D.N.Ram
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साल 2018 में जब बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा हुई थी, तब रवीश कुमार ने कहा, "बंगाल के हर चुनाव में "हिंसा" एक स्थाई तत्व बनता जा रहा है। आखिर चुनाव आयोग क्या कर रहा है, क्यों नहीं हिंसा रोकने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है, क्यों सिर्फ 60000 जवानों की ही तैनाती की गई, क्यों नहीं और ज्यादा तैयारी की गई, ताकि पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्वक हो सकें।"
साल 2026 में जब पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने पैरामिलिट्री फोर्सेस की तैनाती की, तो यही रवीश कुमार कहते हैं, "क्यों इतनी ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है?"
समय के साथ विचार बदलते हैं। आपने सिद्ध कर दिया है।
ठीक वैसे ही, जैसे ममता बनर्जी विपक्ष में रहकर जिन बातों का विरोध करती थीं, आज घनघोर तरीके से सपोर्ट कर रही हैं।
@SinghS1975 दादा ये भी यू ट्यूब वाले पत्रकार है।
#BengalElection
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कभी कांग्रेस ने पूरे देश में सुब्रमण्यम स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराए थे....!!
सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में एप्लीकेशन लगाकर रिक्वेस्ट किया कि ....
"मेरे विरुद्ध दर्ज किए गए सारे मुकदमों का मैं 'सामना' करना चाहता हूं, इसलिए न्याय हित में सारे मुकदमों की 'बंच' बनाकर किसी एक जगह सुनवाई करवा ली जाए।"
सुप्रीम कोर्ट ने सारे मुकदमों को एक जगह सुने जाने के आदेश पारित कर दिए
कोर्ट में पहले दिन सुब्रमण्यम स्वामी ने एप्लीकेशन लगाई कि..
"सोनिया गांधी को बुलाया जाए, मैं cross-examination करना चाहता हूं !"
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उसके बाद तुरंत.. सुब्रमण्यम स्वामी के विरुद्ध दर्ज कराए गए सारे मुकदमे धड़ाधड़ वापस ले लिए गए।
सोनिया से cross-examination के नाम पर पूरी कांग्रेश थरथरा गई थी....!!
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अब आप समझ ही सकते है कि पप्पू ओर उसकी मम्मी आमने सामने डिबेट के नाम पर कितना डरते है,
ओर दूसरी तरफ पप्पू है जो मोदी को चैलेंज दिया करता है कि मोदी मेरे आगे बैठ नहीं सकते अरे नासमझ एक बार तेरी पार्टी के दिग्विजय सिंह बैठ गया था मोदी के सामने हलक का पानी सुख गया था,
सोच मोदी तेरी क्या हालत करेगा......!



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@Akhand_Bharat_S संजीवनी प्रसंग में जब हनुमान जी नटोला पकड़े तब पता चला यह कालनेमि है
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आप सोच रहे होंगे ये भीड़ कहाँ जा रही है…
अब Gautam Khattar को तो जानते ही होंगे, जिन्हें Goa Police ने Arrest कर लिया है। उन्होंने St. Xavier का वो काला सच सामने रखा, जिसे सालों से छुपाया गया था।
इतिहास के उस दौर में, जब हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया — जिन्होंने मना किया, उनके साथ अमानवीय अत्याचार हुए। पलकें नोची गईं, नाखून उखाड़े गए, हाथ काट दिए गए, और कईयों को मौत के घाट उतार दिया गया।
गोवा का वो “हाथ काटो खंभ” आज भी उस बर्बरता की गवाही देता है — जहाँ लोगों को बांधकर सज़ा दी जाती थी, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने अपना धर्म नहीं छोड़ा।
आज उसी सच को उजागर करने वाले को ही गिरफ्तार कर लिया गया।
ये भीड़ इंसाफ की मांग कर रही है…
अगर आप सड़कों पर नहीं आ सकते, तो कम से कम सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाइए।
सच को दबाया नहीं जा सकता। 📢🔥✊
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@sumit1kalra जज राजा नहीं है वह भी नौकरी करता है पैसे के लिए।
एक गाना सुना था
लाल जी तुम क्या-क्या खरीदोगे यहां हर चीज बिकती है
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क्या सुप्रीम कोर्ट ने जाली दस्तावेज बनाने और उन्हें प्रसारित प्रचारित करने को अपराध की श्रेणी से हटा दिया है ??
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के डॉक्यूमेंट को कुत्सित योजना बना कर एडिट करना और उन्हें वास्तविक बता कर किसी व्यक्ति को देश द्रोही बताना ..राजनैतिक आरोप प्रत्यारोप कैसे माना जा सकता है?
ऐसा लगता है पवन खेड़ा के सर पर कोई वरद हस्त है जो उन्हें बेलगाम होने की छूट देता है , वो प्रधानमंत्री के पिता को अपमानित करने भी आजाद थे, और एक मुख्यमंत्री के परिवार को अपमानित करके भी आजाद हैं...
आश्चर्य है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने "खेड़ा को पेड़ा बना दूंगा" को अंतरराष्ट्रीय जाली डाक्यूमेंट्स बनाने से ज्यादा आपत्तिजनक माना है..
और उल्टे मुख्यमंत्री को ही भाषा संभालने को सलाह देते हुए अंतरराष्ट्रीय जाली डाक्यूमेंट्स पेश करने वाले को राहत दे दी है...

