Disha Singh

9.4K posts

Disha Singh banner
Disha Singh

Disha Singh

@thisdisha

धमोँ रक्षति रक्षितः🚩🚩

Jaunpur, Lucknow India 参加日 Nisan 2017
824 フォロー中2.1K フォロワー
固定されたツイート
Disha Singh
Disha Singh@thisdisha·
सरकार अगर आप सबके लिए समान कानून नहीं रख सकते सरकार होते हुए भी भेदभाव कर रहे हो तो कृपा करके सामान्य वर्ग के लिए अलग अस्पताल,स्कूल,कॉलेज खुलवा दो हम सब वही पढ़े लिखे अपना इलाज कराएं।हम क्यों फालतू का भेदभाव भी सहे एससी एसटी एक्ट भी सहे और इल्जाम भी हम ओर लगे कि हम भेदभावकरते हैं
हिन्दी
1
3
25
769
Disha Singh がリツイート
Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
जब वामपंथी नैरेटिव आपका मुख्य ध्येय बन जाता है, तब आप हर वह झूठ बोलते हैं जो एट्रोसिटी लिट्रेचर से ले कर ‘इन्होंने ही महिलाओं के अधिकारों और शिक्षा की बात की’ तक चले आते हैं। फूले से पहले भारत में जितने गुरुकुल थे, उसमें तथाकथित ‘शूद्र’ भी शिक्षा पाते थे, लड़कियाँ भी। पर जब अजेंडा चलाना लक्ष्य हो तो कुछ भी कह दीजिए, देश के पीएम हैं, SC/ST Act है, IB का सर्विलांस हैं, हाउस अरेस्ट है, सामने वाला झक मार कर आपकी जयजयकार करेगा ही। बोलिए मोदी जी की जय!
Narendra Modi@narendramodi

महात्मा ज्योतिराव फुले यांच्या जयंतीदिनी, समता, न्याय आणि शिक्षण या मूल्यांसाठी आपले जीवन समर्पित करणाऱ्या या द्रष्ट्या समाजसुधारकाला अभिवादन करतो. महिला आणि उपेक्षितांच्या हक्कांचा लढा सुरु करणारेही तेच होते. त्यांच्या प्रयत्नांमुळे शिक्षण हे सक्षमीकरणाचे एक शक्तिशाली साधन बनले. यावर्षी, आपण त्यांच्या जयंतीच्या द्विशताब्दी वर्षात पाऊल ठेवत आहोत. सामाजिक प्रगतीच्या वाटचालीत त्यांचे विचार सर्वांना सदैव मार्गदर्शन करत राहोत.

हिन्दी
122
1.2K
3.4K
40.8K
Disha Singh がリツイート
Tushar ॐ♫₹
Tushar ॐ♫₹@Tushar_KN·
We have to be prepared for a 2.5 front war, and we have our plans to deal with it ~ Late General Bipin Rawat This country needs an army commander like General Bipin Rawat Not someone who would wait for namaz to be done before attacking
English
74
1.1K
5.2K
53.3K
Disha Singh
Disha Singh@thisdisha·
उन्होंने हमारे लोगों को कलमा पढवाया और जो नहीं पढ़ पाए उनको मार दिया लेकिन इनका बात सुनकर लग रहा है कि गाँधी वादी विचार इनके अंदर का गया नहीं है। जनरल विपिन रावत सर पूरा देश आपको याद कर रहा है।
Shashank Mattoo@MattooShashank

"During Op Sindoor, we would not strike at a time when those on the other side were doing namaz prayers. Because sabka malik ek hain," says Army Chief Upendra Dwivedi

हिन्दी
0
0
1
21
Disha Singh
Disha Singh@thisdisha·
आपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान ने माता वैष्णो देवी और सवर्ण मंदिर को निशाना बनाया और हमने उन्हें नमाज पढ़ने का वक्त दिया। कब सीखेंगे हम अपनी गलतियों से?
हिन्दी
0
0
2
14
Disha Singh がリツイート
कुंभकरण
कुंभकरण@_kumbhkaran·
Some GOATed statements of General Vipin Rawat. > The Indian Army is apolitical and must remain so. > Gentlemen Army is conservative. The Army’s job is not to make women comfortable… We need to ensure our men are ready for operations in extreme conditions > Population growth with different people having different aspirations… is a matter of concern > There is a difference between leaders and those who misguide people > Leaders are not those who lead people in the wrong direction. > We are not here to please anyone; we are here to fight and win wars His death still scares me. There was surely something we are unaware of!
Śaciṣṭha@RiseBharata

