Piyush Merja
5.4K posts

Piyush Merja
@PVMerja
क्या भारत मे ऐसे लोग है जो, ना ब्राह्मणवाद पसंद करते है, ना आरक्षण पसंद करते है, ना जातिवाद पसंद करते है, ना तुष्टीकरण पसंद करते है। कोई हो ऐसा तो बताना।
Pune, India انضم Eylül 2014
53 يتبع52 المتابعون

Please remember that in Bengal, the @BJPBengal won because of the subaltern Hindu. The Dalit and Tribal Hindus. Not because of the Brahmin, Vaidya or Kayasth vote.
English

@ArvindSinghUp तो फिर यूजीसी वापिस ला दिया जाए?
GC वाले चुप रहेंगे।
हिन्दी

@IAbhay_Pratap @Tushar_KN काश यहा भाजपा सरकार होती, तो ये दिन नहीं देखना पड़ता
हिन्दी

भारत का सेक्यूलरिज्म देखिए
- सूरत में Neet की परीक्षा दे रही हिंदू छात्र की कंठी माला उतारी गई
- बाड़मेर में बुर्का पहनकर परीक्षा देने गई मुस्लिम छात्रा की साधारण जांच हुई और प्रवेश दे दिया
2026 में ये स्थिति है तो 2047 में क्या होगा ?
VC: @Tushar_KN
हिन्दी

@HindutvaNerve गौतमबुद्ध जय भीम बोल रहे है, समझ नहीं आता बाबा साहब ने बुद्ध धर्म अपनाया था या बुद्ध ने भीम धर्म अपनाया?
हिन्दी

गौतम बुद्ध,चंद्रगुप्त मौर्य,सम्राट अशोक के बाद अब छत्रपति शिवाजी महाराज जी की भी जाति पता चल गई है। चंद्रशेखर रावण ने उन्हें अपना बता दिया है।
धीरे-धीरे ऐसा लग रहा है कि सारे महापुरुषों की जातियां दलितों के खाते में डाल दी जाएंगी।
लेकिन सवाल फिर भी वही खड़ा है कि जब पिछले 2600 साल से दलित जातियों के ही राजा-महाराजा रहे हैं, तो फिर उन्हीं दलित जातियों का “शोषण” किसने कर दिया।पूरी दुनिया के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं दिखेगा, जब शासक का खुद शोषण हुआ हो।

हिन्दी

@ShobhnathRao अगर आरक्षण का आंकड़ा देख लिया हो और कौन जाति सबका हक खा रही वो जान लिया हो तो अब EWS के आंकड़े देखने चाहिए।
हिन्दी

@Sumitchauhaan सच बात है, जरूरत थोड़ी और भी है।
काश दूसरे वर्गों मे भी ऐसी समझ विकसित हो, तथाकथित सवर्णों की समस्या समझने की।
हिन्दी

ऐसे ही कभी SC वर्ग के छात्र को भी सुनना चाहेंगे, सामन्य वर्ग की समस्याओं के बारे में बात करते हुए।
Priyanka Bharti@priyanka2bharti
आरक्षण पर एक ब्राह्मण समाज के प्रगतिशील युवा के इस तर्क को पूरे देश को सुनना चाहिए। ऐसे तर्कशील युवा ही इस देश की पुरातन कुप्रथा को खत्म कर सकते है! जब तक हम बीमारी को कबूल नहीं करेंगे तब तक उसका इलाज मुश्किल है!
हिन्दी

@ManuvadiBrijesh किसी के जलाने वाले या फाडने वाले नीच संस्कारों को आयात करने की हमे बिल्कुल जरूरत नहीं है।
हिन्दी

@CommonBS786OM बकवास करने पर कोई टैक्स नहीं है, राजनेताओं को बड़ी राहत।
हिन्दी

धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र बनाने निकले थे, लेकिन अब "भीम राष्ट्र" बनाकर मानेंगे। इन्हें शायद यह पता ही नहीं है कि अंबेडकर बौद्ध थे और अंबेडकरवादी हिंदू देवी-देवताओं में विश्वास नहीं करते..
@bageshwardham
हिन्दी

