An argumentative Indian retweetledi
An argumentative Indian
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An argumentative Indian
@Chander47485033
No one is perfect but life is a process towards completeness let's take steps to cover d distance from being human to human being
planet Earth Katılım Temmuz 2018
103 Takip Edilen41 Takipçiler
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फिलिस्तीनी क़ैदियों के लिए आवाज़ उठाइए..
आज अगर हम चुप रहे, तो यह अन्याय के साथ खड़े होने जैसा होगा.
इस मुहिम में आप भी उठाओ और मौजूदगी दर्ज़ कराएं.! 🇵🇸
#Free_palestini 💔 #Free_palestine
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इनको तो अब हर कोई भूल चुके होंगे..
इनका नाम रीता कौशिक है।
ये उत्तर प्रदेश के जौनपुर में फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज थीं।
असली मे सिस्टम औऱ न्याय क्या है.. पढ़िए 👇
दिसंबर 2024 में अतुल सुभाष ने अपने 81 मिनट के वीडियो और 24 पेज के सुसाइड नोट में उनका नाम लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रीता कौशिक ने उनके केस में अपने पक्ष में फैसला देने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
उन्होंने ये भी कहा कि कोर्ट के एक क्लर्क ने सिर्फ सुनवाई की तारीख लगाने के लिए 3 लाख रुपये मांगे। जब उन्होंने मना कर दिया, तो उन पर 80,000 रुपये महीना एलिमनी (भरण-पोषण) का आदेश दे दिया गया।
9 दिसंबर 2024 को अतुल सुभाष की मौत हो गई।
रीता कौशिक के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई.....कोई जांच भी शुरू नहीं की गई।
6 जून 2025 को उन्हें जिला जज के पद पर प्रमोट कर दिया गया... अतुल सुभाष का केस अब नवंबर 2026 तक के लिए टाल दिया गया है।
उनकी मौत के आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
जिस जज का नाम उन्होंने लिया था, वो अब जिला जज बन चुकी हैं।
यही सिस्टम है.... यही भारत का न्याय तंत्र है
और इसके विरुद्ध कोई बोलता भी नहीं...!


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गुजरात –
सूरत में महेश शर्मा ऐसी फैक्ट्री चला रहा था, जहां दूध की एक बूंद के बिना भी रोजाना 400 KG नकली पनीर बनाया जा रहा था। ये पामोलिन तेल, मिल्क सॉलिड पाउडर, पानी और एसिड से बन रहा था। इसकी सप्लाई रेहड़ी–पटरी पर फास्टफूड बेचने वालों को थी। FSSAI से लाइसेंस कहीं और का ले रखा था, जबकि फैक्ट्री कहीं और चल रही थी। अनुमान है कि पिछले 2 साल में करीब 3 लाख किलो नकली पनीर की सप्लाई हो चुकी है।
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सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने चुनाव आयोग पर कहा 👇
"अगर चुनाव कराने वाले उन लोगों पर निर्भर हों जो चुनाव लड़ते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जा सकती."
"If those who conduct elections are dependent on those who contest them, the neutrality of the process cannot be assured."
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एक बुज़ुर्ग व्यक्ति बिना टिकट मिला, तो TT ने उसे जेल की धमकी देकर उसकी जेब तक खाली करवा ली सारे पैसे लूट लिए बेबस बुजुर्ग से । ये बेबस पल को किसी ने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया
अब ज़रूरी है कि ये वीडियो अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे, ताकि इस TT पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
@RailwayPolice @RPFIndia कृपया संज्ञान लें।
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हिमाचल की वादियों में अब ताज़ी हवा नहीं, बल्कि 'विकास' का काला धुआं घुल रहा है! 💨 मुख्यमंत्री जी के अपने ही जिले हमीरपुर (डोग्गी रोड) का यह नज़ारा देखिए। चौहान क्रेशर से निकलता यह ज़हरीला धुआं शायद प्रदूषण विभाग के लिए 'इत्र' समान है, तभी तो सब मौन हैं।
क्या यही है हमारा भविष्य? 🤔
@CPCB_OFFICIAL @Official_HPSPCB @SukhuSukhvinder
#Hamirpur #Pollution #HimachalPradesh #CleanAir #Environment #VoiceOfHimachal
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मदरसे में एक छोटे तालिबे-इल्म को बेरहमी से पीटने वाले दोनों उस्ताद/टीचर सहारनपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए हैं, ठीक है।
समस्या सिर्फ़ दो उस्तादों की नहीं है, समस्या उस सोच की है, जिसने बच्चों पर हाथ उठाने को इस्लाह, तरबियत और तालीम का हिस्सा बना रखा है।
आज स्कूलों में पहले जैसी स्थिति बहुत हद तक बदल चुकी है, वहाँ समाज ने सवाल पूछे, कानून ने हस्तक्षेप किया, सिस्टम पर दबाव बना, और धीरे-धीरे बच्चों पर हाथ उठाने की मानसिकता को चुनौती मिली।
लेकिन मदरसों के मामले में हम अब भी अक्सर सवाल पूछने से डरते हैं, क्योंकि हमें बच्चों की सुरक्षा से ज़्यादा इदारों की बदनामी की चिंता रहती है।
अगर वह वीडियो सामने न आता, तो शायद वही होता जो अक्सर होता है, बच्चा चुप, उस्ताद बेख़ौफ़, परिवार खामोश और समाज तरबियत का लेक्चर देता हुआ आगे बढ़ जाता, यही हमारी सबसे बड़ी सामूहिक नाकामी है।
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नेपाल के सुदान गुरुंग ने गृहमंत्री का पद संभालते ही एक बेहतरीन फैसला लिया है
जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
उन्होंने देशभर की ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया है कि किसी भी VIP या किसी भी नेता को सड़कों पर विशेष सुविधा या प्राथमिकता न दी जाए।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य
-सभी नागरिकों को समान व्यवहार
-अनावश्यक देरी को कम करना
-ट्रैफिक नियमों को सबके लिए बराबर लागू करना
उनका मानना है कि इससे देश में अधिक जिम्मेदार तथा जनता के हितों को प्राथमिकता देने वाली व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।


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