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Shipra
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नसों में जितनी तेज़ी से ब्लड सर्क्युलेट करेगा लिंग उतना ही सख़्त बना रहेगा. सेक्स के दौरान लिंग का साइज़ और सख़्त होना आपके लिंग की नसों पर ही निर्भर करता है
हम जानते है कि लिंग की नसों का कमजोर होना का क्या कारण है।
इन नसों का कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण है हस्तमैथुन. कुछ लोग 13-14 की उम्र से ही हस्तमैथुन करना सुरू कर देते है. हस्तमैथुन किस तरह आपके लिंग की नसों को कमजोर करती है?
जब हस्तमैथुन करते है हैं तो टेसटेसटेरॉन हारमोन एक्टिव नही होता है और लिंग को हाथ से रगड़ रगड़ कर ही लिंग को उत्तेजित किया जाता है. हाथ से रगड़ने से घर्षण की वजह से लिंग की ये छोटी छोटी नसें गरम होकर लाल हो जाती है और हस्तमैथुन के अंत में समय वीर्य जल्दी ना निकल जाए इसलिए लिंग को हाथ से दबाते हैं. इसी समय ये गर्म हुई लाल नसें हाथ के दाब से दब जाती है, कुछ पिचक जाती है और कुछ बिल्कुल ही दब जाती है और यहीं से शुरुआत होती है आपकी कमज़ोरियों की.
इन नसों के कमजोर होने का दूसरा कारण है सोते समय लिंग को रगड़ कर तकिये से दबाना. गरम लिंग को तकिये से दबाने से भी लिंग की नसें दब जाती है और कमज़ोरी आना शुरू हो जाती है.
नसों के कमजोर होने का तीसरा कारण है : सेक्स के तुरंत बाद लिंग को पानी से धोना. सेक्स के तुरंत बाद लिंग को ठंडे पानी से धोने की वजह से भी लिंग की नसें कमजोर पड़ जाती है. इसलिए कभी भी सेक्स के तुरंत बाद लिंग को ना धोयें. यदि लिंग को साफ करना ज़रूरी भी हो तो कम से कम आधे घंटे बाद करें.
नसों के कमजोर होने का चौथा कारण है ड्याबिटीज. ड्याबिटीज ज़्यादा होने से और मेडिसिन लेने की वजह से भी लिंग की नसें कमजोर हो जाती है.
आइए जानते है की लिंग की नसों का कमजोर होना का क्या नुक्सान है??
•लिंग की नसें दबने की वजह से लिंग का विकास रुक जाता है क्योंकि नसें दबने की वजह से ब्लड का सर्क्युलेशन कम हो जाता है जिससे ऑक्सिजन का सर्क्युलेशन भी कम हो जाता है और लिंग का साइज़ बढ़ना रुक जाता है. लिंग बहुत छोटा सा हो जाता है और चिपका सा बेजान रहता है
•लिंग की नसें दबने की वजह से सेक्स के समय लिंग का फुल साइज़ नही बनता और सेक्स का आनंद बहुत ही कम हो जाता है और कई बार सेक्स करते हुए फुल साइज़ नही बनता और सेक्स के बीच में ही लिंग बाहर निकल जाता है
•लिंग की नसें दबने की वजह से ब्लड का सर्क्युलेशन बहुत ही कम हो जाता है जिससे लिंग सख़्त होना कम हो जाता है और सेक्स का फुल एंजाय नही आता. कई बार ज़्यादा कमज़ोरी आने की वजह से लिंग सख़्त होना बंद हो जाता है और लिंग खड़ा ही नही होता और नपुंसकता आ जाती है. इसी को नामर्दी और नपुंसकता कहा जाता है.
सेक्स को अच्छे से एंजाय करना आपके और आपके जीवनसाथी के लिए मजबूरी ही नही चाहत भी है और जीवन की खुशियों का और आपसी संतुष्टि का एक कारण भी है
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आपके लिंग का खड़ा होना इस बात पर निर्भर करता है कि आपके लिंग की नसों में कितना ब्लड सर्क्युलेट हो रहा है !
(कुछ लोगों के दिमाग़ में सवाल हो रहा होगा कि लिंग का फुल साइज़ कैसा होता है, तो उसका जवाब यह है कि जब आपका लिंग का फुल साइज़ बनता है तो लिंग के आगे की स्किन (कैप) 1-2 इंच पिछे हट जाती है और आपका लिंग थोड़ा बाहर निकल आता है।
इन नसों का दूसरा और सबसे ज़रूरी काम है लिंग को सख़्त करना. आप सभी लोग जानते हैं कि लिंग में कोई हड्डी नही होती. सेक्स के दौरान लिंग का सख़्त होना इस बात पर निर्भर करता है कि इन नसों में कितनी तेज़ी से ब्लड सर्क्युलेट कर रहा है।
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मेरा आज का पोस्ट सिर्फ और सिर्फ उन लोगों के लिए है जो हस्तमैथुन करने की वजह से प्राइवेट पार्ट की नसें में आयी हुई कमजोरी से परेशान है।
सबसे पहले हम बात करते हैं की लिंग की नसें कैसी होती है और क्या काम करती है और कैसे काम करती है।
एक स्वस्थ इंसान के लिंग में 50 से 60 हज़ार छोटी- छोटी नसें होती है जो बहुत ही बारिक होती है धागे जैसी. एक इंसान के द्वारा सेक्स करने के लिए इन नसों का सही से कार्य करना बहुत ज़रूरी होता है।
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