपेयर को लूटने और मौज का विभाग बना रखा है । यहाँ मोदी जी तेल बचाने की अपील कर रहे है और इन्होंने पहाड़ो पर घूमने अपनी फ़ैमिली के साथ एक एलसीएस देखने के नाम पर टूर बना लिया है । सरकारी गाड़ियाँ इनको और परिवार को ले कर लखनऊ से जा रही है । साथ ही एक मेम्बर , @cbic_india ने भी इनके साथ टूर का प्लान बना किया है वो भी अपने परिवार के साथ सरकारी खर्चो पर पहाड़ों पर मौज करने जा रहे है । तो एक तरह नागरिकों से टैक्स लो , सलाहें दो , बंदिशें लगाओ , दूसरी तरफ़ अधिकारियों की लूट जारी है वो फ्री की गाड़ियों से भ्रमण कर रहे है , फ़र्ज़ी टूर बना के छुट्टियाँ मना रहे हैं । @FinMinIndia @nsitharaman @PMOIndia @narendramodi @news24tvchannel @bstvlive @RahulGandhi @SuparnaSharma @khurpenchh @DoPTGoI @VivekGa54515036 @AmitShah @PIB_India @newzhit #OrganisedLootInCBIC

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Rashtra Rakshak Samooh
Rashtra Rakshak Samooh@RakshakSamooh·
खूब मचायेंगे भ्रष्टाचार खूब करेंगे अत्याचार क्या कर लेगी मोदी सरकार । @IRS_CIT @cbic_india एक अलग किंगडम के रहा है इन्हें नागरिकों का खून ही तो चूसना है । @nsitharaman @FinMinIndia @narendramodi @PMOIndia @cusprevpatna @cusprevlucknow
Abhijat Srivastava@abhijatindia

@cbic_india में नागरिकों के पैसे से लगातार मौज चीफ कमिश्नर का विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग और कुछ मामूली से काम है ये केवल आईआरएस को एक और उच्च पद और भारी वेतन देने का खेल है बस। अब @cusprevpatna के राजशाही को देखिए। ये पटना कस्टम्स जोन के चीफ कमिश्नर है जिसमें 2 कस्टम्स प्रिवेंटिव कमिश्नरेट है जिसमें कमिश्नर की पोस्टिंग होती है। पहला @cusprevlucknow (जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) और दूसरा कस्टम्स प्रिवेंटिव पटना (जिसमें बिहार एवं झारखंड) आता है मूलतः नेपाल बॉर्डर और एयरपोर्ट कस्टम्स। पटना में लक्ज़री सेवन स्टार मिनिस्टर से भी अच्छा नॉर्म्स से पाँच गुना बड़ा क़रीब १००० स्क्वायर फीट का केबिन है । ढेर सारे स्टाफ और फर्नीचर है । पूरा सेट अप है । लेकिन ये तो अंग्रेज़ है , तो अब इन्हें लखनऊ रहना है, पटना नहीं । तो यहाँ कैम्प ऑफिस बनवा रहे है ।मतलब जहाँ इनका ऑफिस बनाया गया है करोड़ो खर्च करके उसकी जगह यहाँ रहना है तो यहाँ बनवा लेंगे। काम तो चीफ कमिश्नर के पास क्या ही है और पता नहीं कौन सी नागरिकों की समस्या कैम्प ऑफिस में सुलझायेंगे । ऐसे तो चेयरमैन @cbic_india का हर शहर में कैम्प ऑफिस बनान चाहिए । पूरा टैक्सपेयर को लूटने और मौज का विभाग बना रखा है । यहाँ मोदी जी तेल बचाने की अपील कर रहे है और इन्होंने पहाड़ो पर घूमने अपनी फ़ैमिली के साथ एक एलसीएस देखने के नाम पर टूर बना लिया है । सरकारी गाड़ियाँ इनको और परिवार को ले कर लखनऊ से जा रही है । साथ ही एक मेम्बर , @cbic_india ने भी इनके साथ टूर का प्लान बना किया है वो भी अपने परिवार के साथ सरकारी खर्चो पर पहाड़ों पर मौज करने जा रहे है । तो एक तरह नागरिकों से टैक्स लो , सलाहें दो , बंदिशें लगाओ , दूसरी तरफ़ अधिकारियों की लूट जारी है वो फ्री की गाड़ियों से भ्रमण कर रहे है , फ़र्ज़ी टूर बना के छुट्टियाँ मना रहे हैं । @FinMinIndia @nsitharaman @PMOIndia @narendramodi @news24tvchannel @bstvlive @RahulGandhi @SuparnaSharma @khurpenchh @DoPTGoI @VivekGa54515036 @AmitShah @PIB_India @newzhit #OrganisedLootInCBIC

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Bureaucratic reforms@reformsystem·
नागरिक १०० से ऊपर पेट्रोल और डीजल का दाम दें । देश के लिए पेट्रोल बचाए और ये लोग फ्री का टूर और अनाप शनाप ऑफिस बनाने और राजशाही करने के लिए हमारे पैसे उड़ा रहे है #ShameOnYou . @cbic_india @FinMinIndia @cusprevlucknow @cusprevpatna @narendramodi @PMOIndia
Abhijat Srivastava@abhijatindia

@cbic_india में नागरिकों के पैसे से लगातार मौज चीफ कमिश्नर का विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग और कुछ मामूली से काम है ये केवल आईआरएस को एक और उच्च पद और भारी वेतन देने का खेल है बस। अब @cusprevpatna के राजशाही को देखिए। ये पटना कस्टम्स जोन के चीफ कमिश्नर है जिसमें 2 कस्टम्स प्रिवेंटिव कमिश्नरेट है जिसमें कमिश्नर की पोस्टिंग होती है। पहला @cusprevlucknow (जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) और दूसरा कस्टम्स प्रिवेंटिव पटना (जिसमें बिहार एवं झारखंड) आता है मूलतः नेपाल बॉर्डर और एयरपोर्ट कस्टम्स। पटना में लक्ज़री सेवन स्टार मिनिस्टर से भी अच्छा नॉर्म्स से पाँच गुना बड़ा क़रीब १००० स्क्वायर फीट का केबिन है । ढेर सारे स्टाफ और फर्नीचर है । पूरा सेट अप है । लेकिन ये तो अंग्रेज़ है , तो अब इन्हें लखनऊ रहना है, पटना नहीं । तो यहाँ कैम्प ऑफिस बनवा रहे है ।मतलब जहाँ इनका ऑफिस बनाया गया है करोड़ो खर्च करके उसकी जगह यहाँ रहना है तो यहाँ बनवा लेंगे। काम तो चीफ कमिश्नर के पास क्या ही है और पता नहीं कौन सी नागरिकों की समस्या कैम्प ऑफिस में सुलझायेंगे । ऐसे तो चेयरमैन @cbic_india का हर शहर में कैम्प ऑफिस बनान चाहिए । पूरा टैक्सपेयर को लूटने और मौज का विभाग बना रखा है । यहाँ मोदी जी तेल बचाने की अपील कर रहे है और इन्होंने पहाड़ो पर घूमने अपनी फ़ैमिली के साथ एक एलसीएस देखने के नाम पर टूर बना लिया है । सरकारी गाड़ियाँ इनको और परिवार को ले कर लखनऊ से जा रही है । साथ ही एक मेम्बर , @cbic_india ने भी इनके साथ टूर का प्लान बना किया है वो भी अपने परिवार के साथ सरकारी खर्चो पर पहाड़ों पर मौज करने जा रहे है । तो एक तरह नागरिकों से टैक्स लो , सलाहें दो , बंदिशें लगाओ , दूसरी तरफ़ अधिकारियों की लूट जारी है वो फ्री की गाड़ियों से भ्रमण कर रहे है , फ़र्ज़ी टूर बना के छुट्टियाँ मना रहे हैं । @FinMinIndia @nsitharaman @PMOIndia @narendramodi @news24tvchannel @bstvlive @RahulGandhi @SuparnaSharma @khurpenchh @DoPTGoI @VivekGa54515036 @AmitShah @PIB_India @newzhit #OrganisedLootInCBIC

