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Universe Katılım Şubat 2023
16 Takip Edilen216 Takipçiler
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Vishal Mohan Yadav
Vishal Mohan Yadav@VishalMYadav_·
यह अंकित टोप्पो नामक युवक है, जो रील बनाने के लिए चलती ट्रेन की सीट फाड़ता हुआ नजर आ रहा है। अंकित, वीडियो में चलती ट्रेन के जनरल कोच में बैठा हुआ, जानबूझकर सीट के नीले कवर और उसके अंदर के कुशन को फाड़ता है, फिर ट्रेन की खिड़की से बाहर फेंक देता है, यह हरकत केवल सोशल मीडिया पर 'रील' बनाने और लाइक्स पाने के लिए की गई, रील बनाने के इस शौक में युवक ने यह नहीं सोचा कि वह रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, लोगों में इस बात को लेकर काफी गुस्सा है कि महज कुछ 'लाइक्स' और 'व्यूज' के लिए युवा इस हद तक गिर रहे हैं कि वे अपराध करने से भी नहीं हिचक रहे, इसे 'फ्रीक रील कल्चर' का एक खतरनाक उदाहरण माना जा रहा है, यह वीडियो देश में 'Civic Sense' की कमी पर एक नई बहस छेड़ चुका है, चलती ट्रेन की सीट फाड़ना 'स्वैग' नहीं, मूर्खता है, जिस ट्रेन में लाखों लोग सफर करते हैं, उसकी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना हर नागरिक का अपमान है।
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Awadhesh Kumar
Awadhesh Kumar@Awadheshkum·
पत्रकार अशोक श्रीवास्तव जी के घर तेलंगाना पुलिस के आने की सूचना है। पता चला कि तेलंगाना पुलिस तिलक मार्ग थाना भी गई थी। वहां से और पुलिस बल लेकर शायद छापा मारने और गिरफ्तार करने की योजना होगी। डीडी न्यूज़ का केंद्र तिलक मार्ग थाने में ही आता है। यह अत्यंत गंभीर विषय है। तेलंगाना की पुलिस कौन सा मामला लेकर आई है यह अभी नहीं पता। जो भी साथी इस संदर्भ में कानूनी रूप से कुछ कर सकते हैं अवश्य करें । केंद्र सरकार भी ध्यान दें। कोई पत्रकार टेलीविजन के अपने डिबेट में कुछ बोलता है, बहस करता है उसके विरुद्ध इस तरह मुकदमे हों ,पुलिस दूर-दूर से आए तो फिर काम करना मुश्किल होगा। पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं और ज्यादातर कांग्रेस की सरकारों ने ही ऐसा किया। यह खतरनाक प्रवृत्ति है। क्या कांग्रेस चाहती है कि कोई पत्रकार खुलकर कुछ बोले नहीं? किसी पत्रकार से आपका मतभेद हो सकता है, उसकी बात आपको गलत लग सकती है लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसका सामना करने का तरीका पुलिस नहीं हो सकती। पहले कांग्रेस के लोगों ने डीडी न्यूज़ के सामने हिंसक प्रदर्शन तक किया और अब एक राज्य की पुलिस आ गई है। कल कर्नाटक की पुलिस आ जाए फिर हिमाचल प्रदेश की आ जाए। कांग्रेस देश में किस तरह का माहौल पैदा करना चाहती है? @HMOIndia @LtGovDelhi @CPDelhi @PMOIndia @AmitShahOffice @RahulGandhi @priyankagandhi @gurdeepsappal @
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𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒
यह हाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है, जहाँ एक महिला लगातार SDM ऑफिस के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे उसके दस्तावेज़ नहीं बताए जा रहे। महिला बहुत विनम्र तरीके से बात कर रही है, फिर भी उसे कहा जा रहा है कि “आप आराम से बोलिए, आप violation कर रही हैं”, क्योंकि वह इन कर्मचारियों और अधिकारियों की करतूत वीडियो में रिकॉर्ड कर रही है। इन्हें लगता है कि सरकारी ऑफिस की वीडियो बनाना “violation” है। दस्तावेज़ मांगने पर नहीं दिए जा रहे और कहा जा रहा है कि RTI लगाओ, तब देंगे। मोबाइल एक बहुत बड़ा हथियार है, सरकारी अधिकारियों की करतूतों को उजागर करने के लिए — हिम्मत दिखाइए।
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
रवीश कुमार सच में मोदी सरकार के आने के बाद से अब पागल हो चुका है इसे पागलपन के दौरे पड़ रहे हैं “गंगा एक्सप्रेसवे से 11 घंटे का सफर 6 घंटे का रह जाएगा” “5 घंटा पहले पहुंचकर मेरठ से प्रयागराज आप क्या करेंगे?” अब रवीश को जल्दी पहुँचने से भी दिक्कत हो रही है?
