Awesh Tiwari
18.7K posts

Awesh Tiwari
@awesh29
Journalist, Columnist, 22 yr Exp, EX CFJ Fellow, Ex state head Swaraj Express, Rajasthan patrika, Dainik jagran, Nai Dunia, Hindustan, DNA
India 가입일 Kasım 2009
500 팔로잉28.4K 팔로워

बेहद बड़ी खबर आ रही है। जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा नीदरलैंड और जापान ने ईरान की निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देने की बात कही है।
पत्र में कहा गया है कि यूके, कनाडा समेत हम सब देश खाड़ी में निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों, तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को वस्तुतः बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं।
पत्र में कहा गया है कि हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। हम ईरान से आग्रह करते हैं कि वह अपनी धमकियों, बारूदी सुरंग बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों तथा जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए अवरुद्ध करने के अन्य प्रयासों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का अनुपालन करे।

हिन्दी

आप यकीन नहीं करेंगे तमाम भक्त आपसी बातचीत में भी नेतन्याहू को नेतन्याहू जी, नेतन चाचा, याहू फूफा और इजरायल को पापाघर कहने लगे हैं।
पवन खेड़ा जी @Pawankhera को पढ़िए "आजकल भारत में इज़राइल के कुछ नए नए इश्क़ज़ादे पैदा हो गए हैं जिन्हें ना इतिहास की जानकारी है, ना ही भारत के सामरिक हितों की फ़िक्र और ना दशकों से बढ़े और बने भारत के क़द की समझ।"

हिन्दी

सैल्यूट स्वीकार करें मेजर जनरल जी डी बख्शी साहब। बेवकूफों, निर्लज्जों का पानी उतारने का सही तरीका आपने इस्तेमाल किया है।
सोचने वाली बात है देश के करोड़ों हिन्दुस्तानियों को बेवकूफ समझने वाली अंजना ओम कश्यप जैसे लोग सेना के रिटायर्ड अफसर को भी शिया सुन्नी में उलझाकर खेल कर रही हैं। करारा जवाब।
हिन्दी

इस्तीफा देने के बाद अमेरिकन काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट का कहना है कि अली लारीजानी शांति वार्ता कर रहे थे और उनकी हत्या कर दी गई। कतर की गैस ऊर्जा बाजारों को स्थिर कर सकती थी लेकिन उसे भी नुकसान हुआ।
वो कहते हैं कि तेल अवीव शांति नहीं चाहता, वह स्थायी युद्ध चाहता है, और अमेरिका इसका हथियार है।

हिन्दी

बिग ब्रेकिंग
वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तानी और ईरानी भी हम भारतीयों से ज्यादा खुश हैं। हम दुनिया के आखिरी कुछ नंबरों के बीच छिपे हुए हैं। भाजपा इसको कांग्रेस या सोरोस की साजिश कह देगी लेकिन यही सच्चाई है।
अभी एक दोस्त की रिपोर्ट पढ़ रहा था। वह असम में बंगाली हिंदु होटल मालिक से बात कर रहा था उसने पूछा क्या बनाए हो, होटल वाले ने कहा खाली चावल है क्योंकि गैस नहीं है।
दोस्त से बातचीत में होटल वाले ने कहा कुछ भी हो जाए हम वोट भाजपा को ही देंगे। मतलब साफ है भाजपा दुखी लोगों के वोट से चुनाव जीत रही है।

हिन्दी

यह सेटेलाइट इमेज डराती है। 18 मार्च को ली गई एक नई उपग्रह छवि में माल्टा के ध्वज वाले सेफीन प्रेस्टीज कंटेनर जहाज से धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद है।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त तस्वीर के अनुसार, 175 मीटर लंबा यह पोत ओमान के रास मखबूक से लगभग 4.5 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में स्थित है।ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन विभाग ने बताया कि 4 मार्च को सेफीन प्रेस्टीज जहाज पर एक "अज्ञात वस्तु" से हमला हुआ, जिससे इंजन रूम में आग लग गई।
बताया जा रहा है कि जहाज के सभी चालक दल के सदस्य जहाज छोड़कर भाग गए। उपग्रह चित्र में दिख रही आग कब लगी, यह स्पष्ट नहीं है। याद रखिए इस वक्त हॉर्मूज में सबस इज्यादा भारत के नागरिक फंस गए हैं।

हिन्दी

यह तो होना ही था। भाजपा के भ्रष्टाचार और नफरत की सुलगती भट्टी की आँच को छिपाकर विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश हो रही है। ऐसे में निश्चित तौर पर उन आवाजों को चुप कराना होगा जो इस सरकार की अनवरत पोल खोल रही हैं।
यह बेहद शर्मनाक, मौलिक अधिकारों का हनन, गैरकानूनी है। जिस अयोग्य मंत्री को कब का अपने पद से हट जाना चाहिए वह अब यह सब कारनामे करके सरकार के आलोचकों को चुप कराने में लगा है।


हिन्दी

भाजपा ने आज फिर ट्वीट किया है कि देश के कई मानिंदों ने संसद परिसर में राहुल गांधी के चाय पीने के खिलाफ चिट्ठी लिखी है। मैं बार बार उन लोगों के कारनामे नहीं बताना चाहता कि चिट्ठियां किन लोगों ने लिखी है? चूंकि आप चिट्ठी लिखने वालों को माननीय बताने पर तुले हुए हैं इसलिए यह लिखना पड़ रहा है।
दीपक वोहरा भारतीय विदेश सेवा के रिटायर्ड अधिकारी हैं। वे पूर्व सूडान, पोलैंड, आर्मेनिया आदि में राजदूत रह चुके हैं और अब खुद को घोषित तौर पर संघी कहते हैं।
जब वे सूडान में भारत के राजदूत थे तब उन पर और एक अन्य अधिकारी अजय गांगुली पर आरोप लगा कि उन्होंने भारतीय दूतावास में फाइनेंशियल फ्रॉड किया है। आरोपों में शामिल हैं:
फर्जी TA बिल्स जमा करना
बाजार से ज्यादा दाम पर डीजल खरीदना।
फर्जी एजेंट को ऑफिस किराए के पैसे देना।
ऑफिशियल कार होने के बावजूद प्राइवेट कार हायर करना।
कॉन्सुलेट प्रेमिसिस ज्यादा रेट पर हायर करना।
फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना
यह सब IPC की धारा 468, 471, क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी 120-B, और Prevention of Corruption Act की धाराओं के तहत अपराध हैं।
आप ही बताइए इस तरह के ओछे कामों वाले राहुल को बता रहे कि कहां चाय पियें कहां नहीं। हद है। इस मामले में सीबीआई को 2022 में सरकार से प्रोसिक्यूशन की मंजूरी मिली थी, और कोर्ट ने केस में संज्ञान लिया था। ये मामला मुख्य रूप से गबन और भ्रष्टाचार से जुड़ा है। सारे दस्तावेज हैं।

हिन्दी




