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Ali Aslam Khan
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She is not as heartbroken over the demolition of her home as she is over the demolition of the mosque, and that even the Quran was not allowed to be taken out — where will the children go to pray now?
Maharashtra: During the demolition drive in Garib Nagar, Bandra, Muslims were not even allowed to remove the Quran from Masjid Faizane Mustafa Garib Nawaz.
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झारखंड के बोकारो के सेक्टर-9 बसंती मोड़ पेट्रोल पंप पर तीन मुस्लिम बच्चों के साथ सिर्फ इसलिए बेरहमी से मारपीट की गई क्योंकि उनके सिर पर टोपी थी।
बच्चे हाथ जोड़ते रहे, रहम की भीख मांगते रहे… लेकिन नफरत का जुनून नहीं रुका, पूरी घटना CCTV में कैद है! @bokaropolice मामले की जांच कर आरोपी पर सख़्त कार्रवाई हो!
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अब @myogiadityanath इस पुष्कर वाजपेई नामी शोहदे को यमराज से नहीं मिलवाएंगे? योगी दावा करते हैं कि अगर बहन बेटी को छेड़ा तो अगले चौराहे पर यमराज मिलेंगे। लेकिन उनका यह दावा ‘दूसरे’ समुदाय की बहन बेटियों किसी ‘पुष्कर’ द्वारा छेड़े जाने पर फुस्स हो जाता है।
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रुद्रपुर, उत्तराखंड
रविचन्द्र नाम के एक व्यक्ति ने, जो खुद को "कट्टर हिन्दू" बताता है, "इंडियन रेस्टोरेंट" नाम के एक मुस्लिम मालिक वाले रेस्टोरेंट से बिरयानी ऑर्डर की।
वह इस बात पर भड़क गया कि "इंडियन" एक हिन्दू नाम है, और उसने मालिक (राशिद) पर आरोप लगाया कि वह हिन्दुओं को हलाल मीट खिलाकर धोखा दे रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ता वहाँ पहुँच गए, उन्होंने हंगामा मचाया, और पुलिस ने रेस्टोरेंट को बंद करवा दिया — और तो और, उन्होंने मुस्लिम मालिक के खिलाफ सिर्फ इसलिए केस दर्ज कर लिया, क्योंकि उसने "इंडियन" शब्द का इस्तेमाल करने की हिम्मत की थी!
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भोपाल में बजरंग दल वालों द्वारा एक मुस्लिम युवक कि बेरहमी से पिटाई और अल्लाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पहले तो अज्ञात लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। लेकिन अब भोपाल पुलिस ने कल दर्ज़ हुई FIR [ क्रमांक 302/26 धारा 299] में BNS कि धारा 191(2) और 3(5) बढ़ाई। भोपाल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 7 लोगों के खिलाफ़ FIR दर्ज की गई है, पांच की पहचान की जा चुकी हैं, दो को गिरफ्तारी किया जा चुका है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में आरोपियों के नाम- रोहित सिंह, बृजेंद्र प्रजापति, जीतू कुशवाह, रंजीत सूर्यवंशी और लाला राम मीणा।
एक आरोपी नाबालिग है।


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दिल्ली में एक महिला के साथ चलती बस में गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है।
ये शर्मनाक घटना रानी बाग इलाके से सामने आई है। पीड़िता के मुताबिक- वह फैक्ट्री से काम कर घर लौट रही थी और उसने रास्ते में एक बस कंडक्टर से टाइम पूछा।
इसी दौरान कंडक्टर ने महिला को बस में खींच लिया, जहां महिला के साथ दो घंटे तक आरोपियों ने दरिंदगी को अंजाम दिया।
चलती बस में महिला मदद के लिए चिल्लाती रही, जान की भीख मांगती रही लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी, उल्टा बेरहमी से मारपीट भी की। आखिर में आरोपियों ने महिला को गंभीर हालत में सड़क पर फेंक दिया।
ये घटना देश की राजधानी में ध्वस्त कानून व्यवस्था के साथ महिला सुरक्षा के दावों की भी पोल खोलती है।
दिल्ली में 'डबल इंजन' की सरकार है, लेकिन BJP महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है।
शर्मनाक!!
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#Update | #BajrangDal |
A video of Bajrang Dal men publicly assaulting a youth in Bhopal defaming his religion surfaced on Monday.
After social and religious groups complaints, the City Police lodged an FIR against 'unknown' for hurting religious sentiments.
The police officers, who thanked Bajrang Dal men yesterday for bringing the youth on Monday, forgot their names within 24 hrs.
Even though the complaints were submitted with videos and names of miscreants, Police were cautious.
I must point out, I have seen several such cases in Bhopal itself, this is the first time, police lodged FIR against the Bajrang Dal men.