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Pal Sahab
Pal Sahab@realdharm·
Sameer Rizvi मेरठ से हैं ये आईपीएल में दिल्ली कैपिटल की तरफ़ से खेल रहे हैं। इन्होंने अपना क्रिकेट करियर शुरू होने से पहले ही लगता है ख़त्म कर लिया है। ये स्पोर्ट्स ब्राडकास्टर Yasha Sanger के साथ रिलेशनशिप में हैं, कहा जा रहा है पिछले एक साल से ये दोनों एक दूसरे को date कर रहे हैं। समीर रिजवी पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपनी गर्लफ़्रेंड को मुस्लिम रीत रिवाज से रहने को कहा है। कई सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि समीर रिजवी Yasha Sanger से हाथ मिलाने की वजाय नमस्ते करने के लिए कहते है और अपनी इंस्टा को रिवीलिंग फोटो को डिलीट करने के लिए भी कहा है। अगर ऐसा हुआ तो बहुत ही चिंता की बात होगी, क्योंकि इतने पढ़े लिखे लोग भी इन्फ्लुएंस में आकर ये सब करने लगे तो समझ लेना कुछ बड़ा ही हो रहा है। आप लोग बताई ये मामला क्या है, क्या ये कहीं एक और धर्म परिवर्तन की साज़िश तो नहीं है? #ipl_2026
Pal Sahab tweet mediaPal Sahab tweet media
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
पत्रकारिता के नाम पर आजकल जो कुछ चल रहा है, उसमें आपदा सबसे बड़ा अवसर बन गई है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में गौर ग्रीन एवेन्यू, अभय खंड की उस सोसायटी में आग लगी, जहां अजित अंजुम रहते हैं। आठ-दस फ्लैट जलकर खाक हो गए। जिन परिवारों की जिंदगी भर की कमाई, यादें, सामान और सपने राख में तब्दील हो गए, उनकी मनःस्थिति की कल्पना आसान नहीं है। वे खाली हाथ भागे, कपड़े तक नहीं बचे। नए सिरे से सब कुछ शुरू करना होगा-महीनों, शायद सालों की जद्दोजहद। लेकिन अजित अंजुम की पोस्ट पढ़िए तो लगता है मानो आपदा उनके ही घर के इर्द-गिर्द घूम रही थी। अजित अंजुम ने एक्स पर जो लिखा, उसमें ‘मेरे ठीक सामने’, ‘मेरा घर आग की चपेट में आते-आते बचा’, ‘हम लोग हिम्मत करके डटे रहे’, ‘मैंने पानी मारा’, ‘मेरा मेंटल ट्रॉमा’ जैसे शब्द बार-बार आए। सामने वाली टावर की नौवीं मंजिल पर आग लगी, उन्होंने वीडियो बनाया, लोगों को टैग किया, फिर खुद नीचे भागे, फिर ऊपर गए, पांच लोग मिलकर पानी डाला-सब कुछ उनके इर्द-गिर्द। सोसायटी के अन्य लोग अलग-अलग फ्लोर से पानी मार रहे थे, फायर ब्रिगेड आई लेकिन शुरू में हेल्पलेस थी क्योंकि हाइड्रोलिक सीढ़ी नहीं थी। दो फ्लैटों में चार लोग फंसे रहे, उन्हें बालकनी से बचाया गया। “ऊपर वाले की मेहरबानी से सबकी जान बच गई” -यह लाइन जरूर लिखी, लेकिन पीड़ित परिवारों के नाम, उनकी कहानी, उनकी क्षति का विस्तार? शून्य। यह दोहरा चरित्र है। एक तरफ ‘निष्पक्ष पत्रकार’ होने का दावा, दूसरी तरफ आपदा को अपने एंगल से सेल्फ-प्रमोशन में बदल देना। जिनके घर पूरी तरह जल गए, वे कौन हैं? उनके परिवार कहां शिफ्ट हुए? उनकी आर्थिक क्षति कितनी भारी है? एक-एक फ्लैट