Missing Him Badly,

English
77
1.4K
8.2K
246.8K
Disha Singh がリツイート
°अद्वितीय°
दलित कॉन्ग्रेस का कोर वोटर था जिसके बाद भी कॉन्ग्रेस ने सवर्ण हितों के विपरीत कोई काम नहीं किया. बदले में वास्तविक वंचित वर्ग scst आरक्षण का सवर्ण वर्ग ने कभी विरोध नहीं किया. राजीव गांधी ने मंडल कमीशन को देश की बरबादी का पेंडोरा बॉक्स बोला था. सवर्ण अपने की कर्मफल भुगत रहा है.
हिन्दी
1
11
16
423
Disha Singh がリツイート
Jyoti Singh ✨
Jyoti Singh ✨@singhmadam001·
महलों का राजा मिलने से रानी बेटी राज नहीं करती..नसीब होना चाहिए उसके लिए .. सुख नसीब में होगा तो जिसके भी साथ रहेगी राज करेगी..और नसीब खोटा होगा तो रोना ही मुकद्दर होगा।
हिन्दी
3
6
59
1.1K
Disha Singh がリツイート
Disha Singh
Disha Singh@thisdisha·
जिन डिप्लोमेट्स ने पाकिस्तान को अलग थलग करने के लिए अपनी पूरी जिंदगी दे दी आज उन्हें कितना बुरा लग रहा होगा देखकर कि विश्व शांति का सम्मेलन इस्लामाबाद में होने जा रहा है। पता नहीं मोदी जी को क्या मिला अमेरिका के करीब जाकर, सारे रिश्ते भी खराब हो रहे हैं और कुछ मिल भी नहीं रहा है।
हिन्दी
0
0
1
25
Disha Singh
Disha Singh@thisdisha·
@ajeetbharti इस देश में सामान्य वर्ग के लिए कोई नियम कम्यून नहीं रह गया है अगर वो लड़की एससी एसटी होती तो पुलिस क्या प्रधानमंत्री तक उस पर बोलते पर इस देश मे सामान्य वर्ग में जन्म लेना ही अपराध है।
हिन्दी
2
17
87
3K
Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
बिहार के सारण में जो लड़की कुएँ में मरी पाई गई, उसके माता-पिता और बहन ने बयान बदल लिया है। अब बयान वही है जो पुलिस का था। लड़की की आत्महत्या हुई। NHRC ने केस लिया। पुलिस ने बच्ची से वर्दी में कैसे बात की, जबकि कानून इस पर स्पष्ट है कि वो ऐसा नहीं कर सकते। चाहे नीट वाली छात्रा हो या सारण की, बिहार पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया है। ये पता नहीं कि कर्तव्य किसके प्रति निभाया। न्याय के प्रति तो नहीं दिखता।
हिन्दी
152
3.8K
10.8K
162.2K
Disha Singh がリツイート
Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
जब सत्ता वैसे नागरिकों को हंट करने लगे, जो उनकी कमियों को उजागर करते हों; जो उनकी त्रुटिपूर्ण नीतियों की आलोचना करते हों; जो संवैधानिक दायरे में रह कर विरोध करते हों; जो लिखने-बोलने पर अंकुश लगाने लगे… तब समझिए कि उन्होंने वह रास्ता चुन लिया है जिसका आरोप वह दूसरों पर लगाते रहे हैं। @khurpenchh या अन्य हैंडलों पर FSSAI के भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करने पर जो FIR हुई है, वह बताती है कि सत्ता/प्रशासन सुधार की जगह इसे ढकने में विश्वास रखती है। @BJP4India के @narendramodi जी, जब पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर गिरने/बहने लगें, जब IAS/IPS जाली सर्टिफिकेट लगा कर नौकरी पानें लगें, जब सरकारी कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर चुने जाने लगें, और आपकी पुलिस उन्हें ही पकड़ने लगे जो ये एक्सपोज करते हैं, तो स्वयं को पार्टी विद अ डिफरेंस कहना बंद कर दीजिए। मैं खुरपेंच समेत, हर उस व्यक्ति के साथ हूँ जो सरकारी भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करने में लगा हुआ है।
हिन्दी
