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Govind Singh Sultana
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Govind Singh Sultana
@s89691858
@govindsinghsultana
Katılım Ağustos 2024
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आज दादू दयाल जी की तपोस्थली भैराणा धाम में पावन भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के विरोध एवं सनातन धर्म की रक्षा हेतु संत समाज द्वारा किए जा रहे “भूमि रक्षा आंदोलन” में संतों के आग्रह पर सम्मिलित होने का निमंत्रण प्राप्त हुआ।
किन्तु गत तीन सप्ताह से गिरल में स्थानीय मजदूर भाइयों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में निरंतर व्यस्त रहने के कारण स्वयं उपस्थित नहीं हो पाऊँगा।
मैं समस्त प्रदेशवासियों से विनम्र अपील करता हूँ कि आप सभी इस पुण्य कार्य में सहभागी बनकर सनातन की रक्षा एवं संत समाज के समर्थन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
धर्म, संस्कृति और संत परंपरा की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है।

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बाड़मेर के गिरल में चल रहे धरने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने क्या कहा सुनिए..!!! @ashokgehlot51 @8PMnoCM
#Jodhpur
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#गिरल मजदूर आंदोलन की धरातलीय हकीकत सुने...
कुछ कथित मीडिया वालों ने हकीकत को छुपा के बिना तथ्यों की खबरे फैलाने का प्रयास किया ! लेकिन ये वीडियो आपको इस आंदोलन की हर एक जानकारी वो भी स्पष्टीकरण के तौर पर तथ्यों सहित @RavindraBhati__
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गिरल मजदूर आंदोलन की धरातलीय सच्चाई वो भी फैक्ट के साथ।
इस 9 मिनट के वीडियो को एक बार सभी लोग देखें(विशेष करके बोलतिए) और आगे शेयर करें ताकि सारी सच्चाई सामने आ सके !
कुछ कथित मीडिया वालों ने हकीकत को छुपा के बिना तथ्यों की खबरे फैलाने का प्रयास किया !
लेकिन ये वीडियो आपको इस आंदोलन की हर एक जानकारी वो भी स्पष्टीकरण के तौर पर तथ्यों सहित !
@RavindraBhati__
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रविंद्र सिंह भाटी के पीछे पड़ गए … 😊✨
एक बुजुर्ग आदमी ने कहा वह काबिले-तारीफ है
@RavindraBhati__ #RavindraSinghBhati
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नेता मुंआ जनता रूली (नेता मर गए और जनता बेसहारा हो गई )
बाड़मेर जिले के गेहूं गांव में कचरा निवारण केंद्र लगाया गया था जो कि वर्तमान में कचरा संग्रहण केंद्र बन गया है कचरे से फैली बीमारियों ने गांव के घरों में घर कर दिया है और वर्तमान में गेहूं गांव में एक घर ऐसा नहीं जहां कोई बीमारी से पीड़ित नहीं हो गेहूं गांव की शहर से दूरी मात्र 4 km है लेकिन समस्याओं के समाधान से कई किलोमीटर दूर है ये गांव बाड़मेर से @DrPriyankaBMR विधायिका है
@BarmerDm @RajCMO @UmmedaRamBaytu
@RavindraBhati__
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अब कैसे लो गे लेटर no ओर नाम भी दे रखा है कर लो क्रेडिट चोरी, कान्हा है पावर सेंटर?
#भाटी_मतलब_भरोसा
@9noHall @RavindraBhati__

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20 साल तक खींवसर की जनता को बड़े-बड़े भाषणों और संघर्ष की कहानियों में उलझाकर रखा गया।
आज खींवसर और नागौर की जनता खुद कह रही है कि जिन मूलभूत समस्याओं का समाधान होना चाहिए था, वे आज भी जस की तस खड़ी हैं।
जो नेता अपने क्षेत्र से पानी की समस्या दूर नहीं कर पाया, टूटी हुई सड़कें ठीक नहीं कर पाया और हर घर तक बिजली नहीं पहुँचा पाया, वह पूरे राजस्थान की लड़ाई लड़ने के दावे करता है।
मंचों पर भाषण ऐसे दिए जाते हैं मानो राजस्थान में सबसे ज्यादा संघर्ष इन्होंने ही किया हो, लेकिन जनता पूछ रही है —
“20 साल में खींवसर को आखिर मिला क्या?”
राजनीति में कभी कांग्रेस का सहारा लिया गया, कभी भाजपा का।
और आज खुद को अकेला योद्धा बताया जाता है।
जनता अब समझ चुकी है कि बिना गठबंधन के अपने दम पर बड़ी जीत हासिल करना कितना मुश्किल रहा है।
धरने, प्रदर्शन और जातिगत राजनीति को ही उपलब्धि बताकर जनता को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
हर मुद्दे को सिर्फ अपनी जाति तक सीमित रखकर राजनीति करने का आरोप भी लगातार लगता रहा है।
अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पूरे राजस्थान का नेतृत्व केवल एक जाति के सहारे संभव है?
यह भी कई बार सुनने में आया कि खुद उनके समर्थकों के व्यवहार से वे परेशान रहे हैं।
इसके बावजूद मंचों से बड़ी-बड़ी बातें और मुख्यमंत्री बनने के सपने लगातार दिखाए जाते रहे।
जनता का कहना है कि मजदूरों और गरीबों के हकों की रक्षा करने के बजाय अपने करीबी लोगों को आगे बढ़ाने की राजनीति की गई।
लेकिन अब खींवसर की जनता पहले जैसी नहीं रही।
इस बार जनता ने साफ संकेत दे दिया कि केवल भाषणों, नारों और जातिगत समीकरणों से नहीं, बल्कि विकास और काम के आधार पर राजनीति चलेगी।
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गिरल मजदूर आंदोलन की लपटें अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि पूरे देश में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है।
देश के युवाओं से जब इस विषय पर प्रश्न किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। आज रविन्द्र सिंह भाटी का नाम जन-जन की जुबान पर है, क्योंकि उन्होंने अपनी जनता के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करने का साहस दिखाया है।
यदि भारतीय जनता पार्टी समय रहते जनता की भावनाओं और युवाओं के आक्रोश को नहीं समझती, तो आने वाले चुनावों में राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में उसे भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
@BJP4Rajasthan @RavindraBhati__ @BJP4India @PMOIndia
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तेजल मीडिया के पत्रकार महोदय ने #गिरल_रोजगार_आंदोलन को अभी तक कवर नहीं किया है जानकार इसका कारण बताने का कष्ट करे
@TheTejalMediaIN
@RavindraBhati__

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पत्थर को भी करदे पानी
जय भवानी जय भवानी 🙏
शिव विधायक @RavindraBhati__ जी
ने ग्रह मंत्री अमित शाह को मजदूरों के खून से पत्र लिखा |
#मजदूर_आन्दोलन_जनसभा
#ravindrasinghbhati
#गिरल_रोजगार_आंदोलन
@RavindraBhati__

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