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Abhijat Srivastava
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@cbic_india में नागरिकों के पैसे से लगातार मौज चीफ कमिश्नर का विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग और कुछ मामूली से काम है ये केवल आईआरएस को एक और उच्च पद और भारी वेतन देने का खेल है बस। अब @cusprevpatna के राजशाही को देखिए। ये पटना कस्टम्स जोन के चीफ कमिश्नर है जिसमें 2 कस्टम्स प्रिवेंटिव कमिश्नरेट है जिसमें कमिश्नर की पोस्टिंग होती है। पहला @cusprevlucknow (जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) और दूसरा कस्टम्स प्रिवेंटिव पटना (जिसमें बिहार एवं झारखंड) आता है मूलतः नेपाल बॉर्डर और एयरपोर्ट कस्टम्स। पटना में लक्ज़री सेवन स्टार मिनिस्टर से भी अच्छा नॉर्म्स से पाँच गुना बड़ा क़रीब १००० स्क्वायर फीट का केबिन है । ढेर सारे स्टाफ और फर्नीचर है । पूरा सेट अप है । लेकिन ये तो अंग्रेज़ है , तो अब इन्हें लखनऊ रहना है, पटना नहीं । तो यहाँ कैम्प ऑफिस बनवा रहे है ।मतलब जहाँ इनका ऑफिस बनाया गया है करोड़ो खर्च करके उसकी जगह यहाँ रहना है तो यहाँ बनवा लेंगे। काम तो चीफ कमिश्नर के पास क्या ही है और पता नहीं कौन सी नागरिकों की समस्या कैम्प ऑफिस में सुलझायेंगे । ऐसे तो चेयरमैन @cbic_india का हर शहर में कैम्प ऑफिस बनान चाहिए । पूरा टैक्सपेयर को लूटने और मौज का विभाग बना रखा है । यहाँ मोदी जी तेल बचाने की अपील कर रहे है और इन्होंने पहाड़ो पर घूमने अपनी फ़ैमिली के साथ एक एलसीएस देखने के नाम पर टूर बना लिया है । सरकारी गाड़ियाँ इनको और परिवार को ले कर लखनऊ से जा रही है । साथ ही एक मेम्बर , @cbic_india ने भी इनके साथ टूर का प्लान बना किया है वो भी अपने परिवार के साथ सरकारी खर्चो पर पहाड़ों पर मौज करने जा रहे है । तो एक तरह नागरिकों से टैक्स लो , सलाहें दो , बंदिशें लगाओ , दूसरी तरफ़ अधिकारियों की लूट जारी है वो फ्री की गाड़ियों से भ्रमण कर रहे है , फ़र्ज़ी टूर बना के छुट्टियाँ मना रहे हैं । @FinMinIndia @nsitharaman @PMOIndia @narendramodi @news24tvchannel @bstvlive @RahulGandhi @SuparnaSharma @khurpenchh @DoPTGoI @VivekGa54515036 @AmitShah @PIB_India @newzhit #OrganisedLootInCBIC
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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
@cbic_india में IRS अधिकारियों द्वारा सालाना वाहनों में 250 करोड़ की लूट और पिछले 7-8 सालों में करीब 2000 करोड़ की लूट । @narendramodi जी आपने अपील की है कि पेट्रोल डीजल के वाहन ना उपयोग करें । आपके अपील के बाद आपके मंत्रीगण और कुछ अधिकारीगण यहाँ तक कि जज साहब भी वीडियो बना के साइकिल , बस , मेट्रो से चलने का खूब दिखावा कर रहे है । नागरिकों को दिखावा और सच्चाई में फर्क नज़र आता है । इस दिखावे से नागरिकों की परेशानी बढ़ ही रही है। जबकि दिखावे से ज़्यादा पालिसी और क़ानून में ये गंभीरता दिखनी चाहिए । लेकिन आपके सरकार के अधिकारियों से ये उम्मीद कम ही है । आपके आईआरएस अधिकारी गैंग बना कर नागरिकों के हज़ारों करोड़ लगातार लूट रहे है । अब आप @cbic_india में देखिए करीब 4000 गाड़िया स्वीकृत कर रखी है । ये गाड़िया अवैध तरीके से प्रत्येक डायरेक्ट आईआरएस को निज़ी गाड़ी की सुविधा देने के लिए ही पालिसी बनायी है । जबकि आयुक्त से नीचे कोई भी आईआरएस अधिकारी गाड़ी का पात्र नहीं है और अपने सैलरी में travelling अलाउंस भी ले रहा है । करीब 50000 फ्री का एक आईआरएस अधिकारी लूट ले रहा है । अपने करीबी वेंडर्स से आईआरएस अधिकारी कभी एक ही टैक्सी नंबर , यहाँ तक की ट्रक के टैक्सी नंबर्स पर कांट्रैक्ट कर लेते है , फिर वेंडर से निज़ी नंबर प्लेट की लक्ज़री गाड़िया इनोवा आदि लगवाते है । और असिस्टेंट कमिश्नर से ले कर एडिशनल कमिश्नर तक गाड़ियों पर क़ब्ज़ा कर लेते है ।कमिश्नर २-३ गाड़ियों पर क़ब्ज़ा कर लेता है । कई गाड़ियों का तो पता नहीं चलता कहाँ चल रही है । ऊपर से लाल नीली बत्ती भी लगा देते है । क्योंकि इन्होंने पूरा एडमिनिस्ट्रेशन और विजिलेंस को क़ब्ज़ा करके विभाग के संसाधनों को लूटने का गैंग बना रखा है । cag की रिपोर्ट में ये तथ्य आ चुका है । इन गाड़ियों से कोई भी ऑफिस का काम नहीं होता है ये केवल और केवल निजी उपयोग और वीआईपी लगने के लिए आईआरएस अधिकारियों ने प्रोविजन करा रखा है । इस तरह एक साल में करीब 250 करोड़ टैक्सपेयर की गाढ़ी कमाई लूट ली जा रही है । हमने आपको 2018 से लगातार इस संगठित लूट के बारे में लिखा । एक कमिश्नर ने भी प्रेस में आ कर इसका खुलासा किया । हमने लिखा कि गाड़िया में जीपीएस हो और मैचिंग लॉगबुक हो । फ़र्ज़ी लॉगबुक से PAO से पैसा पास होता है । हमने 600 ऑफ़िसर्स से साइन कराए की 90 प्रतिशत गाड़ियों को विथड्रॉ कर लिया जाए , वैसे भी इनके बिना ही फील्ड ऑफिसर कार्य करते है । लेकिन आपके अधिकारी फाइल और शिकायत पर लीपापोती करते रहे और शिकायत से अभी तक नागरिकों के 2000 करोड़ रुपैये लूट लिए । अगर आप वास्तव में गंभीर है तो इस लूट को रोके और 90 प्रतिशत गाड़ियों को विभाग से withdrW कर ले , फील्ड इंस्पेक्टर और सुपरिंटेंडेंट एसोसिएशन आपको पहले ही चिट्ठी लिख चुका है । @cbic_india @FinMinIndia @nsitharaman @bstvlive @SuparnaSharma @RahulGandhi @khurpenchh @VivekGa54515036 #Austerity #petrol @cgstluckzone @DoPTGoI @PMOIndia @AmitShah #OrganisedLootInCBiC instagram.com/p/DYW5Vmjjxp1/…
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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
आप नागरिकों से अपील कर रहे है कि पेट्रोल डीजल का सोच समझकर इस्तेमाल करें । बिल्कुल अच्छी बात है । लेकिन ये सारे त्याग नागरिक के ऊपर और सारी मौज सरकारी उच्च अधिकारियों आईएएस आईपीएस आईआरएस को क्यों रहती है । आपको @narendramodi @nsitharaman 2018 से लगातार संगठन के माध्यम से करोड़ो रुपैये की IRS द्वारा संगठित सरकारी ऑपरेशनल गाड़ियों की लूट की शिकायत करी । जिसमें वार्षिक रूप से 200-300 करोड़ की लूट की जाती है । साथ में non- eligible IRS officers द्वारा TA भी सैलरी में लिया जाता है , इसको लीगल भाषा में “misappropriation of public funds” कहते है। हमने इस लूट के ख़िलाफ़ 500 ग्रुप बी ऑफ़िसर्स से साइन करा के भी शिकायत भेजी । यहाँ तक की एक इन्ही के कैडर के कमिश्नर ने publicly न्यूज़ पेपर और चैनल में बोला कि वार्षिक 200 करोड़ नागरिकों के पैसे लूट लिए जाते है । आज 7-8 वर्ष हो गए । मुझे नौकरी से निकाल दिया । लूट तो जारी है ठसक से लाल नीली बत्ती भी लगा ली जाती है । @dgovcbic आराम से सुरक्षित भ्रष्टाचार कराता है । अब सोचिए केवल शिकायत के बाद कितना लूट लिए गए करीब 2000 करोड़ । नागरिक तो उत्पादन करता है सेवा देता है फिर टैक्स भरता है । आईआरएस क्या करता है आराम करता है और टैक्स के पैसों को सीधा पी जाता है , बिना कोई उत्पादन के । तो नागरिकों को टैक्स चोर बोलने वाले तो डकैत जैसे है । आप पहले ये लूट रोकिए , फिर नागरिक को आह्वाहन कीजिए । आपके लाल किले के आह्वाहन के कारण हमने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज उठायी , whitslebolwer प्रोटेक्शन एक्ट में प्रोटेक्शन भी मांगा । मिला आईआरएस के द्वारा गैंग बना के मुझे नौकरी से निकालना । शास्त्री जी ख़ुद एक टाइम का खाना खाते थे तब नागरिकों से भूखे रहने को कहा था । @khurpenchh @VivekGa54515036 @Khurpench_ @cbic_india @cgstluckzone @aajtak @FinMinIndia @AmitShah @DoPTGoI @aajtak @RahulGandhi @yadavakhilesh @myogiadityanath @SuparnaSharma @newzhit @fpjindia
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Abhijat Srivastava@abhijatindia