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नोट : इस पोस्ट का यूट्यूबर पत्रकार टाइप टूप के लोगो से कोई संबंध नहीं है। 😆
राष्ट्रवादी कट्टर झट्टर भाई लोग का मोदी के लिए एप्रोच बिल्कुल वैसा हो गया है जैसा ब्रेक अप के बाद लवर्स का हो जाता है... हर बात बुरी लगने लगती है, नाम सुनकर ही खीज उठते हैं, हर चीज में अपने एक्स की गलती दिखाई देती है. जिन बातों कर पहले अदाएं दिखाई देती थी, स्टाइल लगता था, वह अब घमंड दिखाई देता है.
मिडिल ईस्ट में लड़ाई छिड़ी है, पूरी दुनिया में पेट्रोल डीजल की किल्लत है, कीमतें दोगुनी हैं. भारत में आसानी से मिल रहा है, कीमतें भी नहीं बढ़ीं. सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर का दाम बढ़ा है, और दिलजले आशिकों के तंज शुरू हो गए. क्यों भाई? आपको क्यों लगता है कि गैस के दाम नहीं बढ़ने चाहिए?
जब किसी चीज की सप्लाई कम हो जाती है तो कीमतें बढ़नी ही हैं. अगर कीमतों को सरकार नियंत्रित करे और कीमतें नहीं बढ़ने दी जाएं, तो मार्केट में शॉर्टेज होगी. इस शॉर्टेज के दो परिणाम होंगे ... या तो सरकार राशनिंग करे, या फिर ब्लैक मार्केटिंग होगी. अर्थशास्त्र के सिद्धांत फिजिक्स के सिद्धांतों की तरह हैं... आपका टूटा हुआ देख कर उसका दिल नहीं पसीजता.
मोदी आपको रियलिटी से इम्यूनिटी नहीं दे सकता.. चाहे आप छाती पीट लीजिए, चाहे मचले हुए बच्चे की तरह सड़क पर लोट लोट कर चिल्ला लीजिए, चाहे नस काT लीजिए बाकी दुनिया में आग लगी हुई है और भारत में आपको जो मिल रहा है, आपको उसकी कद्र नहीं है, उसको बर्बाद कर के ही मानेंगे।
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भारत का संविधान बनाने में संविधान सभा में २३ सदस्य ऐसे थे जो 1946 में पाकिस्तान बनाने के लिए मुस्लिम लीग के टिकट पर जीते थे
लेकिन,
जब इन्होंने पाकिस्तान बना लिया तो उसके बाद यह बड़ी होशियारी से पाकिस्तान नहीं गए और फिर नेहरू - गांधी ने इनको भारत के संविधान बनाने का ही जिम्मा दे दिया,
इन लोगों ने पाकिस्तान के नाम पर पंजाब के टुकड़े कर दिए और जहां पंजाब के हिंदू सिख बहुतायत में थे वहां पाकिस्तान बनने के बाद लाखों हिंदू सिखों को मु'स्लिम बनाया गया।हिंदुओं की हालत वहां सिखों से थोड़ी अच्छी है क्योंकि सिखों के साथ ऐसा व्यवहार करने का एक बहुत बड़ा कारण था जिसकी सजा आज भी सिखों को मिल रही है। कांग्रेस और इसके पाकिस्तानी साथियों ने सिखों का ही ज्यादा नरसंहार किया था पार्टीशन के वक्त।
अम्बेडकर जी ऐसे ही इन लोगों का विरोध नहीं करते थे और इसी विरोध के कारण कांग्रेस ने उनको अपने रास्ते से हटा दिया और इस वर्ग के तुष्टिकरण में जुट गई।कांगड़ी का वोट बैंक एकजुट माइनॉरिटी और बिखरा हुआ हिंदू रहा है जिसके लिए सेकुलर शब्द बनाया गया जो न हिंदू था और न मु'स्लिम।जो इनके बीच का था वह सेकुलर था l
यह सिर्फ भारत में नेहरू और गांधी ही कर सकते थे कि जिनको गद्दारी का चार्ज लगाकर जेल में डालना था उनको सीधे संविधान बनाने की जिम्मेदारी दे दी इनमें से कुछ नाम है
यह सब बाद में बहुत सारे लोग केंद्र और राज्यो में मंत्री अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के चांसलर तक बने
from Madras
१ Mohamed Ismail Sahib
२ K.T.M. Ahmed Ibrahim·
३ Mahboob Ali Baig Sahib Bahadur·
४ B Pocker Sahib Bahadur
From Mumbai
५ Abdul Kadar Mohammad Shaikh
६ Abdul Kadir Abdul Aziz Khan from Asam
७ Muhammad Saadulla,
८ Abdur Rouf from Up
९ Begum Qudsia Aijaz Rasul nbab of hardoi
१० Syed Fazl-ul-Hasan harshat mohani of AMU
११ Nabab ismail khan of meerut who
became chancellor of AMU
१२ ZH LARI from Bihar
१३ Husaain imam from gaya
१४ Saiyid Jafar Imam·
१५ Latifur Rahman·
१६ Mohammad Tahir·
आज इनके वंशज बड़े-बड़े नेता बनकर बोल रहे हैं कि हमारा भी खून शामिल है इस देश में
सबसे बड़ा आश्चर्य तो मुझे तब हुआ जब,i पूरा खोजा कि इनका नाम मिल जाए !

