दया करो दया करो दया करो मेरे साई,
आप बिन कौन है बाबा इस जग माहि,
हम तो कुछ भी नहीं सब कुछ आप हो नाथ,
बच्चे के सर्वस्व प्रभु सदा रहो हमारे साथ,
🌹|| श्री साईनाथ महाराज की जय ||🌹
🌹🌹ॐ साई राम जी 🌹🌹
भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के सारन में राजपूत बच्ची को पाँच पासवान लड़कों ने खींचा, रेप किया और मरने के लिए कुएँ में फेंकने के पश्चात् व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया कि ‘दुल्हन बना कर ले जाएँगे’।
जब रुचि तिवारी को उसके ब्राह्मण होने के कारण पुलिसकर्मियों के सामने से दिल्ली में, भरी दोपहरी में खींचा गया था, मैंने तब भी कहा था कि अगली वारदात खुल्लमखुल्ला रेप और हत्या की होगी। वह आज हो गई है।
प्रदीप भारद्वाज को बाथरूम में बंद कर अग्निशामक चला कर मारने का प्रयास रुचि तिवारी के रेप/हत्या के प्रयास के कुछ ही दिनों के भीतर हुआ। दोनों में ही, मुझे संदेह है कि पुलिस ने अटेम्प्ट टू मर्डर या रेप के चार्ज लगाए होंगे।
जब पुलिस मूक हो जाती है, सत्ता पक्ष सामान्य वर्ग को सताने की नई नीतियों के आविष्कार में व्यस्त रहता है, तब ऐसे ही सवर्ण समाज की बच्चियाँ सत्ताधीश की जातिवादी कुंठा की बलि चढ़ जाती हैं।
@narendramodi जी, 22 से 47 नहीं, 87 कर दो, पर क्या उत्तर दोगे इस बच्ची की माँ को? @BJP4India के नेताओं, तुम्हारी मूक सहमति ऐसी क्रूरता को जनती है।
यही कारण है कि हमारी लड़ाई केवल UGC रोलबैक की नहीं है, हमारी लड़ाई इस तंत्र से है जिसने सामान्य वर्ग की बच्चियों को रेप-हत्या का सामान बना दिया है, जिसमें हमारी सुनवाई है ही नहीं।
राजपूत-ब्राह्मण-भूमिहार-लाला आदि को ले कर घृणा इतनी मेनस्ट्रीम हो गई है कि किसी पासवान समाज के दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित को लगता है कि सवर्ण बच्ची का रेप करना, उसके पूर्वजों के साथ हुए कथित अपमान का उचित बदला है।
उसे इसी सरकार ने यह हथियार थमाया है कि दीवारों पर लिखे नारों के मुँह तक पहुँचने, और देश छोड़ने के नारों से कब्र खुदने की बात तक, सवर्णों के प्रति घृणा सामान्यीकृत की जा चुकी है। ये नारे अब केवल नारे नहीं हैं, ये नारे दिल्ली में लगते हैं, बिहार में फोन पर देखे जाते हैं और किसी बच्ची को इस दुष्कृत्य का शिकार बना दिया जाता है।
आप ही बताइए, मैं केवल यूजीसी रोल बैक पर कैसे रुक जाऊँ?
"सवर्ण समाज के पास भाजपा के अलावा विकल्प ही क्या है?"
@neha_laldas जी ने इसका बहुत सही उत्तर दिया है।
जिस दिन हम एकजुट होंगे, सभी पार्टियाँ हमारा विकल्प बनने को मजबूर होंगी।
बहन उदिता त्यागी जी ,UGC गज़ट के विरोध में गाज़ियाबाद में पिछले 6 दिन से आमरण अनशन पर हैं....
कोई सुध लेने वाला नहीं है !! बच्चों का भविष्य अधर में है...
भाजपा ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली✍️
जो उनका साथ दे रहे थे आँख बंद करके उन्ही को अंधा कानून लाकर धोखा दे दिया 😡😡
रुकना नही है, जब तक आरक्षण खत्म न हो💪😡
#UGC_RollBack
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप जी का विश्लेषण एकदम सही है कि यूजीसी के नए बिल के कारण बीजेपी का अगले चुनाव में नुक़सान हो सकता है !
सुनिए , समझिए और शेयर करिए ⚖️🙏🏻🥺
#UGC_RollBack
मंगल पांडे ना होते तो 1857 का विद्रोह नहीं होता,
मंगल पांडे ना होते तो ईस्ट इंडिया कंपनी का विघटन ना होता,
अंग्रेजो को पता था ब्राह्मणों से ग़द्दारी नहीं करवा सकते,
लिहाज़ा अग्रेजों ने तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिये.
…..
वैसे ये आदमी जबसे चुनाव हारा है मानसिक रुप से विक्षिप्त है. ईश्वर इसे ठीक करें. जातिगत कुंठा से बाहर निकालें.