ये गाड़ियों का खेल ही अजीब है । ये लूट है सीधे सीधे । नागरिकों को बेइज्जत करने और सामन्तवाद का प्रतिबिंब है । ये गाड़ी राजाओं के VVIP संस्कृति का भौंडा रूप है । आपको पता होना चाहिए चाहे वो राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार ये गाड़िया केवल आयुक्त स्तर के अधिकारियों के लिए होती है । और केवल विभागीय कार्यों के लिए अलॉट होती है । लेकिन ये विभागीय गाड़िया क़ब्ज़ा ली जाती है और एक दो गाड़िया अपने घर में अलग भेज दी जाती है । हमारे यहाँ @cbic_india में केवल आयुक्त स्तर के अधिकारी को स्टाफ व्हीकल मान्य है वो भी तभी जब वो अपनी सैलरी का यात्रा भत्ता छोड़े । लेकिन इन लोगो के लॉबी खुले आम लूट और गुंडई का कमाल देखिए । इन्होंने हर आईआरएस UPSC वाला को गाड़ी मिले चाहे वो एंट्री लेवल पर हो इतनी गाड़ी का प्लान बना रखा है । फिर इन गाड़ियों का टेंडर अपने ही लोगो को फर्जी ट्रक टैक्सी नंबर पर होता है । और फिर लक्ज़री गाड़िया प्राइवेट नंबर की वेंडर से लगवा ली जाती है । और आयुक्त स्तर के अधिकारी बड़ी बड़ी innova गाड़ियों की माँग वेंडर से करते है भले एक व्हीकल कम हो जाए । फिर ये सारे आईआरएस खुले आम ठसक से वाइट नंबर प्लेट की सरकार के गाड़ियों से मिज़ो वाहन की तरह चलते है । असिस्टेंट कमिश्नर से एडिशनल कमिश्नर तक होंगे नियमतः ये गाड़ियां अलॉट ही नहीं हो सकती वो लॉबी और गुंडई से क़ब्ज़ा लेते है । और ठसक से सैलरी का यात्रा भत्ता भी ले कर दोहरी मार करदाताओं के पैसे पर लगाते है । एक एक गाड़ी पर महीने का 40000-50000 रुपए की फ्री सुविधा ये गुंडई से लेते है । सारी विभाग की गाड़ियों को जोड़े तो ये सालाना 250-300 करोड़ टैक्स पेयर के पैसों की ऑर्गेनाइज्ड लूट करते है । हमारे संगठन ने @nsitharaman @PMOIndia @CVCIndia से @FinMinIndia तक सब जगह शिकायत करी सबूत दिए और ये लगातार 2018 से इनको हम चिट्ठी शिकायत लिख रहे है , लेकिन कुछ नहीं लॉबी की गुंडई है । ये iperational vehicle के नाम से लगती है यानी की हमारे निरीक्षक संगठन के मेंबर्स के नाम से । हम ख़ुद शिकायत कर रहे , हम कह रहे है हमें गाड़ी देते नहीं और हमें चाहिए नहीं । ५०० लोगो से सिग्नेचर करत के भेजा । यहाँ तक कि इनके वैसे के ही एक ईमानदार आयुक्त ने लिख के शिकायत करी की गाड़ियों से २५० करोड़ की विभाग को नुक़सान हो रहा । लेकी। ये लॉबी सब दबा पचा गई और अभी भी गुंडई से गाड़ियों का दुरुपयोग और संगठित लूट चालू है । इनके ऊपर कोई सीसीएस कंडक्ट रूल नहीं है क्योंकि यूपीएससी निकल के राजा बन के नियम से ऊपर हो चुके है । @narendramodi @khurpenchh @RahulGandhi @aiceia_lko @sgaiceia

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
@awdheshkmishra ख़ुद की जाँच ख़ुद ही करना है ।लोग भूल जाएँगे ।मुझे भी तो नौकरी से निकाल दिया । मैंने भी आईआरएस @cbic_india के संगठित लूट और भ्रष्टाचार तंत्र को लगातार एक्सपोज़ किया था ।
Abhijat Srivastava@abhijatindia

ख़ुद की ख़ुद ही जाँच और जाँच से पहले ख़ुद ही ख़ुद को क्लीन चिट दे देतें है । यहीं भारत की सामंतवादी नौकरशाही की हकीकत है । आप ये बताइए कि ACP से ले कर डीजीपी तक किस कैडर के ऑफिसर है? इनके पास विभाग के ऊपर राजाओं जैसी ताक़त है । ये सब so called और मीडिया declared बेस्ट brain भी है तो फिर आख़िर भारत की पुलिस इतनी भ्रष्ट , अजवाबदेह और असंवेदनशील क्यों है ? नेताओ के कारण तो ये सब वसूली , ट्रांसफर पोस्टिंग और कमाई नहीं चल रही है । उसकी तो कोई पॉवर नहीं है पुलिस बल के ऊपर । इसकी जड़ ये सामंतवादी अंग्रेज़ी व्यवस्था है । जिसमें सब ताक़त , संसाधन , प्रोन्नति , विजिलेंस , एडमिन काले अंग्रेजों के पास है बाक़ी नीचे वाले भारतीय केवल एक टूल मात्र है । जाँच निष्पक्ष करने के लिए नागरिक समूहों का आह्वाहन कीजिए ।

