
SUBHASH MEHTA
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SUBHASH MEHTA
@MEHSUBHASH
Retired State Govt. Servant of 64. Interested to comment on current affairs, politics, anti-corruption movement, cartoons, wall posts etc.
JALANDHAR CITY Beigetreten Haziran 2011
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@SonOfBharat7 अगर कोई किसी के पिता को कत्ल कर दे तो पुत्र बदला लेने का भरसक प्रयास करेगा और मुआफ तो किसी भी हालत में करेगा। ईरान के वर्तमान नेता के पिता और देश के सर्वोच्च धर्म गुरु और नेता का कत्ल हुआ है, तो कातिलों को परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा।
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अमेरिका ने भारतीय समुद्र क्षेत्र में घुसकर ईरानी युद्धपोत को डुबा दिया। वह युद्धपोत भारत से लौट रहा था। वे भारत के अतिथि थे। भारत में अतिथि देवता होते हैं। देवता मारे गए। कथित अवतारीपुरुष उर्फ स्वनामधन्य देवता की जबान डोल नहीं रही है।
विश्वगुरु कौन सा मुंह लेकर विश्व के सामने जायेंगे?
अपने मुंह मियां मिट्ठू नॉन बायोलॉजिकल देवता में कुछ नैतिक, राजनैतिक अथवा राष्ट्रीय स्वाभिमान बचा भी है कि सब सेल्फी और फोटोबाजी के नाम कुर्बान हो चुका है?
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A major geopolitical shock in a resource-rich region, like the ongoing conflict in Iran, makes India vulnerable because of its huge import dependence in natural resources from below the ground.
We need to immediately declare this sector a national priority, cut cumbersome processes and facilitate rapid increase in domestic production. We have such a progressive government that this can happen. Some risk has to be taken and we should take it. It will deliver massive returns in terms of jobs too. Young women are entering this sector in a big way. And there are talented Indians abroad who can do a ghar vapsi.
Today, 90% of our oil is imported. This fuels our transport. 66% of our LPG is imported. We use it in our homes to cook. So is 50% of LNG, which goes into low emission public transport vehicles. Oil and gas are the biggest items in our import bill, around $176 billion per year, and any sharp rise in prices has an adverse effect on macroeconomic indicators like current account deficit, value of the rupee, fiscal deficit and inflation. The common man ultimately has to pay the price.
Interestingly, our second highest import is gold, around $65 billion a year, the demand and price of which also soars in times of uncertainty. Oil, gas and gold account for almost 30% of our total imports.
Government should exempt the sector from time-consuming regulations, including public hearing. The latter has already been done for critical minerals but needs to be done across the board for all processes and minerals. Environment clearances need to be on self-certification basis. Once a company commits to the Government’s rulebook, there should be no further process, only audit at a later time.
Existing assets, most of which are owned by the government, should be utilized fully. At least 50% stake can be divested to proven people. Employees will get shareholding and a promise of no retrenchment.
India cannot wait. The world is more unsettled and uncertain than it has been at anytime in my memory. There are no permanent friends or partners in today’s geopolitics. Self-reliance is more than a desirable aspiration. It is an immediate economic and strategic imperative.

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@IYC देश के गौरव के समय ऐसी विकृत हरकतें इनके छिछोरेपन को उजागर करती हैं। देश के प्रबुद्ध नागरिक ऐसे प्रदर्शन से व्यथित होते हैं।
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AI Summit में Compromised PM के चर्चे 🔥
भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ताओं ने देश की अस्मिता का सौदा करने वाले Compromised प्रधानमंत्री के खिलाफ उठाई आवाज।
इंकलाब जिंदाबाद 🇮🇳
#PMisCompromised
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@SupriyaShrinate मोदी की कब्र खोदने वालों को नेता प्रतिपक्ष ने कुछ कहा था क्या? 🙄 🙄
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Be greedy when others are fearful.
Be fearful when others are greedy.
#Warren_Buffet
#StockMarketIndia
#IT_Stocks_Sell_Off
#GOLD
#Silver
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On #Budget2026, I lost 2 Lakhs from my investment in Shares. Mutual Funds investors will s check tomorrow, as to quantum of money wiped out on presentation of so called self reliant Budget. How much amount you lost in shares and Mutual Funds on Budget Day?
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पिछले 48 घंटे में #UGCRegulations पर भूकंप का चुका है।
- अंजना ओम कश्यप ने कार्यक्रम किया
- रजत शर्मा भी सरकार पर भड़के
- नेशनल मीडिया पर लगातार कवरेज
- वरिष्ठ वकीलों ने कड़ी निंदा की
- भाजपा MP मनन मिश्रा भी भड़के
- कई विधायकों ने कड़ी निंदा की
- कई भाजपा नेताओं ने पार्टी छोड़ी
- एक अधिकारी ने नौकरी छोड़ी
- लोगो ने घरों से भाजपा झंडा हटाया
- सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड में
- कई कॉलेज में भारी प्रदर्शन हुआ
- लड़कियों में भी SM विरोध शुरू किया
- पूर्व सैनिकों ने भी सरकार की निंदा की
- विजेंद्र सिंह और योगेश्वर दत्त भी भड़के
अब आप बताए, भाजपा के लोग आगे क्या करेंगे ? क्या अब भी सरकार सोच नहीं रही है।
#UGC_RollBack ✅