की कीमत गौर ग्रीन एवेन्यू में आज एक करोड़ से ढाई करोड़ रुपये के आसपास है। जिनके घर राख हुए, उनकी पूंजी लाखों-करोड़ों में स्वाहा हो गई। लेकिन अजित अंजुम ने यह नहीं बताया। आग कैसे लगी-एसी कंप्रेसर का ब्लास्ट या कोई और वजह-इसकी भी सही पड़ताल नहीं। उनके मित्र रवीश कुमार ने लिखा“सात-आठ फ्लैट एक सिरे से जले हैं। बगल में अजीत जी का घर है। लपटें वहां तक भी पहुंच रही थीं।” मतलब आग पड़ोस में लगी, अजित का घर बाल-बाल बचा, लेकिन पोस्ट का केंद्र “अजीत अंजुम का घर बचाना” बन गया। वरिष्ठ पत्रकार मिलिंद खांडेकर ने भी यही टोन अपनाई-अजित का फ्लोर, उनकी स्थिति। पीड़ित परिवारों की चिंता गौण। कवयित्री स्वाति खुशबू ने ठीक पकड़ा: ग्रीन गौर में अच्छी-खासी आग लगी, दस फ्लैट लपेटे में आ गए, उसकी चिंता नहीं, मगर ‘अजीत अंजुम के यहां आग पहुंच सकती है’ की चिंता है। कहीं यह “सच की आवाज दबाने की साजिश” न घोषित कर दी जाए! यह पैटर्न नया नहीं। अजित अंजुम, रवीश कुमार समेत कुछ यू-ट्यूबर पत्रकार सामाजिक होने का दिखावा करते हैं। लेकिन जब असली पीड़ा उनके घर के ठीक बगल में हो रही हो, तो भी रिपोर्टिंग ‘मैं, मेरा, हमारा’ पर अटक जाती है। एक भी पीड़ित परिवार की आवाज उनकी पोस्ट में नहीं आई। न उनके विस्थापन की, न आर्थिक तबाही की, न भविष्य की अनिश्चितता की। फ्लैट की कीमत, अजित ने अपना घर कब खरीदा, अब उसकी वैल्यू कितनी है-ये जानकारियां भी दर्शक ही मांग रहे हैं, क्योंकि पत्रकार ने नहीं दीं। आपदा में अवसर तलाशना पुराना खेल है। पहले टीआरपी के लिए, अब व्यूज, लाइक्स, फॉलोअर्स और ‘मैंने बचाया’ वाले नैरेटिव के लिए। अजित अंजुम ने सामने वाली टावर की आग को रिपोर्ट नहीं किया, उसे अपने मेंटल ट्रॉमा और हिम्मत की कहानी में बदल दिया। रवीश कुमार और मिलिंद खांडेकर जैसे लोग भी उसी सुर में सुर मिला रहे हैं। सामाजिक होने का दावा करने वाले ये लोग, जब असली समाज उनके सामने जल रहा हो, तो भी खुद को केंद्र में रख लेते हैं। सच तो यह है कि पत्रकारिता के वेश में आज कई ज़ॉम्बी घूम रहे हैं-अभिसार, साक्षी, विनोद कापरी, आशुतोष गुप्ता और इसी लाइन के अन्य नाम हैं। आज उनका दोहरा चरित्र बहुत से लोगों को समझ में नहीं आता, लेकिन जब कोई ईमानदारी से इनके कामों की समीक्षा करेगा, तो एक-एक करके एक्सपोज होंगे। आपदा पीड़ितों की मदद करने वाले असली लोग चुपचाप काम करते हैं। ये लोग कैमरा और पोस्ट के लिए हिम्मत दिखाते हैं। गौर ग्रीन एवेन्यू की आग सिर्फ फ्लैट नहीं, कुछ पत्रकारों के चरित्र को भी जला कर राख कर गई है। लेकिन वे उस राख से भी नया अवसर निकाल लेंगे-शायद अगली पोस्ट में ‘मैंने कैसे सामना किया’ या ‘सिस्टम की नाकामी’ के नाम पर। पीड़ित परिवार उसी वक्त नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की जद्दोजहद में लगे रहेंगे, बिना किसी ‘निष्पक्ष’ पत्रकार की आवाज के। साभार
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Arun Yadav Kosli