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@WasimAkramTyagi काश भारत सरकार नेहरू लियाकत समझौता निरस्त कर देती तो वसीम अकरम तू त्यागी की जगह बैरागी बनकर बांग्लादेश में नजर आता
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यह तस्वीर जीतू सैनी की है। जीतू सैनी अब दुनिया में नहीं है, उसे यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया है। 25 अप्रैल को जीतू का बर्थडे था। बुलंदशहर के खुर्जा में जीतू की बर्थडे पार्टी थी। उसी पार्टी में उसके दोस्त अमरदीप ने जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया, इससे जीतू को बुरी तरह गुस्सा हो गया, उसने गोलियां बरसा दी जिसमें अमरदीप, मनीष और आकाश की जान चली गई। अब पुलिस ने जीतू को एनकाउंटर में मार दिया है। जीतू के परिजनों का कहना है कि जीतू को सुधरने का मौका मिलने चाहिए था, उसका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। परिजनों की कहना सही है, लेकिन अदालत की मान ही कौन रहा है! यह सारी बातें तभी याद आती है, जब खुद पर बीतती है, उससे पहले ‘दूसरों’ के एनकाउंटर पर तालियां बजी हैं, मिठाइयाँ बँटी हैं। फिर से दोहराता हूँ! अदालत से पहले ही ‘जज’ बन जाने का यह चलन अदालत के वजूद के लिए खतरा है।

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@WasimAkramTyagi यह तो जीतू सैनी को चाहिए था कि वह मुंह पर केक लगाने का दोस्तों के ऊपर कोर्ट में क्लेम करता, उसने कोर्ट को नहीं माना। कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस पकड़ने गई यहां भी उसने कोर्ट को नहीं माना पुलिस के साथ मुठभेड़ कर लिया मारा गया
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@SupriyaShrinate ये देख तेरी मालकिन क्या कह रही है, और क्या खा रही है, गालीबाज सुप्पी आंटी 😀😀
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अनुराग ठाकुर से लेकर मनोज तिवारी और हिमंता सरमा जैसे BJP नेताओं ने बंगाल जाकर खूब मछली उड़ाई
कैमरे पर माछ भात खाया, fried fish का भी स्वाद उठाया - हाथ में मछली ले कर प्रचार भी कर डाला
लेकिन अब बंगाल का चुनाव खत्म हो गया है और अब यही सब नफ़रती चिंटू मीट और मछली की दुकानें बंद करवाने के लिए लोगों को आतंकित करेंगे, राष्ट्रवाद का सर्टिफिकेट बाँटेंगे, नफ़रत का ज़हर घोलेंगे
ढोंगियों की जमात है BJP
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बंगाल गवर्नर R N RAVI, IB के पूर्व चीफ हैं और एंटी टैरर आपरेशन का लंबा अनुभव है 4 मई के बाद हिंसा करने और अराजकता फैलाने वालों से Deal करने के लिए इन्हें बंगाल में लाया गया है.....यह काम पूर्व गवर्नर आनंद बोस शायद नहीं कर सकते थे l
वैसे अमित शाह ने कहा है कि चुनाव के बाद 60 दिन CAPF बंगाल में तैनात रहेगी l
सोचा जानकारी दे दूं।

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