Rakesh Singh أُعيد تغريده

कल ब्लिंकिट से कुछ ऑर्डर किया था। 50-55 साल के अंकल आए डिलीवरी देने। बातों ही बातों में इनका नाम पूछा! अंकल ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया
बातचीत के दौरान मैंने पूछा कि इतनी उम्र में ये सब। अंकल ने शालीनता के साथ जो बोला वो दिल को छू गया, इन्होंने कहा कि
- डबल ड्यूटी करता हूँ। ये सब नहीं करूँगा तो बच्चों को पढ़ाऊँगा कैसे? सरकार के लिए हम सरकारी अछूत जैसे हैं। सरकार ना हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कालरशिप देती ना ही ऐसी कोई योजना है जिसका लाभ लेकर बच्चे पढ़ाई कर सकें। इसलिए मैं भी कमाता हूँ और बच्चा भी पढ़ाई के साथ जॉब करता है
मुझे आज तक नहीं समझ आया कि जब हर वर्ग-समाज यहाँ तक कि मुस्लिम-ईसाई-बौद्ध तक के बच्चों को सरकार स्कालरशिप देती है तो फिर सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए ये योजना क्यों नहीं?

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