Arun Yadav Kosli@AarunKosli·
ये दृश्य 2012 कन्नौज लोकसभा उपचुनाव का है। जब अखिलेश यादव मुख्यमन्त्री थे। डिम्पल यादव को निर्विरोध चुनने के लिये सड़कों पर असलहा लेकर लोकतन्त्र की धज्जियाँ उड़ायी गयीं। जी. टी. रोड़ पर कानपुर की तरफ से आ रहे एक एक वाहन को चेक किया गया था, दहशत इतनी थी कि भाजपा प्रत्याशी जगदेव सिंह यादव अपना नामांकन नही भर पाये थे। संविधान की रक्षा के लिये यह कौन सा अस्त्र चलाया गया था..? तब भी संविधान था, कोर्ट था, और चुनाव आयोग भी था...? 👹👹👹💀💀💀👺👺👺☠️☠️☠️ देशद्रोही 👺👺
Arun Yadav Kosli tweet mediaArun Yadav Kosli tweet mediaArun Yadav Kosli tweet media
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ocean jain
ocean jain@ocjain4·
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है अगर सुप्रीम कोर्ट पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत नहीं देती तब मुझे जजों की सेटिंग अभिषेक मनु सिंघवी की सुप्रीम कोर्ट के जजों को बनाए जाने की प्रक्रिया तथा पैसों की ताकत से भरोसा खत्म हो जाता सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कि उसने पैसों की ताकत में जनता का भरोसा कायम रखा वरना एक मुख्यमंत्री की पत्नी पर झूठा आरोप लगाने वाले को यूं ही कोई गिरफ्तारी से नहीं बचा सकता था
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
देश में दो बङी घटनाओं की तैयारी चल रही है। पहली तैयारी के लिए फंडिंग की व्यवस्था हो गयी है। चीन के इशारे पर चीनी एजेंट राहुल गांधी जल्द ही निकोबार प्रोजेक्ट को रोकने के लिये अपने एन जी ओ के साथियों के साथ आदिवासी समाज को भङकाकर सङक पर उतारेंगे। इसके पक्ष में माहौल बनाने के लिये एक बार फिर से वहीं चैनल और पत्रकार सक्रिय होने वाले हैं जिन कुछ साल पहले चीनी फंडिंग के लिये पकङा गया था। भारत के व्यापार और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अद्वितीय साबित होने वाले इस प्रोजेक्ट के विरोध में शुरुआती प्रदर्शन कांग्रेस शासित राज्यों में किया जायेगा और बाद में इसे दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास होगा। यह मामला संभवतः दो महीने में समाप्त हो जायेगा, उसके बाद उत्तर प्रदेश में लगातार जातीय हिंसा भङकाया जायेगा। सामान्य से सामान्य दो लोगों के विवाद में समाजवादी पार्टी कूदेगी और उसे दो जातियों के बवाल साबित करने का प्रयास करेगी। कांग्रेस इसका मौन समर्थन करेगी। यदि दो जातियों के बीच प्राकृतिक तौर पर कोई घटना नहीं घटेगी तो लोगों को पैसा देकर उनसे आपस में झगङा करवाया जायेगा। सभी लोगों को इन दोनों विषयों पर तैयारी करनी चाहिए। सरकार अपने तंत्र के माध्यम से जो तैयारी कर सकती है, कर रही है, लेकिन एक नागरिक के रुप में नैरेटिव की लङाई लङने की जिम्मेदारी हमारी भी है।
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DEEWAN.
