Tweet Disematkan
༄●⃝Rekha
1.2K posts

༄●⃝Rekha
@1008aadi
जो भरा नहीं भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं। वह हृदय नहीं है पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।।
Bergabung Şubat 2011
2.2K Mengikuti1.7K Pengikut
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet

धनुष और मृणाल ठाकुर के 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे को शादी करने की अफवाहें सोशल मीडिया पर धमाल मचा रही हैं, जिसमें निजी पारिवारिक समारोह की बात कही जा रही है।
हालांकि, दोनों सितारों के करीबी स्रोतों ने इसे "पूरी तरह बेबुनियाद फर्जी खबर" बताकर खारिज कर दिया है, जिसमें मृणाल की आगामी फिल्मों और धनुष के डी53, करा व बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स पर फोकस का जिक्र है।
यह अटकलें महीनों पुरानी डेटिंग गॉसिप से भड़कीं और 15-16 जनवरी को वायरल पोस्ट्स से तेज हुईं, लेकिन सितारों की ओर से कोई पुष्टि नहीं....see more

हिन्दी
༄●⃝Rekha me-retweet

सत्संग के महत्व
***********************************
एक युवक प्रतिदिन संत का सत्संग सुनता था। एक दिन जब सत्संग समाप्त हो गए, तो वह संत के पास गया और बोला:
महाराज! मैं काफी दिनों से आपके सत्संग सुन रहा हूं, किंतु यहां से जाने के बाद मैं अपने गृहस्थ जीवन में वैसा सदाचरण नहीं कर पाता, जैसा यहां से सुनकर जाता हूं। इससे सत्संग के महत्व पर शंका भी होने लगती है। बताइए, मैं क्या करूं?
संत ने युवक को बांस की एक टोकरी देते हुए उसमें पानी भरकर लाने के लिए कहा। युवक टोकरी में जल भरने में असफल रहा।
संत ने यह कार्य निरंतर जारी रखने के लिए कहा। युवक प्रतििदन टोकरी में जल भरने का प्रयास करता, किंतु सफल नहीं हो पाता। कुछ दिनों बाद संत ने उससेे पूछा, इतने दिनों से टोकरी में लगातार जल डालने से क्या टोकरी में कोई फर्क नजर आया ?
युवक बोला: एक फर्क जरूर नजर आया है। पहले टोकरी के साथ मिट्टी जमा होती थी, अब वह साफ दिखाई देती है। कोई गंदगी नहीं दिखाई देती और इसके छेद पहले जितने बड़े नहीं रह गए, वे बहुत छोटे हो गए हैं।
तब संत ने उसे समझाया, यदि इसी तरह उसे पानी में निरंतर डालते रहोगे, तो कुछ ही दिनों में ये छेद फूलकर बंद हो जाएंगे और टोकरी में पानी भर पाओगे।
इसी प्रकार जो लगातर सत्संग जाते हैं, उनका मन एक दिन अवश्य निर्मल हो जाता है, अवगुणों के छिद्र भरने लगते हैं और गुणों का जल भरने लगता है। युवक ने संत से अपनी समस्या का समाधान पा लिया।
निरंतर सत्संग से दुर्जन भी सज्जन हो जाते हैं। क्योंकि महापुरुषों की पवित्र वाणी उनके मानसिक विकारों को दूर कर उनमें सदविचारों का आलोक प्रसारित कर देती है।