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
ख़ुद की जाँच ख़ुद ही करना है ।लोग भूल जाएँगे ।मुझे भी तो नौकरी से निकाल दिया । मैंने भी आईआरएस @cbic_india के संगठित लूट और भ्रष्टाचार तंत्र को लगातार एक्सपोज़ किया था । असलियत और तंत्र के संगठित भ्रष्टाचार की पोल केवल अंदर वाला ही बता सकता है कि कैसे सारे विभाग में आईएएस आईपीएस आईआरएस ने संगठित भ्रष्टाचार का जाल बना रखा है। सब कुछ इनके हाथ में है और सब मिल कर दबाते है पूरा गैंगिंग है । इसीलिए या तो सिस्टम में शामिल हो जाइए या ये अंग्रेज़ आपको मिल के प्रताड़ित करेंगे ।
Abhijat Srivastava@abhijatindia

ख़ुद की ख़ुद ही जाँच और जाँच से पहले ख़ुद ही ख़ुद को क्लीन चिट दे देतें है । यहीं भारत की सामंतवादी नौकरशाही की हकीकत है । आप ये बताइए कि ACP से ले कर डीजीपी तक किस कैडर के ऑफिसर है? इनके पास विभाग के ऊपर राजाओं जैसी ताक़त है । ये सब so called और मीडिया declared बेस्ट brain भी है तो फिर आख़िर भारत की पुलिस इतनी भ्रष्ट , अजवाबदेह और असंवेदनशील क्यों है ? नेताओ के कारण तो ये सब वसूली , ट्रांसफर पोस्टिंग और कमाई नहीं चल रही है । उसकी तो कोई पॉवर नहीं है पुलिस बल के ऊपर । इसकी जड़ ये सामंतवादी अंग्रेज़ी व्यवस्था है । जिसमें सब ताक़त , संसाधन , प्रोन्नति , विजिलेंस , एडमिन काले अंग्रेजों के पास है बाक़ी नीचे वाले भारतीय केवल एक टूल मात्र है । जाँच निष्पक्ष करने के लिए नागरिक समूहों का आह्वाहन कीजिए ।

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
ख़ुद की ख़ुद ही जाँच और जाँच से पहले ख़ुद ही ख़ुद को क्लीन चिट दे देतें है । यहीं भारत की सामंतवादी नौकरशाही की हकीकत है । आप ये बताइए कि ACP से ले कर डीजीपी तक किस कैडर के ऑफिसर है? इनके पास विभाग के ऊपर राजाओं जैसी ताक़त है । ये सब so called और मीडिया declared बेस्ट brain भी है तो फिर आख़िर भारत की पुलिस इतनी भ्रष्ट , अजवाबदेह और असंवेदनशील क्यों है ? नेताओ के कारण तो ये सब वसूली , ट्रांसफर पोस्टिंग और कमाई नहीं चल रही है । उसकी तो कोई पॉवर नहीं है पुलिस बल के ऊपर । इसकी जड़ ये सामंतवादी अंग्रेज़ी व्यवस्था है । जिसमें सब ताक़त , संसाधन , प्रोन्नति , विजिलेंस , एडमिन काले अंग्रेजों के पास है बाक़ी नीचे वाले भारतीय केवल एक टूल मात्र है । जाँच निष्पक्ष करने के लिए नागरिक समूहों का आह्वाहन कीजिए ।
Abhijat Srivastava@abhijatindia

जाँच पुलिस ना करे क्योंकि जाँच आईपीएस के ख़िलाफ़ है अपने ख़िलाफ़ या अपने सुपीरियर के ख़िलाफ़ जाँच कोई कैसे कर सकता है ? ऐसा है आप लखनऊ के नागरिकों को जो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रहे है को आमंत्रित करें और नागरिकों का समूह जाँच करें । @UPGovt @khurpenchh @myogiadityanath @Khurpench_ @dbabuadvocate

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
ये अप्रत्यक्ष कर भवन के आईआरएस अधिकारियों द्वारा अवैध लाल नीली बत्ती लगाने , वीवीआईपी संस्कृति पर माननीय उच्चतम न्यायालय , प्रधानमंत्री जी के निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए एवं व्यावसायिक गतिविधियों में निजी सफेद नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को चलाने (जबकि काग़ज़ पर दूसरी गाड़ी हायर की जाती है लेकिन वेंडर से सफेद नंबर प्लेट वाली लक्ज़री गाड़ी माँगी जाती है ) पर कार्यवाही कब करेंगे ? कि केवल आम नागरिकों पर चालान होंगे? नियम क़ानून केवल कमजोर नागरिकों पर कि आधुनिक भारत के इन सामंतों पर भी लगेगा ? खुलेआम ठसक से लाल नीली बत्ती लगा के चलने के पीछे मानसिकता क्या है ? और फिर अभी तक एक भी चालान क्यों नहीं हुआ ? तो क्या ये माना जाए कि लाल नीली बत्ती लगाने के बाद कोई नियम कानून लागू नहीं होता ? @cbic_india @FinMinIndia @narendramodi @PMOIndia @cgstluckzone @CGST_LUCKNOW @audit_cgst @Khurpenchhealth @khurpenchh @uptrafficpolice @lucknowtraffic @RahulGandhi @DoPTGoI
Abhijat Srivastava@abhijatindia

आईआरएस अधिकारी राजा, नागरिक कीड़ा मकौड़ा कोर्ट ने निर्देश दिया कि लाल नीली बत्ती की संस्कृति खत्म हो । प्रधानमंत्री Narendra Modi जी ने कितनी बार भाषणों में कहा कि VVIP संस्कृति भारत सरकार में खत्म है । लेकिन सुप्रीम कोर्ट , हाई कोर्ट , प्रधानमंत्री से ऊपर है एक IRS अधिकारी की ठसक । अंग्रेज अधिकारी की नागरिकों को दोयम दर्जे और कीड़ा मकौड़ा दिखाने की मानसिकता । यह मानसिकता है कि अगर आईआरएस बन गए तो अब सब नागरिक भिखारी और गुहारी है । यह क्या बिगाड़ सकते हैं इनका । अब इनकी ड्यूटी है इनपर राज करें , इनसे भ्रष्टाचार करके पैसे लूटे । आप देखिए शिकायत करी 2024 में तो नीली लाल बत्ती उतार ली । लेकिन नाम के लोकतंत्र में अंग्रेज राज करने की मानसिकता खत्म नहीं होती । तो फिर 2 3 कमिश्नर ने नागरिकों को उनकी औकात दिखाने के लिए लाल नीली बत्ती लगा ली । यह कल की तस्वीर है । यह खुलेआम ठसक से जा रहे हैं 2 3 कमिश्नर । सड़क पर लोग लोकतंत्र में इस प्रशासन के ताकत के नंगे नाच से डर रहे हैं । एक छोटी सी भूल हो जाए तो ट्रैफिक हवलदार ऑटो , ई रिक्शा , बाइक सवार , आम नागरिक , कार सवार का चालान काटता है या वसूली कर लेता है । लेकिन नियम तो केवल नागरिकों के लिए हैं । साहब नियम तोड़ेंगे तो यह भी पूजनीय है । इसीलिए ट्रैफिक पुलिस इनको सैल्यूट मारकर जाने देती होगी । @uptrafficpolice @lucknowtraffic एक तो ऐसे ही विभाग की सारी operational गाड़ियों को IRS गैंग ने निजी उपयोग के लिए क़ब्ज़ा कर रखा है । केवल कमिश्नर और उसके ऊपर के अधिकारी पात्र है लेकिन सहायक आयुक्त से अपर आयुक्त सबने इनोवा जैसी बड़ी गाड़ी क़ब्ज़ा रखी है और साथ में ट्रेवलिंग अलाउंस भी ले कर 200-300 करोड़ का सालाना लूट कर रहे है । कमिश्नर २-३ गाड़िया क़ब्ज़ा लेता है । प्राइवेट नंबर की गाड़िया लगा के आरटीओ और जीएसटी को चूना लगा रहे, ऊपर से वीआईपी भी दिखना है । यह लोकतंत्र है या सत्ता तंत्र । ऐसे अंग्रेज अधिकारी क्या पब्लिक सेवा कर सकते हैं , जिनको वीआईपी दिखने का नागरिकों को छोटा दिखाने का शौक है । बताइए @nsitharaman @FinMinIndia @cbic_india @PMOIndia @RahulGandhi @cgstluckzone @audit_cgst @CGST_LUCKNOW @khurpenchh @VivekGa54515036 ##EndVVIPCultureINCBIC #EndVVIPCulture #VIPCulture #AbolishVIPCulture #NoMoreVIP #EqualLawForAll #RuleOfLaw #TaxpayerRights #StopBureaucraticArrogance #PublicServantNotRuler #AccountabilityNow #SystemReform #CorruptionFreeIndia #AdministrativeReforms #PowerVsPeople #DemocracyOrAutocracy #JusticeForCitizens