DEEWAN.@Spoof_Junkey·
गजब लनविजय @ranvijaylive , इसीलिए तो लोग तुम्हे दोगला कहते हैं पेट्रोल 153 से बढ़ाकर 216 कर दिया फिर 2 रुपये सस्ता कर दिया डीजल 133 से बढ़ाकर 234 कर दिया फिर 12 रुपये सस्ता कर दिया ये पूरी बात नहीं बताएगा @ranvijaylive ???
DEEWAN. tweet media
Ranvijay Singh@ranvijaylive

सरकार ने पेट्रोल-डीजल सस्ता किया • पेट्रोल 2 रुपए सस्ता • डीजल 12 रुपए सस्ता नेपाल की सरकार ने ये राहत दी है

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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
आज के 16 साल पहले एक कार्यक्रम में भारती सिंह और शेखर सुमन ने या अल्लाह रसगुल्ला कह दिया था इसी बात पर मुस्लिम संस्थाओं ने उन्हें 16 साल कोर्ट में घसीटा हालांकि मुंबई हाई कोर्ट ने इसे गलत नहीं माना और उनके खिलाफ दर्ज मामला खारिज कर दिया है यह लोग समझते हैं कि जैसे हिंदू देवी देवताओं को कुछ भी कह दो गाली दे दो बकवास कर दो वैसे ही यह उनके धर्म पर भी कुछ कह कर आसानी से बच सकते है
🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 tweet media
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Abhishek Tiwari
Abhishek Tiwari@lkoabhishek·
अरे वाह! सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को भी अग्रिम जमानत दे दी है। पहले पाकिस्तान समर्थक नेहा सिंह राठौर, फिर दूसरे-तीसरे राष्ट्रद्रोही, गाली-गलौज करने वाले, अनर्गल बयानबाज़... सबको मिलॉर्डों ने बड़ी तत्परता से राहत दे दी। कुल मिलाकर फॉर्मूला बहुत सिंपल है, कुछ भी बोल दो, जो मन में आए उल्टा-सीधा इल्ज़ाम लगा दो, देशद्रोह, फर्जीवाड़ा, जहर घोल दो... फिर जब FIR हो जाए, गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगे, तो बस 2-4 कांग्रेसी सीनियर वकील (जैसे सिंहवी साहब) पकड़ लो। बाकी काम मिलॉर्ड संभाल लेंगे "अरे ये तो hardened criminal नहीं है", "arrest last resort है", "political vendetta लग रहा है"... क्या दिक्कत है? बोलने की आजादी तो है ना? जमानत की आजादी भी है ना? मिलॉर्ड की जय हो मिलॉर्ड की विजय हो!! जय लोकतंत्र जय संविधान जय अग्रिम जमानत और आम आदमी के लिए... चलो भाई, कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाते रहो, वकील की फीस देते रहो।
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Dr. Om Sudha
Dr. Om Sudha@dromsudhaa·
तस्वीर में दिख रही महिला भास्कर ग्रुप की महिला रिपोर्टर है। हाथ में डंडा लिए आर्केस्ट्रा का मालिक। इस ऑपरेशन में कई बार महिला रिपोर्टर को पीटा भी गया। बिहार में महिलाओं को बेचे जाने पर चल रहे नेक्सस को एक्सपोज करने के लिए महिला रिपोर्टर पांच दिन तक अंडरकवर रही, इस दौरान महिला रिपोर्टर को तीन बार बेचा गया। इस दौरान उसने एजेंटों, दलालों और ऑर्केस्ट्रा गैंग के बीच रहकर उनकी काली दुनियां को एक्सपोज कर दिया। रिपोर्टर जैसे ही इस नेटवर्क के संपर्क में पहुंची, उसके चेहरे और लुक्स को देखकर लोग खुलकर सौदेबाजी करने लगे,कोई कह रहा था, लड़की तो