अभी फ़िलहाल बंगाल में हिंदू डरा हुआ है, कैसे भी करके इस बार बस ख़ुद को बचाते हुए वोट पड़ जाये।
चार मई को अगर भाजपा सत्ता में आ गई, तब देखना कैसे बंगाल में भी हिंदू कुछ ही महीनों में अपनी जातियाँ खोज लेंगे- फिर बात होगी अगड़ा, पिछड़ा, दलित शोषित वंचितों की।
ऐसे ही UP में जब सपा का गुंडाराज था तब हिंदू बनना पड़ गया, पर जैसे ही योगी जी ने सुरक्षा दी तो अब UP में जाति ही नहीं जाती है।
हिन्दी

@ArunKosli सस्ता नशा छोड़ दे भाई।
किसी और ने यूजीसी का षडयंत्र किया? किसी और ने किया हो तो नंगा करते है ना उसे। चुप क्यों है मोदी जी।
हिन्दी

उसने कहा था कि एक बार 400 पार करवा दो, तुमने तो 272 तक नहीं दिए,
लोगों ने उसके विरुद्ध यूजीसी का षड्यंत्र रचा, तब तुम्हें उसके समर्थन में खड़ा होना चाहिए था वह तो तुमने किया नहीं।
उसके बाद षड्यंत्र की पोल खुलने के बाद भी तुम उसको धमकाते रहते हो।
तो फिर उसे केरल में तमिलनाडु में क्रिश्चियन्स के पास जाना ही पड़ेगा, उसे अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के हाथ पैर जोड़ने ही पड़ेंगे, क्योंकि तुम तो अभी भी धमका रहे हो। वैसे भी अब तुम्हारा विश्वास भी नहीं रहा कि तुम कब पलटी मर जाओगे।
आजकल तुम्हें टोंटी भैया, पप्पू भैया अच्छे लगने लगे हैं, आपातकाले विपरीत बुद्धि ऐसी थोड़ी कहा जाता है।
अब उसको समझ में आया कि यदि मुझे क्रिश्चियन को खुश करना है तो कुछ लोगों के विरुद्ध एफआईआर होने दो, तो कुछ लोगों के विरुद्ध यहां वहां और कुछ के विरुद्ध गोवा जहां क्रिश्चियन के सहयोग से सरकार चल रही है वहां एफआईआर करा दी गई है।
ओ! भाई तुम वोट नहीं दोगे, खोल के दिखाओगे तो उसे कहीं ना कहीं से तो वोटो का जुगाड़ करना ही पड़ेगा ना। वह जुगाड़ कर रहा है तो तुम्हारे पेट में दर्द हो रहा है,।
अभी क्या है अभी तो रुको, यह तो ट्रेलर है अभी जब पूरी फिल्म का आना बाकी है।
बात करोगी लगेगी, क्योंकि सच है।
अच्छा चलते हैं, अभी स्नान करना है फिर नाश्ता करना है। तब तक आप इस पोस्ट का क्रिटिसाइज करते रहो।
हिन्दी

@SavitaK74929291 हा बस उन्मूलन होने को है।
जहा जहा गरीबी का उन्मूलन हो जाए, आरक्षण से बाहर कर देना।
हिन्दी

@KraantiKumar फिर रावन किसका नेता है?
दलित के सिवा किसकी बात करता है?
हिन्दी

अरविंद केजरीवाल ने अपनी IRS की नौकरी छोड़कर 2011 में India Against Corruption संगठन से जुड़ गए.
अन्ना हजारे की छत्रछाया और मीडिया के पॉजिटिव कवरेज ने अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय नेता बना दिया.
2012 में Aam Aadmi Party बनाते हैं. 2013 को दिल्ली का CM भी बन गए. राजनीति में इतनी जल्दी इतनी बड़ी लोकप्रियता आज तक किसी नेता को नही मिली.
दूसरी तरफ चंद्रशेखर आजाद 2015 के आसपास भीम आर्मी के जरिए सामाजिक आंदोलन शुरू किया. 2017 में सहारनपुर हिंसा के बाद चंद्रशेखर आजाद को NSA के तहत गिरफ्तार किया गया.
मीडिया ने हमेशा चंद्रशेखर आजाद पर नेगेटिव रिपोर्टिंग की. UP के प्रिंट मीडिया ने उनके आंदोलन को एक जाति का आंदोलन कहकर बदनाम किया.
जहां मीडिया ने अरविंद केजरीवाल को सभी समाज का नेता तौर पर स्थापित किया, वहीं चंद्रशेखर आजाद को दलित लीडर के पहचान का ठप्पा लगा दिया.


हिन्दी

