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
जाँच पुलिस ना करे क्योंकि जाँच आईपीएस के ख़िलाफ़ है अपने ख़िलाफ़ या अपने सुपीरियर के ख़िलाफ़ जाँच कोई कैसे कर सकता है ? ऐसा है आप लखनऊ के नागरिकों को जो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रहे है को आमंत्रित करें और नागरिकों का समूह जाँच करें । @UPGovt @khurpenchh @myogiadityanath @Khurpench_ @dbabuadvocate
LUCKNOW POLICE@lkopolice

@dbabuadvocate @myogiadityanath

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
मैं ये कितनी बार कह चुका हूँ कि भ्रष्टाचार आईएएस आईपीएस आईआरएस द्वारा ही संरक्षित और पोषित है लेकिन लोग इनको हीरो बनाते रहते है जबकि एक भी कथित ईमानदार आईआरएस आईपीएस और आईएएस इस भ्रष्ट लॉबी और गैंग बना के ऑर्गेनाइज्ड लूट के ख़िलाफ़ एक शब्द नहीं बोलता है । नैरेटिव बनाते है की राजनेता अनपढ़ और भ्रष्ट है , जबकि पूरी भ्रष्ट व्यवस्था के सबसे बड़े लाभार्थी ये संस्था है जो भारत की इस स्थिति की जिम्मेदार है । ये इस अंग्रेजी नौकरशाही व्यवस्था को बदलने में सबसे बड़े रोड़ा है । अब इनको पूरी लॉबी इतना प्रताड़ित करेगी कि ये नौकरी से बाहर हो जाएँगे । @Khurpench_ @khurpenchh @VivekGa54515036 @narendramodi @PMOIndia
Abhijat Srivastava@abhijatindia

हमारे बारे में भी लिख दीजिए । जरूरी है के अल आईएएस आईपीएस के गुणगान किए जाए , जबकि ये तंत्र बदलने आईएएस आईपीएस सिस्टम और आंतरिक समाजवादी स्ट्रक्चर को बदलने का कभी काम नहीं करते ना बोलते है , ऊपर से नैरेटिव सेट करते फिल्मों लेख के माध्यम से कि नेता अनपढ़ और भ्रष्ट है । जबकि इनके जैसा ऑर्गेनाइज्ड लूट तंत्र कहीं नहीं है । पूरे देश में इस लॉबी ने लूट, शोषण और भ्रष्टाचार मचाया हुआ है । नेता तो फिर भी पाँच साल में जवाबदेह होता है ये तो कभी नहीं होते पूरी लॉबी है विजिलेंस जाँच सब इनके पास है । हमने जब इस सामंतवादी तंत्र और आईआरएस के संगठित लूट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई , आंतरिक कार्यप्रणाली में सुधार की बात की , ऐसे तंत्र के सुझाव दिए कि भ्रष्टाचार ख़ुद तंत्र ख़त्म करे ना कि individual पर डिपेंड हो , तो इनके गैंग ने मुझे नौकरी से निकाल दिया । आईएएस आईपीएस की कहानी सब ही सुना देते है । लेकिन इन असल भ्रष्ट सिस्टम के पहरेदारों से लड़ने वालों को कोई पूछता भी नहीं है , जिससे वास्तविक सुधार होगा ।

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
भारत की नौकरशाही ही भ्रष्टाचार और शोषण की असली जड़ है। आईएएस, आईपीएस, आईआरएस जैसे शक्तिशाली तंत्रों ने ऐसा सामंतवादी ढाँचा बना दिया है जहाँ ईमानदार आदमी के लिए टिकना मुश्किल हो जाता है। क्या इस देश का हर भारतीय बेईमान है? बिल्कुल नहीं। लेकिन व्यवस्था ऐसी बना दी गई है जहाँ फ़ायदा बेईमानी, सेटिंग और चुप रहने में है। जो थोड़ा भी आवाज़ उठाएगा, उसे कुचल दिया जाएगा। ये संगठित भ्रष्टाचार तंत्र क्या कोई एक नेता करवा रहा ? सरकारें बदलती रहती हैं लेकिन यह संरक्षित नौकरशाही तंत्र वैसा ही चलता रहता है। और सबसे बड़ी समस्या यह है कि जितने भी कथित “हीरो” आईएएस आईपीएस के बनाए गए हैं, ये कभी असली जड़ पर बात नहीं करेंगे। कभी आईएएस आईपीएस की गैंगिंग पर नहीं बोलेंगे। कभी उस सामंतवादी व्यवस्था पर नहीं बोलेंगे जो भ्रष्टाचार को जन्म देती है और फिर उसे सुरक्षा भी देती है। जनता को बस नेताओं को गाली देने में उलझाए रखो, लेकिन उस स्थायी भ्रष्ट अजवाबदेह अफ़सरशाही तंत्र पर सवाल मत उठने दो। अब इसी मामले को देख लीजिए। इतने गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जाँच होने की बजाय जाँच फिर एक अधीनस्थ अधिकारी को दे दी गई। मतलब आईपीएस की जाँच आईपीएस या अधीनस्थ करेगा। यही तो पूरी समस्या है। जब विजिलेंस, जाँच और जवाबदेही का पूरा तंत्र उसी लॉबी के नियंत्रण में हो जिसके ऊपर आरोप हैं, तो जाँच कहाँ से होगी ? फिर वही होगा जो हमेशा होता है, लॉबी अपने लोगों को बचाएगा, किसी छोटे आदमी को बलि का बकरा बना देगा और भ्रष्टाचार फलता फूलता रहेगा । यही संरक्षित तंत्र भ्रष्टाचार को मजबूत करता है। जब जाँच एजेंसियाँ और विजिलेंस स्वतंत्र न होकर उसी शक्ति संरचना के भीतर काम करें, तब भ्रष्टाचार अपवाद नहीं बल्कि व्यवस्था का स्वाभाविक परिणाम बन जाता है।
Abhijat Srivastava@abhijatindia