एकदम हॉट है, देखने वाला पागल हो जाएगा,तो कोई बोला हरियाणा वाली है, कस्टमर को खुश कर देगी, कुछ लोग उसे नेताओं और बड़े लोगों तक पहुंचाने की बात करने लगे। ऑफर दिया गया चलो विधायक जी से मिलवा देंगे एक बार हाथ रख दिया तो जिंदगी बदल जाएगी, किसी ने कमरे में पिस्टल निकालकर रख दी, तो कोई सख्त आवाज में धमकाने लगा लेकिन महिला रिपोर्टर लगातार सबूत जुटाती रही। सबसे चौंकाने वाली बात ये बताई गई कि गैंग ने उसी रिपोर्टर को 3 बार अलग-अलग लोगों के हाथ बेच दिया। महिला रिपोर्टर की हिम्मत की दाद देनी होगी। ऐसी खबरें पत्रकारिता पर भरोसा बनाए रखती हैं। वरना इस दौर में हमने ऐसे भी लोग देखे हैं। जो खुद को पत्रकारिता का शहंशाह बताते हैं। लेकिन एक व्हाट्सप मैसेज में उनकी घिग्गी बंध जाती हैं। और खुद को सरेंडर कर देते हैं। खैर...इस रिपोर्ट के लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। #अंकित
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दिया अगर सुप्रीम कोर्ट पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत नहीं देता तब मुझे जजों की सेटिंग अभिषेक मनु सिंघवी की सुप्रीम कोर्ट के जजों को बनाए जाने की प्रक्रिया तथा पैसों की ताकत से भरोसा खत्म हो जाता सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कि उसने पैसों की ताकत में जनता का भरोसा कायम रखा वरना एक मुख्यमंत्री की पत्नी पर झूठा आरोप लगाने वाले को यूं ही कोई गिरफ्तारी से नहीं बचा सकता था
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
गजब का दलाल है भाई रवीश कुमार बनने की कोशिश कर रहा है 😂😂😂😂
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Abhishek Tiwari
Abhishek Tiwari@lkoabhishek·
लखनऊ पुलिस समाजवादी पार्टी का पाला हुआ यह व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री का जिस तरह आए दिन अपमान करता है, ब्राह्मणों को अपशब्द कहता है और इसके खिलाफ लगातार शिकायतें भी हो रही है मगर आपके द्वारा इसके ऊपर अब तक कोई एक्शन नहीं किया गया है, ना ही इसका अकाउंट सस्पेंड करने के लिए कोई पत्र X को भेजा गया है जोकि बेहद निंदनीय है, अगर इस मामले में आपके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो इस विषय में मा मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी और @Rajeevkrishna69 को लिखित में शिकायत भेजनी पड़ेगी इसके साथ ही साइबर सेल के द्वारा भी ऐसे अकाउंट्स हैं उनकी पहचान करके त्वरित एक्शन लेने हेतु भी जरूरी कार्यवाही करनी पड़ेगी । यूपी पुलिस इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कार्यवाही करें और समाजवादी पार्टी द्वारा पोषित इस अपराधी को जेल भेजें साथ ही इसका अकाउंट सस्पेंड कराने हेतु कार्यवाही करें @UPPViralCheck @Uppolice
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खुरपेंच
खुरपेंच@khurpenchh·
जहां खुद कांग्रेस की सरकार है वहां धड़ाधड़ जंगल काटे जा रहे, सुप्रीम कोर्ट को रोक लगानी पड़ रही है, और राहुल भैया अंडमान निकोबार में ग्रेटा थनबर्ग के फूफा बनकर घूम रहे हैं।