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“UGC समता विनियम 2026” — समता नहीं, भेदभाव का नया रूप!
ये नियम समता की बात करते हैं, लेकिन व्यवहार में अनारक्षित/सामान्य वर्ग के अधिकारों को पूरी तरह नज़र अंदाज़ करते हैं।
यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 के खिलाफ है।
समता समितियों में एकतरफा व्यवस्था, कठोर दंड और निष्पक्ष सुनवाई का अभाव —
ये सब प्राकृतिक न्याय और समान अवसर पर गंभीर प्रहार है।
⚠️ समता के नाम पर किसी वर्ग को अधिकारविहीन करना असंवैधानिक है।
✊ अब ज़रूरी है कि इन विनियमों पर तुरंत पुनर्विचार हो।
#UGC2026 #संविधान_बचाओ #समानता_सभी_के_लिए



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UGC act में सवर्ण छात्राओं पर झूठे आरोप लगा कर विरोधी छात्र और कमेटी के लोग कंप्रोमाइज के नाम पर उनका शारीरिक शोषण करेंगे।
होनहार छात्रों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जाएगा। जिससे कि उनके कैरियर को समाप्त किया जा सके।
झूठे आरोप लगाने वालों पर कोई भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है।
कालेज की कमेटी में सामान्य वर्ग से कोई भी प्रतिनिधि नहीं रखा जाएगा।
#यूजीसी का काला कानून वापस होना चाहिए।
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यूजीसी पर रायता फैलाने के लिए उत्तरदाई शिक्षा मंत्री जी धर्मेंद्र प्रधान जी पर विशेष ध्यान दिया जाये।
अच्छा हो उन्हें अब राजनीतिक उत्तरदायित्व से मुक्त करके घर भेज दिया जाये। ये महाशय पूरी तरह विफल रहे हैं। और बहुत रायता फैलाते हैं।
प्रधानमंत्री को अपने मंत्रियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अन्यथा कोई भी मंत्री जानबूझकर गलत निर्णय करके सरकार को फंसा देगा।
राजनीति में वास्तविक खतरा सदैव भीतर रहता है। बाहरी खतरे से तो सहजता से निपटा जा सकता है।भितरघात बहुत घातक होता है।
@narendramodi
@dpradhanbjp

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17 Jan 2016- रोहित वेमुला का सुसाइड, जातीय उत्पीड़न के आरोप ( पूरे देश की खबर बनी, नेताओं का ताँता उनके परिवार वालों से मिलने में लग गया, UGC ने तो नया नियम ही बना दिया )
26 Feb 2016- लखनऊ में इंजीनियरिंग के छात्र लवकेश मिश्रा ने सुसाइड किया, चिट्ठी में HOD पर आरोप लगाया, ना कहीं खबर बनी ना कोई नेता उनके दरवाज़े तक गया. कोई नाम भी नहीं जानता होगा.
सच ये है कि इस देश में जाति हमें हर रोज मारती है फर्क बस इतना है कि राजनीति ने एक वर्ग के छात्रों को हाशिये पर फेंक दिया है. क्योंकि उनके जीने और मरने से सियासतदानों को कोई फर्क नहीं पड़ता.उनके संघर्ष से वोट नहीं मिलते.
इस हमाम में सब एक जैसे हैं…
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“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏
(स्व० रमेश रंजन) #UGC_RollBack

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दलित तुष्टिकरण के लिए पहिले तो @narendramodi जी ने डेरा सचखंड बल्लां पंजाब को पद्म अवार्ड से नवाजा और अब उनके पांव पकड़ने के लिए जालंधर आ रहे हैं। इसमें किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन अपने स्वर्ण वोटरों को नाराज़ करके सत्ता नहीं पा सकते। #UGC_काला_कानून_वापस_लो #UGC_RollBack
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@abhinav_blogger @raghav_chadha @AamAadmiParty वाले दलितों के तुष्टिकरण की राजनीति कर रहें हैं। पंजाब में इनकी सरकार दलितों को प्रसन्न करने के लिए करदाताओं के सैकड़ों करोड़ गुरु रविदास जयंती पर खर्च कर रही है। #UGCRegulations का विरोध न करके वोह जनरल श्रेणी का वोट खो देंगे।
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हेलो, @raghav_chadha जी
हाल ही आपने संसद में गिग वर्कर्स पर कंपनियों के दबाव के खिलाफ आवाज़ उठाई।
कैब ड्राइवर्स के लिए बोले।
पॉल्यूशन पर बोले।
AI जैसे मुद्दों पर भी बोलते हैं।
सब ज़रूरी मुद्दे हैं।
लेकिन जब बात आती है भारत के 40 करोड़ सामान्य वर्ग के लोगों की, तब ख़ामोशी।
अब UGC का मामला भी सामने है।
ये नए UGC नियम सामान्य वर्ग के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन इस पर आपकी कोई मज़बूत आवाज़ नहीं दिखती।
राघव जी, आप भी इसी समाज से आते हैं।
आपकी पार्टी दिल्ली में मुख्य पार्टी है।
दिल्ली में सामान्य वर्ग की बड़ी आबादी है।
तो फिर ये झिझक क्यों?
हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
कृपया अपने समाज के लिये भी आवाज़ उठाइए।

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