Cadre restructuring in CBIC is a perfect recipe for entrenched corruption, chronic inefficiency, and the systematic loot of taxpayer money. It is pure feudalism dressed up as administration. Citizens see daily headlines of officials caught with bribes worth hundreds of crores and wonder why corruption keeps rising. They are fed the myth that UPSC qualified officers are the brightest talent India produces. The reality is far uglier. The performance of Indian higher bureaucracy where they have all powerful posts and sit at the top of the hierarchy, does not match the tall claims. In truth, the UPSC system is not designed to allow real talent and domain expertise to evolve. It is a deliberate design. Policy making on human resources, internal functioning, and cadre control has become nothing but gang warfare by the top cadre to protect its own turf. Look at the current push in CBIC. Despite more than 3000 signatures from subordinate officers, multiple representations, letters from Members of Parliament, and even a writ petition demanding their participation in the cadre review committee, the IRS cadre remains determined to form a committee stacked exclusively with its own members. This is not about national interest or superior expertise in human resource management. It is about raw domination: controlling vigilance, administration, and all levers of power so that the gang stays protected while skimming hundreds of crores, cornering resources, and misappropriating funds. IRS officers enjoy facilities better than ministers by misappropriating departmental funds. They produce no original output, and operate with zero accountability. They have created a bloated ecosystem of redundant posts and fancy designations. The actual mind work and expert tasks such as assessment, audit, investigation, and adjudication are not done by IRS officers. These are pushed down to subordinate officers through their control and ganging over administration. The entire burden falls on taxpayers who fund this parasitic structure. This is textbook feudalism, reminiscent of British colonial rule. IRS officers act as the new rulers while subordinate staff are treated as tools to maintain the mess, enable corruption, and facilitate the looting of public resources. IRS officers are paid handsomely for quasi judicial functions, yet most cannot even draft their own orders or appeal orders. Subordinates do the heavy lifting, either to curry favour for better postings or out of sheer fear. To keep IRS officers above accountability and give them minimal work, CBIC has designed a system with no core assessment responsibilities for them, unlike Income Tax and State GST where workload is clearly distributed through monetary limits. There are revenue officers who do no scrutiny, audit, assessment, notice, or adjudication. They simply manage transfer and posting and earn their share. With powerful AI tools like ChatGPT and Claude now capable of handling audits and adjudication, work that capable Group B officers have long performed effectively, the higher bureaucracy has become even more redundant. This is the perfect moment to slash unnecessary layers in GST and Customs administration. Instead, we can expect proposals for exceeding 750 commissioners with minimal work but maximum opportunities for corruption and demand for ultra luxurious offices. “Why should taxpayers continue to foot the bill for this? In other nations, citizens pay for expertise and results. In India, we pay for feudalism, gangism, corruption, inefficiency, and a tag earned largely by memorising school level NCERT books up to 12th standard.” We urgently need an independent body, completely free from bureaucratic control, to modernise GST administration by taking into account the evolution of AI and the real needs of the system. #ReformCBIC #OrganisedLootInCBIC #AI #CISF @nsitharaman @FinMinIndia @DoPTGoI @narendramodi @PMOIndia @RahulGandhi @AmitShah @khurpenchh @VivekGa54515036

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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
यूपी पुलिस की 2000 रुपए की वसूली वाली पोल खोलता एक जांबाज़ सिपाही। क्यों भाई @Uppolice क्या करते हो यार ये सब तुम लोग???
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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
आईआरएस अधिकारी राजा, नागरिक कीड़ा मकौड़ा कोर्ट ने निर्देश दिया कि लाल नीली बत्ती की संस्कृति खत्म हो । प्रधानमंत्री Narendra Modi जी ने कितनी बार भाषणों में कहा कि VVIP संस्कृति भारत सरकार में खत्म है । लेकिन सुप्रीम कोर्ट , हाई कोर्ट , प्रधानमंत्री से ऊपर है एक IRS अधिकारी की ठसक । अंग्रेज अधिकारी की नागरिकों को दोयम दर्जे और कीड़ा मकौड़ा दिखाने की मानसिकता । यह मानसिकता है कि अगर आईआरएस बन गए तो अब सब नागरिक भिखारी और गुहारी है । यह क्या बिगाड़ सकते हैं इनका । अब इनकी ड्यूटी है इनपर राज करें , इनसे भ्रष्टाचार करके पैसे लूटे । आप देखिए शिकायत करी 2024 में तो नीली लाल बत्ती उतार ली । लेकिन नाम के लोकतंत्र में अंग्रेज राज करने की मानसिकता खत्म नहीं होती । तो फिर 2 3 कमिश्नर ने नागरिकों को उनकी औकात दिखाने के लिए लाल नीली बत्ती लगा ली । यह कल की तस्वीर है । यह खुलेआम ठसक से जा रहे हैं 2 3 कमिश्नर । सड़क पर लोग लोकतंत्र में इस प्रशासन के ताकत के नंगे नाच से डर रहे हैं । एक छोटी सी भूल हो जाए तो ट्रैफिक हवलदार ऑटो , ई रिक्शा , बाइक सवार , आम नागरिक , कार सवार का चालान काटता है या वसूली कर लेता है । लेकिन नियम तो केवल नागरिकों के लिए हैं । साहब नियम तोड़ेंगे तो यह भी पूजनीय है । इसीलिए ट्रैफिक पुलिस इनको सैल्यूट मारकर जाने देती होगी । @uptrafficpolice @lucknowtraffic एक तो ऐसे ही विभाग की सारी operational गाड़ियों को IRS गैंग ने निजी उपयोग के लिए क़ब्ज़ा कर रखा है । केवल कमिश्नर और उसके ऊपर के अधिकारी पात्र है लेकिन सहायक आयुक्त से अपर आयुक्त सबने इनोवा जैसी बड़ी गाड़ी क़ब्ज़ा रखी है और साथ में ट्रेवलिंग अलाउंस भी ले कर 200-300 करोड़ का सालाना लूट कर रहे है । कमिश्नर २-३ गाड़िया क़ब्ज़ा लेता है । प्राइवेट नंबर की गाड़िया लगा के आरटीओ और जीएसटी को चूना लगा रहे, ऊपर से वीआईपी भी दिखना है । यह लोकतंत्र है या सत्ता तंत्र । ऐसे अंग्रेज अधिकारी क्या पब्लिक सेवा कर सकते हैं , जिनको वीआईपी दिखने का नागरिकों को छोटा दिखाने का शौक है । बताइए @nsitharaman @FinMinIndia @cbic_india @PMOIndia @RahulGandhi @cgstluckzone @audit_cgst @CGST_LUCKNOW @khurpenchh @VivekGa54515036 ##EndVVIPCultureINCBIC #EndVVIPCulture #VIPCulture #AbolishVIPCulture #NoMoreVIP #EqualLawForAll #RuleOfLaw #TaxpayerRights #StopBureaucraticArrogance #PublicServantNotRuler #AccountabilityNow #SystemReform #CorruptionFreeIndia #AdministrativeReforms #PowerVsPeople #DemocracyOrAutocracy #JusticeForCitizens
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Abhijat Srivastava@abhijatindia

Who's shielding @IRS_CIT in @FinMinIndia? @narendramodi says every Indian is VIP, but Comm @CGST_LUCKNOW flaunt red-blue beacons & Ashok emblem on vehicle, defying laws. Is he fit for public service? @cbic_india @cgstluckzone, take note! #EndVVIPCulture @PIB_India @RahulGandhi

