देश के जो बहुजन भरत तिवारी के लिए रो रहे हैं,
उनसे सिर्फ एक सवाल है,
जब किसी बहुजन या मुसलमान का फर्जी एनकाउंटर होता है,
तो भरत तिवारी के लिए रोने वाले दुखी होते हैं
या लुंगी डांस करते हैं,
अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे मंदिर प्रबंधन पर लग रहे आरोपों के साथ-साथ संदेह भी बढ़ता जा रहा है। मंदिर निर्माण के समय दान देने वाले कुछ श्रद्धालु अब खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और दान में दी गई वस्तुओं का सार्वजनिक हिसाब मांग रहे हैं।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बताया कि देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर करीब 60 किलो चांदी एकत्र की थी। इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थीं, जिन पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित थे। इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी भेंट किया गया था।
पूरी खबर के लिए क्लिक करें: amarujala.com/lucknow/no-acc…#AmarUjala
महाराष्ट्र के नागपुर के एक नीट अभ्यर्थी को पुनर्परीक्षा से एक दिन पहले जारी एडमिट कार्ड में नागपुर की जगह अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। छात्र और उसके परिवार ने इसे बड़ी गलती बताया है। एनटीए हेल्पलाइन ने शिकायत मिलने के बाद संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया है। घटना ने परीक्षा प्रबंधन और केंद्र आवंटन प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरी खबर के लिए क्लिक करें: amarujala.com/india-news/nee…#AmarUjala
@VIRAT_FANPAGE_1@iDilsay@NadeemRamAli@ndtvindia छात्र को इतना तो पता होना चाहिए कि उसे कौन सा देश चुनना है,
वो चाहता तो युगांडा चुन सकता था, केन्या चुन सकता था, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज चुन सकता था,
लेकिन उसने आबुधाबी ही क्यों चुना?
सरासर छात्र की गलती है।
@princekumar24@ndtvindia Bhai NTA ka to pata nahi lekin aisi baatein na karo warna tum hi fool dikhoge ye exams foreigners bhi dete hain to unhe problem na ho uske liye kuch overseas centres choose karne ka bhi option hota hai