हिन्दी
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet

🌑 शनिदेव की सच्ची परीक्षा – एक लघु कथा 🌑
एक नगर में हरि नाम का एक निर्धन किंतु सच्चरित्र व्यक्ति रहता था। वह न किसी का बुरा सोचता था, न किसी का हक़ मारता था। एक दिन उसकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती आरंभ हुई। देखते-ही-देखते व्यापार ठप हो गया, घर में बीमारी आ गई और अपनों ने भी साथ छोड़ दिया।
कई लोगों ने कहा—“यह सब शनिदेव का प्रकोप है।”
पर हरि ने शिकायत नहीं की। वह प्रतिदिन कर्म करता रहा, सत्य नहीं छोड़ा और हर शनिवार गरीबों को अन्न दान करता रहा। उसने केवल इतना कहा—
“जो हो रहा है, उसमें भी कोई शिक्षा होगी।”
साढ़ेसाती समाप्त होते ही उसका जीवन धीरे-धीरे सँवरने लगा। उसे नया काम मिला, मान-सम्मान लौटा और सबसे बढ़कर भीतर एक अटूट धैर्य पैदा हो गया।
एक संत ने उससे कहा—
“शनिदेव दंड नहीं देते, वे न्याय करते हैं। वे गिराते नहीं, परखते हैं। जो सत्य और कर्म के मार्ग पर टिके रहते हैं, उन्हें अंततः ऊँचा उठा देते हैं।”
हरि मुस्कराया, क्योंकि अब वह समझ चुका था—
शनिदेव दुख नहीं देते, वे मनुष्य को मजबूत बनाते हैं।
🪔 संदेश:
शनि का समय कठिन हो सकता है, पर यदि कर्म शुद्ध हो तो परिणाम अवश्य शुभ होता है।
जय शनिदेव 🙏

हिन्दी
༄●⃝Rekha me-retweet

क्या आप भी इन्हे जानते है
अनिरुद्धाचार्य (असली नाम: अनिरुद्ध तिवारी) मध्य प्रदेश के रहने वाले एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक हैं, जो वृंदावन के गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक हैं और अपनी भागवत कथा, धार्मिक प्रवचनों व सामाजिक कार्यों (वृद्धाश्रम, गौशाला, अन्नपूर्णा रसोई) के लिए जाने जाते हैं, जहाँ वे सनातन धर्म का प्रचार करते हैं और सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता के लिए भी मशहूर हैं, जिन्हें 'पूकी बाबा' भी कहते हैं.
जन्म और प्रारंभिक जीवन
जन्म: 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के दमोह जिले के रेवझा गाँव में हुआ.
बचपन का नाम: अनिरुद्ध तिवारी.
आध्यात्मिक जुड़ाव: बचपन से ही आध्यात्मिक माहौल में पले-बढ़े; उनके पिता एक मंदिर के पुजारी थे.
शिक्षा: कम उम्र में ही भागवत गीता और अन्य धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया.
मुख्य कार्य और पहचान
कथावाचक: भागवत पुराण और धार्मिक ग्रंथों पर प्रवचन देते हैं, जो यूट्यूब पर बहुत लोकप्रिय हैं.
आश्रम: वृंदावन में गौरी गोपाल आश्रम चलाते हैं, जिसमें वृद्धाश्रम, गौशाला और जरूरतमंदों के लिए अन्नपूर्णा रसोई शामिल है.
सामाजिक सेवा: गौ सेवा, भोजन वितरण और शिक्षा प्रदान करने जैसे कार्य करते हैं.
अनिरुद्ध आचार्य के गौरी गोपाल आश्रम में मुख्य रूप से लगभग 300 वृद्ध माताएं रहती हैं जिन्हें उनके परिवारों ने छोड़ दिया है, और आश्रम प्रतिदिन 30,000 से अधिक लोगों को भोजन भी कराता है, जिसमें कोई दरवाज़ा नहीं है, यह एक निःशुल्क सेवा है जो समाज के ज़रूरतमंदों की सेवा पर केंद्रित है।
एक दिन मे 30000 लोगो के खाने ख़र्चा लगभग 230000 आता है
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की गौशाला, श्री गौ गौरी गोपाल सेवा संस्था, एक बड़ी गौशाला है इसमें लगभग 30000 गाय रखी जाती है

हिन्दी
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet

गिरफ्तारी तक रिपोस्ट करते रहिये ✊
नाम 👉 गोपाल कश्यप
पता 👉 थाना- कायमगंज, जिला - फतेहगढ़
नोट 👉 (अन्य जानकारी के लिये आप हमे डीएम करे )
महोदय ये ब्यक्ति हमारे देवी देवताओ के खिलाफ ai से गलत वीडियो एडिट कर सोशल मीडिया पर डाल रहा है
मान्यवर👉 @fatehgarhpolice @Uppolice @igrangekanpur @adgzonekanpur
प्रेषित 👉 @DeepakS06339062

हिन्दी
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet
༄●⃝Rekha me-retweet



















