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राजपूत सवित सिंह
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राजपूत सवित सिंह
@Savit12
विरासत से तय नही होंगे सियासत के फैसले, उड़ान तय करेगी कि ये आसमान किसका है..🚩🚩
भारत Katılım Ocak 2012
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@Savit12 @AnupamNawada @pkmishra0 यह बातें बिल्कुल सही है, बीजेपी जीत तो रही है मगर लेफ्ट में जान भी फूक रही है।
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BJP फलता विधानसभा उपचुनाव जीत रही है। पश्चि बंगाल का डायमंड हार्बर अबतक बनर्जी परिवार का गढ़ था, भाजपा ने इस गढ़ को भीतर तक भेद दिया है।
पहले जहाँगीर ख़ान जैसे गुंडे का पीछे हटना और फिर भाजपा उम्मीदवार देवांग्शु पांडा का चुनाव जीतना - भद्रलोक आधिकारिक रूप से अब भाजपा के पक्ष में जाता हुआ दिख रहा है। बंगाल के ग्रामीण इलाक़ों व आमजनों से भी अधिक महत्वपूर्ण है भद्रलोक का पाला बदलना।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे अधिक बेइज़्ज़ती वाली बात यह है कि TMC इस उपचुनाव में चौथे नंबर पर खिसक गई है।
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अखिलेश यादव जी, आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं… हम नहीं। हमारी इसी फोटो को लेकर आपके उज्जड्ड ट्रोलर लोग हमारी हंसी उड़ा रहे हैं, हमें हमारी औकात बता रहे हैं...
ये जान लीजिए कि हमारी ये फोटो ही हमारा अभिमान है, हमारी आन-बान-शान है... हमारे संघर्ष के दिनों की न जाने कितनी यादें बसी हैं इसमें। हमारा संघर्ष आज भी जारी है...
छोड़िए... आपके समझ में नहीं आएगी बात...क्योंकि आपको विरासत में बड़ी-बड़ी गाड़ी, लॉन में टहलाते कुत्ते, विदेश में पढ़ाई, सत्ता का पॉवर, पहले से तैयार मुख्यमंत्री की गद्दी मिली है। जिसे आपने गद्दी मिलने के बाद बस केवल ट्विटर, एसी और पीसी वाली राजनीति में बदल दिया है। इसीलिए आपको ऑटो-रिक्शा चलाने वाले, ठेला-पटरी वाले, गरीब आदमी हंसी के पात्र लगते होंगे।
उड़ा लीजिए गरीबी का मजाक... और खूब उड़ भी लीजिए सातों आसमान तक... बस ये बात गांठ बांध लीजिए कि 2027 में यही टैम्पो, रिक्शा, ठेला और खोमचा वाले मिलके आपकी 2011 वाली विदेशी साइकिल को 2017 की तरह पलटेंगे भी और कचरेंगे भी...
@yadavakhilesh जी जब ये ओम प्रकाश राजभर गांव-गांव घूम कर अति पिछड़ा, दलित, वंचित की आवाज उठा रहा था...लाठी खा रहा था... गरीबों के हक की लड़ाई लड़ रहा था, तब आप अपने पावरफुल पिता जी के धन पर विदेश घूम रहे थे। आप लिखे और पढ़े हो सकते हैं लेकिन संस्कारी नहीं हैं। यही वजह है कि आप अपने पिता का अपमान कर राजनीति में आए और सत्ता हासिल की।
वहीं हमारे पिता जी ने हमें गरीबी में पाला है, लेकिन हम आपकी तरह अपने पिता जी का अपमान करके नहीं, बल्कि उनका आशीर्वाद लेकर राजनीति में आए हैं। हम अपने समाज के दर्द से निकले हुए हैं...।
राजनीति हमारे लिए ट्विटर, एसी और पीसी नहीं है।
45 डिग्री की तपती दोपहरी में गांव की पगडंडियों पर चलकर जनता का दुख सुनना ही हमारी राजनीति है।
आपके लिए राजनीति 'ड्रामा' होगी… हमारे लिए संघर्ष है।
बचपन से आप सत्ता की गोद में खेले-कूदे हैं... हमने होश संभालने के साथ ही जिम्मेदारियां निभाई हैं, कभी ऑटो रिक्शे का हैंडल थामा, तो कभी आंदोलन का झंडा।
याद रखिए शाहे बेखबर… जिस आदमी ने गरीबी, भूख, अपमान और संघर्ष को करीब से देखा हो, उसे सोशल मीडिया की हवा से डराया नहीं जा सकता।
ओम प्रकाश राजभर सत्ता में पद पाने के लिए नहीं, अति पिछड़ा समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े आदमी की आवाज को ताकत देने के लिए राजनीति करता है।

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#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
इस हैशटैग से रिलेटेड तीसरा वीडियो जारी हो चुका है ।
जिसमें पुलिस बच्चों को मैनेज करती हुई दिखाई दे रही है
और तो और यह परीक्षा के बीच का वीडियो है जिस समय परीक्षा चल रही है
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जहां सडकों पर जानवर काट सको ऐसा देश तो पहले ही ले चुके हो चुस्लाम के नाम पर, अब यहाँ क्या बस जलील होने के लिए रह रहे हो? किराएदारों और घुसपैठियों को अधिकार नहीं मिलने चाहिए वरना साले 1947 की तरह नकली रजिस्ट्री करवा लेते हैं।
Arfa Khanum Sherwani@khanumarfa
Imagine a country with one of the world’s largest Muslim populations, where Muslims have lived for centuries, yet the state treats their second biggest festival like something alien. As Eid Ul Azha approaches, my timeline is flooded with communal targeting of Muslims by both state and non state actors. What should be a time of celebration is being turned into a spectacle of fear and humiliation for 200 million Indians.
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@umashankarsingh @navin_kumar_2 देश हित में वामपंथी भी खरीद सकते हैं
Oh sorry वो तो खुद बीड़ी मांग कर पीते हैं
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