Pramod Kumar Ray
350.9K posts





दुनिया भर में इतनी लोकप्रियता हो गई थी कि चुनाव जीतने के लिए हुमायूँ कबीर जैसे लोकप्रिय नेता को फ़्रंट बनाना पड़ा, कथित रूप से पैसे देने पड़े, उसके उम्मीदवार उतरवाने पड़े, फिर उसको किसी से सपोर्ट दिलवाना पड़ा, तब भी नहीं हुआ तो वोट काट देना पड़ा। अब इससे भी नहीं हो पा रहा होगा तो रिज़ल्ट मैनेज किया जाएगा फिर कहा जाएगा कि तीस राज्यों से एक लाख कार्यकर्ता तीन महीने से रह रहे थे। घर-घर अक्षत लेकर जा रहे थे। महिला कार्यकर्ता घरों में जाकर सिंदूर लगा रही थीं। नेता लोगों के घर नाश्ता कर रहे थे। अंडा खा रहे थे। मछली खा रहे थे। आपने भारत की राजनीति में हाथ में मछली लेकर किसी को वोट माँगते देखा था? भारत की राजनीति को भूत-भभूत का खेल बना दिया है। किसी समस्या को स्वीकार नहीं करना है। सवाल का जवाब नहीं देना है।खुद बोलना है न बोलने देना है। किसी का पोस्ट बैन करना है, किसी का वीडियो डिलीट करवाना है। गोदी ऐंकर इन सबको चुनाव लड़ने की मशीनरी बताएँगे। 27 लाख वोटर के नाम कटने की चुप्पी एक बार फिर साबित करती है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र की हत्या में पार्टनर है। लोकतंत्र का हत्यारा है।




















