رومن اردو:
Kas qadr hoga yahan mehr o wafa ka maatam
Hum teri yaad se jis roz utar jaayenge
कस कदर होगा यहाँ मेहर और वफ़ा का मातम
हम तेरी याद से जिस रोज़ उतर जाएंगे
x.com/i/spaces/1nxnR…
x.com/i/spaces/1DxLd… "नज़र जो पढ़ ले दिल की किताब, वही तो अपना है,
वरना चेहरों पर तो यहाँ, हर शख्स का सपना है।
ज़िंदगी की इस दौड़ में, सुकून बस वहीं मिलता है,
जहाँ बिना कहे ही, जज़्बातों का फूल खिलता है।