Udityaz Bhartiya

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@udityaz563

Katılım Şubat 2026
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इन्दरसिंह परमार@Indersinghsjp

अल्पायु में ही हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लेकर आजीवन धर्मध्वजरक्षा के लिए कृतसंकल्पित रहने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज जी ने राष्ट्र के कण-कण में स्वधर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए जीने-मरने की अमर जिजीविषा जागृत की। उन्होंने हर वर्ग को संगठित कर एक ऐसी विशाल सेना का निर्माण किया, जिसका ध्येय ही राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा था। उनकी जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और अकल्पनीय रणनीति इतिहास में बिरले ही दिखाई देते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उनका वंदन करता हूँ।

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Dr Gautam Tetwal@gautamtetwalbjp

इस सौगात के लिए माननीय श्री @AshwiniVaishnaw जी, केंद्रीय रेल मंत्री एवं मण्डल रेल प्रबंधक, पश्चिम मध्य रेल, भोपाल का हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूँ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री पंकज पालीवाल, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री निलेश वर्मा...

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इन्दरसिंह परमार@Indersinghsjp

विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा "कर्मयोगी बने" मिशन। आज भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में, यशस्वी मुख्‍यमंत्री माननीय @DrMohanYadav51 जी के मुख्‍य आत‍िथ्‍य में, "कर्मयोगी बनें" को लेकर आयोजित सर्वोच्च परामर्शदायी समिति की एक दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता कर, व्यक्तित्व में उत्तरदायी स्वभाव के लिए कार्य-संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता के आलोक में अपने विचार व्यक्त किए। यह एकदिवसीय कार्यशाला, उच्च शिक्षा विभाग एवं यूनाइटेड कांशियसनेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, हमारा मूल ध्येय है। विद्यार्थियों के समग्र विकास की दृष्टि से यह मंथन हुआ है। विद्यार्थियों को केवल विषय में पारंगत नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण एवं संवदेनशील नागरिक बनाना, हमारा उद्देश्य है। इस कार्यशाला में विचार-मंथन से निकला निष्कर्ष, प्रतिभागियों को कर्मयोगी बनने की प्रेरणा देगा और इससे प्राप्त ‘अमृत’ राष्ट्र निर्माण में उपयोगी सिद्ध होगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली की कुलगुरु प्रो. शांतिधुलि पंडित, भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग (मानव संसाधन) सदस्य प्रो. आर बाला सुब्रमण्यम, वैश्विक शिक्षाविद एवं संयोजक यूनाइटेड कॉन्शियसनेस डॉ विक्रांत तोमर सहित वर्चुअल रूप से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) बेंगलुरू के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु, कुलसचिव, शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं अन्य शिक्षाविद उपस्थित थे।

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