nitish prajapati retuiteado

जब 1 डॉलर = 60 रुपये हुआ था, तब देश में “आर्थिक संकट” की बात होती थी…
आज रुपया गिरकर, 90–95 प्रति डॉलर तक पहुंच गया है और कहा जा रहा है- "सब ठीक चल रहा है"
सवाल राजनीति का नहीं, अर्थव्यवस्था का है... रुपया गिरने का मतलब है-
1.भारत एक import dependent देश है — Crude Oil, Electronics, Machinery सब बाहर से आता है।
रुपया कमजोर ⇒ Import महंगे ⇒ Inflation बढ़ेगा ⇒ आम आदमी पर सीधा बोझ।
2.Dollar में होने वाला कर्ज (External Debt) महंगा हो जाता है।
रुपया गिरा ⇒ उसी कर्ज को चुकाने के लिए ज्यादा रुपये देने पड़ेंगे ⇒ Fiscal pressure बढ़ा
3.हां, Export को कुछ फायदा होता है, लेकिन भारत का Export base अभी उतना मजबूत है नहीं कि वह नुकसान की भरपाई कर सके।
4.Rupee depreciation लगातार हो रहा हो
Foreign investors का confidence कमजोर हो रहा है या फिर economy में structural issues हैं।
Developed economy बनने के लिए जरूरी है - Stable currency, Controlled inflation, Strong manufacturing & exports, & High investor confidence
अगर रुपया लगातार गिरता रहा तो “Viksit Bharat” का सपना, सपना ही रह जाएगा
देशभक्ति का मतलब सवाल पूछना है,
क्योंकि मजबूत देश वही है जहाँ जवाबदेही हो।
आप सब भी सवाल करो 🙏🏻
हिन्दी















