
@BoltaHindustan एक चीज तो साफ है कि नेता कभी भी अपने सिद्धांतों के प्रति वफादार नहीं हो सकता है ओ मानता हूँ अगर "आप" पार्टी ने गलत किया है तो उसे सुधारा जा सकता है या आप अकेला खड़ा रहे निर्दलीय जैसा अगर आप बीजेपी के सिद्धांतों के खिलाफ थे उसके साथ का मिलना मतलब आप भी गद्दार थे @raghav_chadha
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