
ट्रंप ने भारत और चीन को hell hole यानी नर्क कहा है और भारतीयों पर अपमानजनक टिप्पणी की है।
इन महाशय को आंखों खोलने के लिए तथ्यों के छींटे मारने चाहिएं
#NotesOnNews
1 - अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सिलिकॉन वैली की 'रीढ़' हैं
अगर भारतीय लोग अमेरिका से हट जाएं, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था, वहां की टेक इंडस्ट्री, बुरी तरह चरमरा जाएगी।
अमेरिका में लगभग 48 से 50 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। ये अमेरिका में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाला समूह है, जिनकी औसत पारिवारिक आय अमेरिकी राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी है। भारत के लोग अमेरिका को अरबों डॉलर का टैक्स देते हैं। वहां इनोवेशन करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनियों का नेतृत्व भारतीय कर रहे हैं। अमेरिका की 30% से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों में भारतीयों का शीर्ष स्तर पर प्रभाव है। तो अगर ट्रंप गाली दे रहे हैं तो वो गाली अमेरिकी भारतीयों की ओर भी जा रही है
2 - अमेरिका का Healthcare सिस्टम दुनिया के सबसे महंगे सिस्टम में से एक है। इसे बजट के भीतर और आम अमेरिकियों की पहुंच में रखने का बड़ा श्रेय भारत को जाता है।
भारत अमेरिका में जेनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा सप्लायर है। अगर भारत अमेरिका को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां देना बंद कर दे, तो अमेरिकी नागरिकों को इन्हीं दवाइयों के लिए कई गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इससे वहां का पूरा हेल्थकेयर बजट और बीमा सिस्टम ध्वस्त हो सकता है।
3 - अमेरिका की विदेश नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना है, और इस काम में भारत को साथ लिए बिना अमेरिका कुछ नहीं कर सकता।
यानी भारतीयों के बिना न तो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री चलेगी, न ही उसकी कूटनीति और हेल्थकेयर।
एक बात और
प्रवासियों को गाली देने वाले ट्रंप की खुद की पत्नी एक प्रवासी हैं।

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