Amit Singh
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Amit Singh
@amitritusingh
Every battle is not fought to win, it's just to record in the history that someone was fighting against the powerful
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26 वर्षीय युवराज सिंह ब्यावर जिले के लागेटखेड़ा गांव के रहने वाले जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हो गए। युवराज 15 फरवरी 2026 को एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। 19 मार्च को जब वे ड्यूटी पर लौट रहे थे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था 'बस चार महीने की सेवा और बची है, फिर वापस आऊंगा।' किसे पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी।
युवराज सिंह का बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होने का जुनून था। उन्होंने 17 फरवरी 2022 को 'अग्निवीर' के रूप में सेना में कदम रखा। अपनी सेवा के दौरान उन्होंने जबलपुर, गोवा और पठानकोट जैसे संवेदनशील इलाकों में साहस का परिचय दिया। वर्तमान में उनकी तैनाती अखनूर सेक्टर में थी, जहां आतंकियों से सीधी मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस दिखाया।और आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए।
जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के अखनूर इलाके में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान युवराज सिंह ने बहादुरी से सामना किया. हालात आसान नहीं थे, लेकिन वे पीछे हटने के बजाय मुकाबला किए. इसी दौरान वह शहीद हो गए. सेना के साथियों के बीच भी उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है, हालांकि गांव तक सिर्फ एक खबर पहुंची, कि उनका बेटा अब नहीं रहा।
5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले युवराज ने परिवार से फोन पर बात की थी। उन्होंने सभी का हालचाल पूछा और ढेर सारी बातें कीं। सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाली बात यह है कि वह 15 दिन बाद छुट्टी पर घर आने वाले थे. परिवार वाले उनकी राह देख रहे थे. घर में शादी को लेकर भी बातें चल रही थीं. धीरे-धीरे तैयारी की सोच बन रही थी. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अगले दिन सुबह जब परिजनों ने फोन लगाया तो मोबाइल बंद मिला। दोपहर होते-होते शहादत की खबर ने घर के आंगन में खुशियों की जगह मातम भर दिया।
युवराज सिंह की कहानी सिर्फ एक जवान की नहीं, बल्कि एक ऐसे बेटे की थी जो अपने परिवार का सहारा बनने जा रहे थे. वह अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए और महज तीन महीने बाद उसकी सेवा स्थाई होने वाली थी. घर में इस बात की खुशी थी कि अब उनका भविष्य सुरक्षित होने वाला है. लेकिन इससे पहले ही खबर आई कि वह देश के लिए लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।🇮🇳🇮🇳

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खून खोलने लगता है जब कोई घटना रिश्तो को शर्मसार कर देने वाली सुनाई देती है
ऐसी ही एक घटना दिल्ली में हुई जहां एक पिता ने अपनी नाबालिक बेटी को प्रेग्नेंट कर दिया,
जब बेटी का पेट आगे निकला तब मां ने पूछा तो बेटी ने पूरी आप बीती सुनाई एक पिता के द्वारा अपनी बेटी को इस तरीके से टॉर्चर किया जा रहा था की बेटी ने यह बात किसी से नहीं बताई
रोहिणी डिस्ट्रिक्ट के बेगमपुर थाना इलाके में 7 साल पहले पीड़िता के पिता की एक दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के बाद इसकी मां ने दूसरी शादी कर लिया था
सौतेला पिता ही अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ एक साल से रेप कर रहा था। यह बात तब सामने आई, जब पीड़िता पांच महीने की प्रेग्नेंट हो गई।
तब पीड़िता की मां ने पड़ोसी की मदद से इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। पुलिस ने बेटी का मेडिकल कराने के बाद आरोपी पिता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अरेस्ट कर लिया।
आरोपी बवाना के एक गत्ते फैक्ट्री में नौकरी करता है। पिछले पांच वर्षों से वह बेगमपुर इलाके में किराये के मकान में पत्नी और बेटी के साथ रह रहा था। आरोपी अपने पड़ोसियों से बातचीत नहीं करता था सुबह काम पर जाता था और रात में आता था l

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