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shaagird.org/all-kids
“मामू, जब मैं भी बड़ा हो जाऊंगा, क्या आप मुझे भी स्कूल भेजेंगे? मुझे भी भाई के साथ पढ़ना है…”
अरवान ने ये बात इतनी मासूमियत से कही कि दिल अंदर तक टूट गया।
आज से तकरीबन 3 साल पहले हम इस फैमिली से मिले थे। अरवान के वालिद जुनैद और उनके भाई नासिर को काउ विजिलांटे मोनू मानेसर और उसके गैंग ने बेरहमी से पीटकर ज़िंदा जला दिया था। पीछे रह गया था एक टूटा हुआ घर, डरे हुए बच्चे और एक मां जो इतने बड़े ग़म के साथ जीने की कोशिश कर रही थी।
तब हमने इस फैमिली का साथ देने का फैसला किया।
Miles2Smile के प्रोजेक्ट उम्मीद के ज़रिए हमने साजिदा के लिए एक छोटा सा रोज़गार शुरू करवाया ताकि वो इज़्ज़त के साथ अपने बच्चों की परवरिश कर सके। उसी साल शागिर्द प्रोग्राम के तहत अरवान के दो भाइयों का एडमिशन बोर्डिंग स्कूल में करवाया गया। धीरे-धीरे ज़िंदगी फिर से संभलती हुई नज़र आने लगी। साजिदा की दुकान से इतनी कमाई होने लगी कि घर चल सके और बच्चों की तालीम भी जारी रहे।
लेकिन इम्तेहान अभी खत्म नहीं हुआ था।
साजिदा की 14 साल की बेटी परनवाना अपने वालिद की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई। अपने वालिद के जले हुए जिस्म को कपड़े में लिपटा देखना उसके ज़ेहन से कभी नहीं निकला। हमने उसे समझाने और तसल्ली देने की बहुत कोशिश की, लेकिन कुछ दर्द अल्फाज़ से बड़े होते हैं। आखिरकार वो मासूम बच्ची भी इस ग़म को बर्दाश्त न कर सकी।
पिछले रमज़ान जब हम दोबारा फैमिली से मिले, अरवान फिर मेरे पास आया और पूछा:
“मामू, मेरा स्कूल में एडमिशन कब कराएंगे?”
मैंने कहा,
“इंशाअल्लाह, इसी साल।”
और अल्हम्दुलिल्लाह, मई की शुरुआत में ही अरवान का एडमिशन उसी बोर्डिंग स्कूल में हो गया जहां उसके भाई पढ़ रहे हैं। जो बच्चा कभी नफरत और ग़म के साए में खड़ा था, आज वो स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर अपने मुस्तकबिल की तरफ बढ़ रहा है।
लेकिन अरवान जैसे आज भी हजारों बच्चे हैं।
ऐसे बच्चे जिन्होंने नफरत में अपने वालिद खो दिए।
ऐसे बच्चे जो सिर्फ एक मौके का इंतज़ार कर रहे हैं।
ऐसे children जिनका सिर्फ एक ख़्वाब है — स्कूल जाना और पढ़ना।
आप भी किसी एक अरवान की ज़िंदगी बदल सकते हैं।
किसी बच्चे की तालीम स्पॉन्सर कीजिए। सिर्फ मदद नहीं, उन्हें एक मुस्तकबिल, हिफाज़त और उम्मीद दीजिए ।
shaagird.org/all-kids




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मध्यप्रदेश के भोपाल में एक इंटर-फेथ कपल ने होटल में कमरा लिया, इनके चेक-इन कि जानकारी हिंदूवादी संगठन के लोगों तक पहुँचा दी गई, कुछ ही देर में ये लोग होटल के कमरे में घुस गए, दोनों को बाहर ले आए, पूछताछ के दौरान लड़के कि पिटाई कि गई, कपड़े फाड़ दिए गए, धार्मिक टिप्पणी कि गई, उसका चेहरा काला कर दिया गया, ये भी बताया जा रहा कि गोबर से “शुद्धिकरण” भी किया गया। अब सवाल ये उठता है कि क्या ये खुलेआम गुंडागर्दी नहीं है? अगर आपको कुछ ग़लत लगता है तो पुलिस प्रशासन है, शिकायत कि जा सकती है लेकिन किसी कि पिटाई करना कहाँ तक सही है?


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