खुरपेंच tweet mediaखुरपेंच tweet media
Congress@INCIndia

मोदी सरकार अंडमान-निकोबार को अडानी के लिए तबाह करने पर तुली है- लेकिन हम ऐसा कभी होने नहीं देंगे।

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Gurdayal Singh
Gurdayal Singh@Gurdayal_1984·
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जहाँ Banglore की एक लड़की के ₹70,000 के डिपॉजिट में से मकान मालिक ने ऊटपटांग बहाने बनाकर ₹52,000 काट लिए बिना किसी बड़ी टूट-फूट के, पूरे घर की पेंटिंग का खर्चा किराएदार के उसके ऊपर लगा दिया घर खाली करते समय हज़ारों रुपये सिर्फ सफाई के नाम पर काट दिए सिर्फ यह कह कर 1 महीने का किराया भी काट लिया कि उसके पास अभी कोई किरायेदार नहीं है यह कहना कि जब तक नया किराएदार नहीं आता, डिपॉजिट वापस नहीं मिलेगा लड़की का कहना है कि इसमें मेरी क्या गलती है? सामान्य 'Usage' के कारण होने वाली घिसाई (Wear and Tear) को 'Damage' बताकर भारी कटौती भी की एग्रीमेंट साइन करने से पहले Maintenance और Painting क्लॉज को ध्यान से पढ़ें अब आप बताए इस situation में इंसान क्या कर सकता है जहां उसका पैसा मकान मालिक बिना वजह काट ले?
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Janardan Mishra
Janardan Mishra@janardanspeaks·
बंगाल के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की रिपोर्टिंग देखी एक नहीं कई सारे चैनलों की मेरी नजर मुस्लिम महिलाओं पर थी, मै एक खास चीज नोट कर रहा था सभी की सभी मुस्लिम महिलाएं यानी हंड्रेड परसेंट ये चाहती हैं कि भाजपा की सरकार किसी भी कीमत पर न आए वुमेन सेफ्टी के सवाल पर अधिकांशतः का जबाब है कि ममता दीदी के राज में बंगाल में महिलाएं अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा सुरक्षित है एक भी महिला ऐसी नहीं दिखी जो कह रही हो कि मोदी ने तीन तलाक़ हटाया था इसलिए मेरा वोट उनको बंगाल ही नहीं हर राज्य में मुस्लिम मतदाता 99.99 प्रतिशत भाजपा के खिलाफ वोट करते है लेकिन फिर भी भाजपा इस उम्मीद में कि -- दिल कहता है एक दिन हसीना मान जाएगी लगी पडी़ है
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Ashok Shrivastav
Ashok Shrivastav@AshokShrivasta6·
डेरिक "ब्राउन" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को क्या इसलिए चुनौती दे रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी के "बूथ लुटेरों" पर भरोसा है कि उन्होंने "काम" कर दिया है ? प्रमाण देखिए फाल्ता देबूपुर बूथ नंबर 177 पर बैठे लोकल कर्मचारियों ने EVM में भाजपा उम्मीदवार के नाम के आगे टेप लगा दी, ताकि कोई भाजपा को वोट ही न कर पाए। यह अभिषेक बनर्जी और जहांगीर खान का इलाका है। यह तो एक बूथ पकड़ में आ गया है, टीएमसी न जाने कितने और बूथ ऐसे मैनेज कर रही होगी।
Smita Deshmukh🇮🇳@smitadeshmukh

@nabilajamal_ What a despicable fall - from a quiz master to a low brow gunda 😡

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