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मेरा गांव मेरा देश
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मेरा गांव मेरा देश
@Aashusingh1131
क्या सही है क्या गलत है,क्या धर्म है क्या अधर्म है, और क्या पाप है क्या पुण्य है इन सबकी परवाह तब तक ही होती है! जब तक की आपकी अर्न्तआत्मा जीवित होती है I
India Beigetreten Kasım 2016
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@KautilyaRT अंधभक्ति के खिलाफ लड़ते-लड़ते कब स्वयं भक्त मंडली बन गए, पता ही नहीं चला। अब तो आलोचना भी अपराध और प्रशंसा ही संविधान बन गई है! 🤣🤣
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@Fearless2y न्याय केवल अदालतों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना का भी विषय है। जिस दिन जनता जाति और राजनीति से ऊपर उठकर अपराध के विरुद्ध एक स्वर में खड़ी होगी, उसी दिन ऐसे दरिंदों के मन में कानून का वास्तविक भय पैदा होगा।
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@Fearless2y किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने सबसे कमजोर और पीड़ित व्यक्ति के साथ कैसा व्यवहार करता है। यदि एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय अत्याचार के बाद भी लोग राजनीतिक लाभ-हानि का हिसाब लगाने लगें, तो यह केवल कानून की नहीं, समाज की भी विफलता है।2/3
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@JoharAkku_21 अक्कू आज के समय में अधिकांश लोग प्रेम का अर्थ ही नहीं समझते। वे उसे केवल आकर्षण, इच्छा या क्षणिक भावनाओं तक सीमित कर देते हैं।यदि लोग प्रेम के वास्तविक स्वरूप को समझ पाते,तो जान जाते कि इस संसार में प्रेम से अधिक सुंदर, प्रेम से अधिक पवित्र और प्रेम से अधिक निर्मल कुछ भी नहीं है।
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@JoharAkku_21 अक्कू जब प्रेम सच्चा होता है, तब संसार की सारी इच्छाएँ एक व्यक्ति में सिमट जाती हैं।फिर न कोई और कामना शेष रहती है, न कोई और अभिलाषा।हृदय केवल उसी को अपना भाग्य, अपना अधिकार और अपना समर्पण मान लेता है।
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@Shivamtrip92374 @narendramodi @Uppolice @BRAHMAN_BR28 प्रशासन को ऐसे मामलों पर शीघ्र संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की भाषा प्रयोग करने का साहस न करे।
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अब कुछ लोग कहेंगे एडिटेड है, अब इस देश में आपको ब्राह्मण होने के लिए केवल गाली मिल सकती है, ये पोस्ट मेरे इंस्टाग्रामकीहै जहां मुझे ऐसे कमेंट आए। मेरी जाती ओर भगवान को गाली देना इस देश में आ होगे है, मै जाती पर गाली दे दूं तो SC/ST ACT
@narendramodi
@Uppolice @BRAHMAN_BR28


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@Heyyy_Aryan निस्संदेह, कुछ गीत समय के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि उनकी मधुरता और गहराई निरंतर बढ़ती जाती है। प्रत्येक बार सुनने पर वे मन को नई अनुभूति और नया आनंद प्रदान करते हैं। यही किसी कालजयी रचना की वास्तविक पहचान है।
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