Arun barnwal
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यह लापरवाही नहीं , धीरे-धीरे ज़हर देने जैसा अपराध है। आम लोगों की आवाज़ संसद में उठाने के लिए @raghav_chadha का धन्यवाद। आज जो हम रोज खाते हैं , वही चुपचाप हमारी सेहत बर्बाद कर रहा है। खाने में मिलावट अब छोटी धोखाधड़ी नहीं, साइलेंट इमरजेंसी बन चुकी है। तीन महीने पहले जब हमने मिलावट का मुद्दा उठाया था, तब जनता का समर्थन मिला। और आज उसी मुद्दे को राज्यसभा में उठते देखना सच में संतोष और उम्मीद देता है। यह दिखाता है कि यह सिर्फ़ सोशल मीडिया का शोर नहीं , देश की असली समस्या है , जिसे हर विधायक और हर सांसद को उठाना चाहिए। क्योंकि हर खाने में ऐसे केमिकल मिल रहे हैं जो कैंसर तक का कारण बनते हैं बच्चों में हार्मोन बिगड़ रहे हैं , असर सालों तक रहेगा लिवर , किडनी और पेट धीरे-धीरे खराब हो रहे हैं। शुगर, BP जैसी बीमारियाँ “बिना वजह” नहीं, इसी जहर का नतीजा हैं यह स्वाद या मिलावट का मुद्दा नहीं है। यह बिना बताए करोड़ों लोगों को ज़हर खिलाने का मामला है। अब दिखावा नहीं , सख़्त क़ानून और ज़ीरो टॉलरेंस चाहिए। जिम्मेदारी तय हो , कार्रवाई दिखे तभी जनता सुरक्षित होगी।













