इरान के लिए 600 करोड़ का चंदा देने वाले कश्मीरी इलेक्ट्रिक मीटर फोड़ रहे है अब।
क्योकी मोदीजी इनको फ्री बिजली नहीं दे रहे है।
मतलब मोदी जी के दिए हुए पैसों से यह ईरान की मादा करेंगे फिर मोदी को ही गाली देंगे। 🤨
क्या इन लोगो को कोई शर्म है नीच मानसिकता के लोग है यह इन्हें किसने हक दे दिया की यह इस देश को नुकसान पहुँचाए?🤨🤨
@ibmindia20 सुना है कि बीजेपी से राम जी नाराज चल रहे हैं। अयोध्या में ये देखने को मिला। अब लोगों को भी राम जी की तरह चलना चाहिए। दिखावे के हिन्दुओ के पिछवाड़े में आग लगाओ और सत्ता से उखाड़ फेंको। अरे जो पार्टी वाले राम के नहीं हुए वो देश के कैसे हो जाएंगे।
जब प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को रोका, तो देश जैसे दो हिस्सों में बंट गया था।
एक तरफ विरोधी थे - जो लगातार आरोप लगा रहे थे कि “मोदी झुक गए… अमेरिका के दबाव में आ गए… सरेंडर मोदी!”
दूसरी तरफ उनके समर्थक थे - जिनका खू$न खौल रहा था। उनका मानना था कि “अब तो पा$किस्तान को पूरी तरह तोड़ देना चाहिए था, ताकि वो दोबारा आंख उठाने की हिम्मत न करे।”
लेकिन आज दुनिया में जो हालात बन रहे हैं, उन्होंने उस फैसले की असली वजह साफ कर दी है।
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया - और ये सिर्फ एक हमला नहीं था, बल्कि एक ऐसा प्रहार था जिसने उसके नेतृत्व, उसके शहरों और उसकी अर्थव्यवस्था तक को हिला कर रख दिया।
पर नतीजा क्या निकला? ईरान अब डर नहीं रहा। उसे अब बर्बादी का डर नहीं है, क्योंकि वो पहले ही उस सीमा को पार कर चुका है जहां खोने के लिए बहुत कुछ बचा ही नहीं।
यहीं पर मोदी का फैसला समझ आता है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पा$किस्तान को ऐसी चोट दी थी कि वो संभल नहीं पा रहा था। उसके एयरबेस तबाह हो चुके थे, उसकी रणनीति कमजोर पड़ चुकी थी, और वो जवाब देने की हालत में नहीं था।
अगर भारत उस वक्त और आगे बढ़ता, तो शायद पा$किस्तान भी उसी मोड़ पर पहुंच जाता जहां आज ईरान खड़ा है।
और याद रखिए - जब दुश्मन के पास खोने के लिए कुछ नहीं बचता, तब वो सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
मोदी ने युद्ध जीतकर रोका, डरकर नहीं। उन्होंने पा$किस्तान को सबक भी सिखाया और उसे उस हद तक नहीं धकेला जहां से वापसी नामुमकिन हो जाती।
क्योंकि असली नेतृत्व वही होता है जो सिर्फ युद्ध जीतना नहीं जानता, बल्कि यह भी जानता है कि कब रुकना जरूरी है।
आज अमेरिका खुद युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन परिस्थितियों में ऐसा फंस चुका है कि निकलना आसान नहीं है।
और यही सबसे बड़ी सच्चाई है - युद्ध शुरू करना आपके हाथ में होता है, लेकिन उसे खत्म करना हमेशा आपके नियंत्रण में नहीं होता। 🔥
@ishivauvach सुना है कि बीजेपी से राम जी नाराज चल रहे हैं। अयोध्या में ये देखने को मिला। अब लोगों को भी राम जी की तरह चलना चाहिए। दिखावे के हिन्दुओ के पिछवाड़े में आग लगाओ और सत्ता से उखाड़ फेंको। अरे जो पार्टी वाले राम के नहीं हुए वो देश के कैसे हो जाएंगे।
@jpsin1 सुना है कि बीजेपी से राम जी नाराज चल रहे हैं। अयोध्या में ये देखने को मिला। अब लोगों को भी राम जी की तरह चलना चाहिए। दिखावे के हिन्दुओ के पिछवाड़े में आग लगाओ और सत्ता से उखाड़ फेंको। अरे जो पार्टी वाले राम के नहीं हुए वो देश के कैसे हो जाएंगे।
अगर अभी भी आज कौन्ग्रेस का राज होता तो घरेलू गैस की कमी तो छोड़ो...बहुत सी ट्रेन तक बन्द हो चुकी होती...
