मुंबई के धारावी में मुस्लिम युवक आकिब शेख का आरोप है कि उसको और उसके दोस्तों को गौमांस ले जाने के शक में परेशान किया गया। जबकि उनके साथ भैंस का मांस था।
फैसला आपका: सशक्त भारत या मजबूर भारत? 🇮🇳
मित्रों, यह तस्वीर एक कड़वा सच बयां करती है। लिखा है, "डरो मत यहाँ चोरी नहीं होगी।" और यह भरोसा आज पूरा देश सिर्फ एक ही शख्स पर करता है—श्री नरेंद्र मोदी। 💪
यह चुनाव सिर्फ दो पार्टियों या दो चेहरों के बीच का नहीं है, यह चुनाव भारत के भविष्य की दिशा तय करने का है। पिछले 10 वर्षों में हमने देखा है कि जब नीयत साफ़ हो और नेतृत्व मजबूत हो, तो क्या कुछ मुमकिन है। 🔥
एक तरफ भाजपा (BJP) है, जिसका मतलब है—विकास, राष्ट्रवाद और अंत्योदय। मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर गर्व से सिर ऊंचा करके खड़ा है। 🌏 गरीबों को पक्के मकान, हर घर जल, उज्ज्वला योजना, जन-धन खाते और डिजिटल इंडिया जैसी क्रांतियों ने आम आदमी का जीवन बदला है। आज देश का खजाना सुरक्षित हाथों में है, और भ्रष्टाचारियों में डर का माहौल है। 🚫💰
दूसरी तरफ कांग्रेस है, जिनका इतिहास घोटालों, तुष्टिकरण और परिवारवाद से भरा है। क्या हम फिर से उस दौर में लौटना चाहते हैं जहाँ देश के संसाधनों पर पहला हक किसी खास वर्ग का बताया जाता था? 🤔
आज भारत एक निर्णायक मोड़ पर है। आपका एक वोट यह तय करेगा कि हम 'विकसित भारत' की ओर तेज गति से बढ़ेंगे या फिर से भ्रष्टाचार और कुशासन के अंधेरे में खो जाएंगे।
इसलिए, डरें नहीं, बल्कि गर्व से अपना कर्तव्य निभाएं। विकास को चुनें, सुरक्षा को चुनें, और एक मजबूत सरकार को चुनें।
🙏🪷
ऋषिकेश में वन भूमि के सर्वे के लिए आई टीम और पुलिस वालों पर इतने पत्थर फेंके गए कि पुलिस वालों को जान बचाकर भागना पड़ा।
रेलवे ट्रैक पर पत्थर थे भी बहुतायत में। जुटाने के लिए अलग से मेहनत भी नहीं करनी पड़ी।
धामी जी का अगला एक्शन देखना है
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2010 में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान कहा था कि
“जब भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बोलते हैं, तो दुनिया सुनती है”… See more
WE WANT PEACE ALWAYS.
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आज देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था की ज़रूरत है जो हर बच्चे को आगे बढ़ने का मौका दे, ताकि एक रिक्शा चलाने वाले का बच्चा भी यह सपना देख सके कि वह olympiad जैसे international competitions में भाग लेकर देश का नाम रोशन कर सकता है।
मैंने शिक्षा पर काम करते हुए देखा कि देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस उसे सही अवसर देने की ज़रूरत है ताकि आने वाले समय में एक मजबूत नींव रखी जा सके जो विकसित भारत के मज़बूत स्तंभ के रूप में काम करे।
This image is not just disturbing — it is terrifying.
It exposes how some people are openly playing with human lives for a few filthy rupees. In Kapaswadi, Andheri West (Mumbai), a milk adulteration racket is turning daily nourishment into silent poison.
To fake milk, they are mixing lethal substances without a shred of conscience:
•Detergent powder
•Urea
•Soap solution
•Refined oil
•Synthetic chemicals
One litre is stretched into two — and this toxic liquid is sent into homes, poured into glasses, and fed to innocent children, the sick, and the elderly.
This is not negligence. This is not greed alone. This is calculated cruelty.
When money is valued above human life, it is no longer a crime — it is a collapse of humanity itself.