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Abhijat Srivastava
Abhijat Srivastava@abhijatindia·
Reminder-13 देखिए @meerutpolice ने जीएसटी फ्रॉड का खुलासा किया कि कैसे फ़र्ज़ी दस्तावेजों से रजिस्ट्रेशन ले कर करोड़ो की अवैध आईटीसी आगे ट्रांसफर की जाती है । और यक़ीन मानिए ये रैकेट @cbic_india विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में चलता है । बिल्कुल इसी तरह के विभाग @cgstluckzone के @AgraCgst मथुरा मंडल के सहायक आयुक्त ए पी सिंह जो लखनऊ जोन के मुख्य आयुक्त पी के कटियार द्वारा वरदान प्राप्त है के मिलीभगत से 10 करोड़ के आईटीसी को एक फेक फर्म द्वारा ट्रांसफर करने का खुलासा दस्तावेजों के साथ मैंने किया है । मेरठ का और मेरे द्वारा खुलासा किया गया केस में modus operandi समान है । एक फेक फर्म का जाली कागजातों से रजिस्ट्रेशन लिया जाता है । किस्मत से राज्य जीएसटी के अधिकारी उसका फिजिकल वेरिफिकेशन करते है और फर्म के कागजात को जाली और फर्म को अस्तित्वविहीन पाते है । क्योंकि फर्म केंद्र के प्राधिकार में थी तो विस्तृत रिपोर्ट के साथ चिट्ठी लिख कर मथुरा के सहायक आयुक्त ए पी सिंह को फर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का अनुरोध करते है । लेकिन ए पी सिंह फर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं करते और फर्म 10 करोड़ का आईटीसी ट्रांसफर कर देती है । तीन माह बाद जब इस गोरखधंधे की शिकायत होती है तो आनन फ़ानन में उसी दिन फर्म से रजिस्ट्रेशन अमेंड करने की एप्लीकेशन डलवा के उसे अप्रूव कर देते है । लेकिन शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों के दबाव में अप्रूव करने के पाँच दिन बाद फर्म कैंसिल करनी पड़ती है लेकिन तब तक १० करोड़ वो ट्रांसफर कर चुकी होती है । इतनी शिकायतों को बावजूद भी सहायक आयुक्त जो उच्च अधिकारियों के कमाऊ पूत है को मथुरा डिवीज़न की मलाईदार पोस्ट पर बरक़रार रखा जाता है । और कल एक और खबर भी आई है जिसमें ये बताया गया है कि मथुरा का एक ट्रांसपोर्टर प्रदेश में जीएसटी चोरी का मास्टरमाइंड है । भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से जीएसटी में सैकड़ो करोड़ो रुपैये की चोरी हो रही है और @FinMinIndia , @IRS_CIT के लॉबी के सामने असहाय प्रतीत होती है । क्योंकि कोई एक्शन होता ही नहीं है । चीफ कमिश्नर पी के कटियार का नाम हर बड़े घोटाले के आस पास रहा लेकिन उनपर ना जांच हुई ना कार्यवाही । कमाऊ पूत सहायक आयुक्त मथुरा में उनके वरदान से कायम है । @cbic_india @FinMinIndia @dgovcbic आख़िर आप लोग कब तक नागरिकों को लूटने पर आँखे बंद किए रहोगे ? @nsitharaman @narendramodi जी कृपया भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही कराइए । आख़िर किससे शिकायत करें कि भ्रष्टाचारियों की सज़ा मिलेगी ? 12 तो रिमाइंडर हो गए सब सो रहे है । @CBIHeadquarters द्वारा निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जाँच अनिवार्य है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ IRS अधिकारी आज भी एक-दूसरे को बचाकर देश का राजस्व लुटवा रहे हैं। @narendramodi @PMOIndia @FinMinIndia @nsitharaman @cbic_india @dgovcbic @CBIHeadquarters @DoPTGoI @CVCIndia @DrJitendraSingh @khurpenchh @VivekGa54515036 @Shiksha4all #OrganisedCorruptionInCBIC #CORRUPTION #Jhansi #Agra #Lucknow @wintrackinc @AgraCgst @cgstluckzone @AmarUjalaNews @aajtak @AajtakUp
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Abhijat Srivastava@abhijatindia

Reminder-12 देखिए @meerutpolice ने जीएसटी फ्रॉड का खुलासा किया कि कैसे फ़र्ज़ी दस्तावेजों से रजिस्ट्रेशन ले कर करोड़ो की अवैध आईटीसी आगे ट्रांसफर की जाती है । और यक़ीन मानिए ये रैकेट @cbic_india विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में चलता है । बिल्कुल इसी तरह के विभाग @cgstluckzone के @AgraCgst मथुरा मंडल के सहायक आयुक्त ए पी सिंह जो लखनऊ जोन के मुख्य आयुक्त पी के कटियार द्वारा वरदान प्राप्त है के मिलीभगत से 10 करोड़ के आईटीसी को एक फेक फर्म द्वारा ट्रांसफर करने का खुलासा दस्तावेजों के साथ मैंने किया है । मेरठ का और मेरे द्वारा खुलासा किया गया केस में modus operandi समान है । एक फेक फर्म का जाली कागजातों से रजिस्ट्रेशन लिया जाता है । किस्मत से राज्य जीएसटी के अधिकारी उसका फिजिकल वेरिफिकेशन करते है और फर्म के कागजात को जाली और फर्म को अस्तित्वविहीन पाते है । क्योंकि फर्म केंद्र के प्राधिकार में थी तो विस्तृत रिपोर्ट के साथ चिट्ठी लिख कर मथुरा के सहायक आयुक्त ए पी सिंह को फर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का अनुरोध करते है । लेकिन ए पी सिंह फर्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं करते और फर्म 10 करोड़ का आईटीसी ट्रांसफर कर देती है । तीन माह बाद जब इस गोरखधंधे की शिकायत होती है तो आनन फ़ानन में उसी दिन फर्म से रजिस्ट्रेशन अमेंड करने की एप्लीकेशन डलवा के उसे अप्रूव कर देते है । लेकिन शिकायत के बाद उच्च अधिकारियों के दबाव में अप्रूव करने के पाँच दिन बाद फर्म कैंसिल करनी पड़ती है लेकिन तब तक १० करोड़ वो ट्रांसफर कर चुकी होती है । इतनी शिकायतों को बावजूद भी सहायक आयुक्त जो उच्च अधिकारियों के कमाऊ पूत है को मथुरा डिवीज़न की मलाईदार पोस्ट पर बरक़रार रखा जाता है । और कल एक और खबर भी आई है जिसमें ये बताया गया है कि मथुरा का एक ट्रांसपोर्टर प्रदेश में जीएसटी चोरी का मास्टरमाइंड है । भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत से जीएसटी में सैकड़ो करोड़ो रुपैये की चोरी हो रही है और @FinMinIndia , @IRS_CIT के लॉबी के सामने असहाय प्रतीत होती है । क्योंकि कोई एक्शन होता ही नहीं है । चीफ कमिश्नर पी के कटियार का नाम हर बड़े घोटाले के आस पास रहा लेकिन उनपर ना जांच हुई ना कार्यवाही । कमाऊ पूत सहायक आयुक्त मथुरा में उनके वरदान से कायम है । @cbic_india @FinMinIndia @dgovcbic आख़िर आप लोग कब तक नागरिकों को लूटने पर आँखे बंद किए रहोगे ? @nsitharaman @narendramodi जी कृपया भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्यवाही कराइए । आख़िर किससे शिकायत करें कि भ्रष्टाचारियों की सज़ा मिलेगी ? 12 तो रिमाइंडर हो गए सब सो रहे है । @CBIHeadquarters द्वारा निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जाँच अनिवार्य है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ IRS अधिकारी आज भी एक-दूसरे को बचाकर देश का राजस्व लुटवा रहे हैं। @narendramodi @PMOIndia @FinMinIndia @nsitharaman @cbic_india @dgovcbic @CBIHeadquarters @DoPTGoI @CVCIndia @DrJitendraSingh @khurpenchh @VivekGa54515036 @Shiksha4all #OrganisedCorruptionInCBIC #CORRUPTION #Jhansi #Agra #Lucknow @wintrackinc @AgraCgst @cgstluckzone @AmarUjalaNews @aajtak @AajtakUp