2014 तक मात्र 35% इलेक्ट्रिफिकेशन हो पाया था भारतीय रेल का...बड़ी संख्या में ट्रेनें डीजल से चलती थी.. और ऊपर से सिर्फ 40% रेलवे ट्रैक ही डबल थे
यानी समय की भी खूब बर्बादी होती क्योंकि गाड़ियों की क्रॉसिंग में घंटो समय बर्बाद होते थे आप लोगों को वह दौर याद ही होगा.
पिछले 12 साल में ये आंकड़ा 99.2% तक पहुँच चुका है.... जी हां आप 99.22% रेलवे ट्रैक इलेक्ट्रिक हो चुके हैं और लगभग 99 प्रतिशत रेलवे ट्रैक डबल भी हो चुके हैं
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पता नहीं भोसईवाले 60 साल क्या करते रहे..
बस बातें दुचवा लो गानुओं से...
गाली के लिए सॉरी लेकिन इन कांग्रेसियों की आजकल बकवास देकर इनको गाली ही देने का मन करता है
यह दोगले इस देश को कितना बर्बाद कर चुकी है उसे पर बात नहीं करते
@REAL___HINDUVT सुना है कि बीजेपी से राम जी नाराज चल रहे हैं। अयोध्या में ये देखने को मिला। अब लोगों को भी राम जी की तरह चलना चाहिए। दिखावे के हिन्दुओ के पिछवाड़े में आग लगाओ और सत्ता से उखाड़ फेंको। अरे जो पार्टी वाले राम के नहीं हुए वो देश के कैसे हो जाएंगे।
नेहरू बने चाचा, गांधी बने बापू… तो मोदी जी क्या कहलाएंगे?
जैसे जवाहर लाल नेहरू को प्यार से चाचा नेहरू कहा गया और महात्मा गांधी को पूरा देश बापू के नाम से जानता है, वैसे ही आज के दौर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नरेन्द्र मोदी को लोग किस नाम से याद करेंगे? क्या उनका भी कोई ऐसा नाम बनेगा जो इतिहास में अमर हो जाए?
आज के समय में मोदी जी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक सोच और एक ब्रांड बन चुके हैं उनके समर्थक उन्हें देश का चौकीदार, विकास पुरुष, और कई लोग विश्व नेता तक कहते हैं लेकिन क्या इनमें से कोई नाम ऐसा है जो आने वाली पीढ़ियों के दिल में उसी तरह बस जाएगा जैसे “बापू” और “चाचा”?
राजनीति में पहचान सिर्फ पद से नहीं बनती, बल्कि जनता के दिल से बनती है और यही वजह है कि हर युग में नेताओं को अलग-अलग नाम दिए गए हैं मोदी जी ने भी अपने काम, फैसलों और व्यक्तित्व से एक अलग छाप छोड़ी है अब सवाल ये है कि जनता उन्हें किस नाम से याद रखना चाहती है—चौकीदार, प्रधान सेवक, या कुछ और नया?
सोशल मीडिया पर भी इस सवाल को लेकर जबरदस्त बहस चलती रहती है कोई उन्हें “मोदी जी” कहकर ही सम्मान देता है, तो कोई उन्हें देश का “ब्रांड एंबेसडर” मानता है लेकिन एक बात तो तय है—नाम चाहे जो भी हो, उनका प्रभाव इतिहास में जरूर दर्ज होगा
अब आपकी बारी है!आप क्या सोचते हैं—जिस तरह नेहरू “चाचा” और गांधी “बापू” बने, वैसे ही मोदी जी को क्या कहा जाना चाहिए कमेंट में बताइए और इस चर्चा को और दिलचस्प बनाइए
अगर Energy Crisis आए और उसके लिए सीधे सरकार को जिम्मेदार बता दो,
तो समझ लो सोच तुम्हारी रील जितनी ही shallow है।
140 करोड़ लोगों को gas, electricity और petrol पहुंचाना
खेत में कुआँ खोदने जितना आसान नहीं है।
85% energy import करने वाले देश के लोगों को थोड़ा चलाना(adjustment) पड़ता है।
पहले थोड़ा दिमाग चलाओ…
फिर reels, posts और gyaan बाँटो।
फिर भी सरकार ने अच्छे से संभाला हुआ है जबकि दूसरे देशों के हाल देखो और हां जो फटे में टांग फंसाने का बोल रहे वो ही सबसे ज्यादा गैस व पेट्रोल की समस्या पैदा कर रहे
@jpsin1 अरे आंड भक्त ये तो बता कि इसका फायदा किसे होगा? BSDK फायदा केवल तेल कंपनियों को होगा तुम लोग हमेशा झूठ परोसते रहते हो जबकि हकीकत से इसका कोई लेना देना नहीं होता है। शुक्र है कि तुम लोग केवल सोशल मीडिया में पाए जाते हो अन्यथा आम पब्लिक तुम जैसे लोगों को जूतों से पीटे।
पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रूपये से घटाकर 3 रूपये और डीजल पर 10 रूपये से घटाकर 0 कर दी गई है....