356
5.9K
14.5K
456.7K
Disha Singh がリツイート
Ashish Vats
Ashish Vats@AshishVats11745·
एक बात तो कन्फर्म है अब यूजीसी पे कोर्ट का चाहे जो निर्णय आए मोदी और भाजपा सवर्णों के नज़र से उतर गयी है| हमारी वाली जेनरेशन जो अंधभक्त बने घूम रही थी अब अपने पुरे जीवन मे शायद ही कभी भाजपा पे पूरी तरह विश्वास कर पाए|
हिन्दी
31
295
816
6.1K
Disha Singh がリツイート
लंकेश
लंकेश@Observer4s·
अगर आप SC ST नहीं हैं और अपने ऊपर हो रहे किसी अत्याचार के खिलाफ शिकायत लेकर किसी भी थाने चले जाओ, SDM के पास चले जाओ, CO, BDO के पास चले जाओ, नेता के पास ही चले जाओ, दुत्कार कर भगा देते हैं, अगर आप ब्राह्मण हो तो लात मार के भगा देते हैं। ऐसी स्थिति बन गयी है समाज की। पुलिस देखती है पहले कि मेरी नौकरी किस FIR को लेने या नहीं लेने से सुरक्षित रहेगी। कोर्ट में मेरा पैंट किसकी शिकायत लेने से नहीं उतरेगी। SC ST अगर आवेदन लेकर थाने पहुँचता है तो SHO कच्छे में भागकर आवेदन लेते हैं, बाकायदा उसे FIR में तब्दील करते हैं। क्योंकि नौकरी का सवाल है। नहीं लेने पर ऊपर से बमू आएगा. DySP गाली देंगे, SP देंगे। लोकल नेता भी गरियायेगा। और रही सही कसर कोर्ट में पुरा हो जायेगा। सब वोट के इर्द गिर्द ही घूमता है। किस वर्ग को खुश करना है, किसके नाराज होने से फायदा है, किसके खुश होने से.. सब वोटबैंक के परिधि में घूमता है। यहां पिता की हत्या हो गयी तो निलंबन हो गया, वरना 3 साल से चल ही रहा था, कितने SHO आये गए, पीडीता के दर्जनों आवेदन पर पुलिस समोसे रखकर खा गयी होगी.. यहीं सत्य है। बाकी उत्तरप्रदेश पुल्स देश की सक्षम पुल्स है। 🙏🏻 #Kanpur
हिन्दी
23
483
1.2K
22.3K
Disha Singh がリツイート
Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
रुझान आने लगे हैं। सवर्णों के प्रति दीवारों पर लिखे भाषणों से उनके सार्वजनिक रेप और हत्या की धमकी से आगे बेटियाँ माँगने और न मिलने पर हत्या होने लगी है। 15 साल की लड़की पर जबरन विवाह का दवाब, छेड़ना और SC/ST एक्ट की धमकी। मोदी की लगाई विषबेल है ये।
हिन्दी
341
7.3K
14.3K
128.4K
Disha Singh がリツイート
The story Teller
The story Teller@Storytellerrr_·
काश हम लड़के ये महसूस कर पाते कि लड़कियों की असली थकान उनका वो 'हमेशा अपने करियर और घर के बीच बैलेंस बनाने का डर' होता है। हम तो काम पर फोकस करके बेफिक्र हो जाते हैं, पर एक लड़की का दिमाग हर वक्त इस कशमकश में रहता है कि उसकी थोड़ी सी महत्वाकांक्षा कहीं उसके अपनों को नज़रअंदाज़ न कर दे। उन्हें ढेर सारी मोटिवेशन या लेक्चर्स नहीं, बल्कि वो भरोसा चाहिए जहाँ उन्हें 'सुपरवुमन' बनने का बोझ न उठाना पड़े। वो बस एक ऐसा सुकून ढूँढती हैं जो उनके एम्बिशन को उनकी ख्वाहिश नहीं, बल्कि उनका हक समझ सके।
हिन्दी
3
10
56
2.2K
Disha Singh がリツイート
Narendra Nath Mishra
Narendra Nath Mishra@iamnarendranath·
नार्मल काग़ज़ी एलपीजी सिलिंडर मुमकिन है लोगों को मिल रहा हो लेकिन खुले बाज़ार में अराजकता आ गई है। देश के अधिकतम सामान्य स्टूडेंट्स हॉस्टल में या बैचलर लोग 5 किलो वाला छोटा सिलिंडर रखते हैं जो बाज़ार में रिफ़िल करते रहे हैं। इनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए कुछ किया जाना चाहिए। यह बहुत बड़ी समस्या है!
हिन्दी
37
149
890
50.8K