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Inspector(C & IT)Association Lucknow Circle
We have been fighting since 2016. GST was seen as an opportunity to dismantle the IRS group control over administration and vigilance, which lies at the root of corruption in @cbic_india. It is deeply disappointing that despite numerous representations and over 3000 officers supporting this demand, the working group has once again been formed exclusively with IRS officers. Where is the space for broader participation? Our effort has always been for the betterment of the system and taxpayers, not for creating unnecessary designations or reinforcing the dominance of a single cadre. This system perpetuates corruption and punishes integrity and honesty. Why should it not be reformed? Citizens deserve a system that rewards integrity and holds corruption and non performance accountable. @nsitharamanoffc @FinMinIndia @cbic_india @dghrd_cbic @PMOIndia @narendramodi @khurpenchh @DoPTGoI
Abhijat Srivastava@abhijatindia

Cadre restructuring in CBIC is a perfect recipe for entrenched corruption, chronic inefficiency, and the systematic loot of taxpayer money. It is pure feudalism dressed up as administration. Citizens see daily headlines of officials caught with bribes worth hundreds of crores and wonder why corruption keeps rising. They are fed the myth that UPSC qualified officers are the brightest talent India produces. The reality is far uglier. The performance of Indian higher bureaucracy where they have all powerful posts and sit at the top of the hierarchy, does not match the tall claims. In truth, the UPSC system is not designed to allow real talent and domain expertise to evolve. It is a deliberate design. Policy making on human resources, internal functioning, and cadre control has become nothing but gang warfare by the top cadre to protect its own turf. Look at the current push in CBIC. Despite more than 3000 signatures from subordinate officers, multiple representations, letters from Members of Parliament, and even a writ petition demanding their participation in the cadre review committee, the IRS cadre remains determined to form a committee stacked exclusively with its own members. This is not about national interest or superior expertise in human resource management. It is about raw domination: controlling vigilance, administration, and all levers of power so that the gang stays protected while skimming hundreds of crores, cornering resources, and misappropriating funds. IRS officers enjoy facilities better than ministers by misappropriating departmental funds. They produce no original output, and operate with zero accountability. They have created a bloated ecosystem of redundant posts and fancy designations. The actual mind work and expert tasks such as assessment, audit, investigation, and adjudication are not done by IRS officers. These are pushed down to subordinate officers through their control and ganging over administration. The entire burden falls on taxpayers who fund this parasitic structure. This is textbook feudalism, reminiscent of British colonial rule. IRS officers act as the new rulers while subordinate staff are treated as tools to maintain the mess, enable corruption, and facilitate the looting of public resources. IRS officers are paid handsomely for quasi judicial functions, yet most cannot even draft their own orders or appeal orders. Subordinates do the heavy lifting, either to curry favour for better postings or out of sheer fear. To keep IRS officers above accountability and give them minimal work, CBIC has designed a system with no core assessment responsibilities for them, unlike Income Tax and State GST where workload is clearly distributed through monetary limits. There are revenue officers who do no scrutiny, audit, assessment, notice, or adjudication. They simply manage transfer and posting and earn their share. With powerful AI tools like ChatGPT and Claude now capable of handling audits and adjudication, work that capable Group B officers have long performed effectively, the higher bureaucracy has become even more redundant. This is the perfect moment to slash unnecessary layers in GST and Customs administration. Instead, we can expect proposals for exceeding 750 commissioners with minimal work but maximum opportunities for corruption and demand for ultra luxurious offices. “Why should taxpayers continue to foot the bill for this? In other nations, citizens pay for expertise and results. In India, we pay for feudalism, gangism, corruption, inefficiency, and a tag earned largely by memorising school level NCERT books up to 12th standard.” We urgently need an independent body, completely free from bureaucratic control, to modernise GST administration by taking into account the evolution of AI and the real needs of the system. #ReformCBIC #OrganisedLootInCBIC #AI #CISF @nsitharaman @FinMinIndia @DoPTGoI @narendramodi @PMOIndia @RahulGandhi @AmitShah @khurpenchh @VivekGa54515036

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Rashtra Rakshak Samooh
Rashtra Rakshak Samooh@RakshakSamooh·
ये आईआरएस मिल के फिर से टैक्सपेयर्स को लूटने के लिए सिस्टम बना रहे हैं । DGOV इनका काम कुछ नहीं , सैकड़ो कमिश्नर । आख़िर हम क्यों इनका खर्च उठाये ये तो गुंडई है ? @cbic_india @nsitharaman @FinMinIndia @narendramodi @PMOIndia @mppchaudhary
Abhijat Srivastava@abhijatindia

Cadre restructuring in CBIC is a perfect recipe for entrenched corruption, chronic inefficiency, and the systematic loot of taxpayer money. It is pure feudalism dressed up as administration. Citizens see daily headlines of officials caught with bribes worth hundreds of crores and wonder why corruption keeps rising. They are fed the myth that UPSC qualified officers are the brightest talent India produces. The reality is far uglier. The performance of Indian higher bureaucracy where they have all powerful posts and sit at the top of the hierarchy, does not match the tall claims. In truth, the UPSC system is not designed to allow real talent and domain expertise to evolve. It is a deliberate design. Policy making on human resources, internal functioning, and cadre control has become nothing but gang warfare by the top cadre to protect its own turf. Look at the current push in CBIC. Despite more than 3000 signatures from subordinate officers, multiple representations, letters from Members of Parliament, and even a writ petition demanding their participation in the cadre review committee, the IRS cadre remains determined to form a committee stacked exclusively with its own members. This is not about national interest or superior expertise in human resource management. It is about raw domination: controlling vigilance, administration, and all levers of power so that the gang stays protected while skimming hundreds of crores, cornering resources, and misappropriating funds. IRS officers enjoy facilities better than ministers by misappropriating departmental funds. They produce no original output, and operate with zero accountability. They have created a bloated ecosystem of redundant posts and fancy designations. The actual mind work and expert tasks such as assessment, audit, investigation, and adjudication are not done by IRS officers. These are pushed down to subordinate officers through their control and ganging over administration. The entire burden falls on taxpayers who fund this parasitic structure. This is textbook feudalism, reminiscent of British colonial rule. IRS officers act as the new rulers while subordinate staff are treated as tools to maintain the mess, enable corruption, and facilitate the looting of public resources. IRS officers are paid handsomely for quasi judicial functions, yet most cannot even draft their own orders or appeal orders. Subordinates do the heavy lifting, either to curry favour for better postings or out of sheer fear. To keep IRS officers above accountability and give them minimal work, CBIC has designed a system with no core assessment responsibilities for them, unlike Income Tax and State GST where workload is clearly distributed through monetary limits. There are revenue officers who do no scrutiny, audit, assessment, notice, or adjudication. They simply manage transfer and posting and earn their share. With powerful AI tools like ChatGPT and Claude now capable of handling audits and adjudication, work that capable Group B officers have long performed effectively, the higher bureaucracy has become even more redundant. This is the perfect moment to slash unnecessary layers in GST and Customs administration. Instead, we can expect proposals for exceeding 750 commissioners with minimal work but maximum opportunities for corruption and demand for ultra luxurious offices. “Why should taxpayers continue to foot the bill for this? In other nations, citizens pay for expertise and results. In India, we pay for feudalism, gangism, corruption, inefficiency, and a tag earned largely by memorising school level NCERT books up to 12th standard.” We urgently need an independent body, completely free from bureaucratic control, to modernise GST administration by taking into account the evolution of AI and the real needs of the system. #ReformCBIC #OrganisedLootInCBIC #AI #CISF @nsitharaman @FinMinIndia @DoPTGoI @narendramodi @PMOIndia @RahulGandhi @AmitShah @khurpenchh @VivekGa54515036

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