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इसे कहते हैँ मैनेजमेंट... साइबेरिया के भालुओं के सन्दर्भ में इसे ""सेव फॉर द विंटर"" कहा जाता है.... अर्थात जब सब कुछ आसानी से उपलब्ध हो... कोई कमी ना हो तब वस्तुओं की बर्बादी से बेहतर है उन्हें बुरे वक़्त के लिए सहेज के रख दिया जाए...
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सस्ता तेल मिला... सरकार ने कमाई की... आज जब प्रीमियम पर मिल रहा है तो जनता को उसके दवाब से कैसे बचाया जाए ताकि कीमतें ना बढ़ें.. उसी कमाई को प्रयोग किया जा रहा है..... यही तो मैनेजमेंट कहलाता है....
मन्नू भाई घोटालेवाले की तरह नहीं कि कीमतों को काबू में रखने के लिए ऑइल बॉन्ड जारी करके देश की अर्थव्यवस्था को दशकों तक के लिए पंगु कर दो....
पता नहीं कहाँ से अर्थशास्त्र पढ़ के आया था...
या बेचारा ठीक-ठाक पढ़ कर तो आया था लेकिन मालिकों की नौकरी करने के चक्कर में देश को बर्बाद कर दिया
अगर फ्री का पेट्रोल चाहिए तो
"भारत माता की जय" नहीं बोलना भाई लोग 🔥
ये हैदराबाद में सैय्यद अयूब नाम का पिल्ला
भारत विरोधी फंडिंग लेकर 50-50 रु का पेट्रोल 50 बाइक वालों को मुफ्त बाँट रहा था
तभी किसी ने भारत माता की जय का नारा लगा दिया तो सुनिए इस जिन्ना की औलाद ने क्या कहा🖐️
संकट के समय में जब विपक्ष ये ताक लगाए बैठा था कि सरकार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाएगी और हम उसपर राजनीति करेंगे ऐसे में मोदी सरकार ने 140 करोड़ देशवासियों के हित में सोचते हुए पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया जिससे जनता पर कोई बोझ ना पड़े।
वैश्विक संकट के बीच सरकार ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि ये सरकार संवेदनशील सरकार है जो हर हाल में केवल जनता का भला सोचती है।
@ManojSr60583090 बिजली से अच्छा याद दिलाया। 1 अप्रैल से बिजली के रेट बढाये जा रहे हैं। मतलब लोगों को ऊर्जा संकट के साथ साथ बिजली की मंहगाई का सामना भी करना पड़ेगा।
@ManojSr60583090 मानवता के नाते सबको दान देना चाहिए।अकेले मुसलमान ही क्यों दान कर रहे हैं?ईरान भारत का मित्र देश है और भारत को ईरान की सहायता करनी चाहिए।विदेश नीति तो यही कहती है। बाकी तुम लोग इस तरह से लोगों को बरगला कर भारत के लिए मुसीबत बनते जा रहे हो।ईंधन नहीं रहेगा तो तेरी बाप चूल्हा जलाएगा।
*भारत पर बोझ मुसलमानों ने*
*ईरान के लिए*
*2 दिनों में-600 करोड़ का दान दिया*
*जिस देश में सुअरो की तरह रहते है*
*जिस्की जूठन खाते है*
*उसके लिये मुस्लिम गद्दारो का योगदान*
*1965 के युद्ध में भारत के लिए 0*
*1971 के युद्ध में भारत के लिए 0*
*1999 के युद्ध में भारत के लिए 0*
@REAL___HINDUVT मोदी कोई राम नहीं है न ही मोदी राम को लाने वाला है। आस्था का सम्मान सभी लोग करते हैं। पर मोदी यानी आस्था ये तो नहीं हो सकता। हाँ तेरे लिए जरूर हो सकता है। तू ही चाट मोदी की
🔥 राम के नाम पर राजनीति नहीं, आस्था का सम्मान जरूरी! 🚩
“विपक्ष वालों बीजेपी से लड़ना है, बेझिझक लड़ो लेकिन राम से मत लड़ो, निपट जाओगे” — ये सिर्फ एक लाइन नहीं, करोड़ों लोगों की भावना है राजनीति अपनी जगह है, लेकिन भगवान राम करोड़ों दिलों की आस्था हैं जब बात आस्था की आती है तो हर हिंदुस्तानी दिल से जुड़ जाता है 💯
आज के दौर में जहां हर चीज़ को पॉलिटिक्स से जोड़ा जा रहा है वहीं ये समझना जरूरी है कि धर्म और आस्था को हथियार बनाना सही नहीं है भगवान राम सिर्फ एक नाम नहीं, एक आदर्श हैं, एक जीवन जीने का तरीका हैं उनके खिलाफ बोलना या उन्हें राजनीति में घसीटना लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
विपक्ष अगर सरकार की नीतियों से लड़ना चाहता है, तो खुलकर लड़े ये लोकतंत्र है और हर किसी को अधिकार है लेकिन जब बात राम की आती है, तो वहां राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए क्योंकि राम हर भारतीय के दिल में बसते हैं।
इतिहास गवाह है कि जिसने भी आस्था के खिलाफ जाने की कोशिश की है, उसे जनता ने जवाब दिया है ये देश धर्म और संस्कृति पर टिका है, और यहां के लोग अपनी परंपराओं के लिए हमेशा खड़े रहते हैं इसलिए समझदारी इसी में है कि आस्था का सम्मान किया जाए 🙏
आखिर में बस इतना ही कहना है। राजनीति करो, बहस करो, विरोध करो… लेकिन भगवान राम को इसमें मत घसीटो क्योंकि राम सिर्फ एक धर्म नहीं, इस देश की आत्मा हैं और जो आत्मा से टकराता है, वो खुद ही खत्म हो जाता है।
@ibmindia20 तेरी माँ की आंख। काहे हाजरी लगाएं? अब तक का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री है मोदी। इन्हें तत्काल अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। भाजपा दूसरे विकल्पों की तलाश करे अन्यथा बीजेपी का सफाया होना तय है।
पाकिस्तान में पेट्रोल 322 रूपये प्रति लीटर हुआ-
भारत को छोड़कर “पूरा विश्व” पेट्रोल-डीजल की महंगाई और 'लाइन' से जूझ रहा है..!
भारत में घटिया विपक्ष द्वारा पैनिक और अफवाह के कारण लाइन लग गयी, जबकि भारत में महंगाई भी नहीं हुई, और कमी भी नहीं, यहाँ स्टॉक सुरक्षित है।
@ChandanSharmaG अब क्यों विरोध कर रहे हो? बीजेपी की सरकार तो हिंदुत्ववादी सरकार थी न। फिर क्यों विरोध करने लगे? अब तुम्हे हिंदुत्व वादी सरकार पसंद नही आ रही है क्या?
मैं चंदन शर्मा UGC का विरोध करता हूं
यह एक काला कानून हैं।
इससे जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा तथा समाज के एक वर्ग को दबाया जा रहा है, जो भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा है।
यदि आप लिख नही सकते तो RT करें
लेकिन समर्थन जरूर करें
यह लड़ाई आपके बच्चों के भविष्य के लिए हैं।
@ocjain4 देश की अधिकांश जनता मोदी के नाम से चिढ़ने लगी है इसीलिए अब ये पैंतरे लोगो के सामने मत रखो। नही तो लोग तुम जैसों को जूते मारेंगे वो भी भिगो भिगो कर। कमेंट देख कर अंदाजा लगा लो।
धुरंधर 2 देखने के बाद बंगाली के बच्चे:
"मोदी मोदी, जय मोदी"
"जय श्री राम"
"ये सब मोदी की वजह से हो रहा है"
"भारत माता की जय"
"लोग पूछते हैं कि मोदी ने क्या बदला है, फिल्म ने दिखाया है कि नोटबंदी के जरिए मोदी ने क्या बदला है"
@PNRai1 नाचने का काम तो बीजेपी का था जो सत्ता हथियाने के लिए पहले सड़को पर आ जाती थी। देखा है या भूल गए? अब तुम जैसे हूतियो के लिए क्या ही लिखा जाए। पब्लिक तुम जैसे लोगों को भिगो भिगो कर नूते मार ही रही है। कमेंट देख कर तो ऐसे ही लगता है।
@ManojSr60583090 बीजेपी में आकर सारे नेता मंत्रियों के दाग धुल जाते हैं, उन्हें अच्छी पोस्ट पर बिठा दिया जाता है। इसीलिए बीजेपी से गद्दार पार्टी कोई नहीं है।
इसीलिए अब लोग कह रहे हैं कि बीजेपी का भरोसा कैसे किया जाय?