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Vishvanath Hada
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चंद खोटे सिक्के जो चले नहीं बाजार में….
वो कमियाँ निकाल रहे हैं मेरे किरदार में…!!!
मेरा भाई मेरा अभिमान 🤘🚩
@RavindraBhati__
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ये वही रविंद्र भाटी है जो लाख मतभेद होने के बावजूद भी
छोटू सिंह के पिता जी के स्वर्गवास होने पे श्रद्धांजली देने उनके घर गए थे
रविन्द्र ने कभी किसी को पराया नहीं समझा सभी को अपना माना और हर दुःख सुख में खड़ा रहा
लेकिन कुछ स्वार्थी लोग खुद की रोटी सेकने के लिए छोटू सिंह के कंधों पे बन्दूक रखवा कर आपस में समाजों को लड़वाना चाहते हैं
लेकिन याद रखना सूर्य और खरे सोने को कभी कोई आंच नहीं आती है
रविन्द्र भाटी लोगो के लिए सदैव खड़ा मिलेगा ये मेरा विश्वास है

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सूरज पर थूकने वाले को पता होना चाहिए कि थूक उसी के चेहरे पर गिरेगा....
सच को कभी आंच नहीं आती बड़े भाई रवींद्र सिंह भाटी जी की साख और उनका व्यक्तित्व जनता के बीच एक खुली किताब है..
रवींद्र सिंह भाटी जी ने हमेशा जनता की सेवा की है, न कि किसी को डराने-धमकाने का काम.वो जनता का जनसेवक है...
जो लोग खुद विवादों और कानूनी मामलों में घिरे हैं, वे आज दूसरों के चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं यह सिर्फ एक राजनीतिक षड्यंत्र है जिसे समझदार जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी.....
सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए और किसी खास पार्टी की गुलामी में अंधे होकर घिनौने आरोप लगाना बंद करो......
लोग सब जानते है कि किसका चरित्र कैसा है और किसके ऊपर किस तरह के आरोप हैं नाम लेकर चमकने की कोशिश करना बंद करो ....🤨
किसी के इशारों पर नाचने वाले 'गुलाम' कभी जननायक का कद छोटा नहीं कर सकते..
#teamRSB @RavindraBhati__
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बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, कहा- आज इस देश के अंदर दो खलनायक हैं—पहला मुसलमान और दूसरा सवर्ण।"
#BrijBhushanSharanSingh #ViralStatement |
@b_bhushansharan
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एक ही दिल है कितनी बार जीतोगे दादा बृजभूषण सिंह जी ❤️
दबादबा सिंह जी ने कह दी बहुत बड़ी बात।
नारंगी खटमलों को लग सकता है मिर्ची
आज इस देश में दो खलनायक हैं
पहला खलनायक- मुसलमान।
दूसरा खलनायक- सवर्ण है।
आज के दौर में यह बात बोलने के लिए 56 इंच की कलेजा की जरूरत है। और यह 56 इंच बृजभूषण सिंह जी के पास है।
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IIM बैंग्लोर की फीस ₹26 लाख है सामान्य वर्ग के लिए। SC/ST जाति प्रमाण पत्र दिखा कर पूरी फीस माफी पा जाता है। सामान्य वर्ग SC/ST/OBC की फीस भी भरता है क्योंकि कोई नहीं देगा, तो किसी को तो देना होगा।
General Merit 🔥@MeritvsQuota
IIT Kanpur Fee Structure General Category Tuition Fees - ₹1,00,000 SC/ST Category Tuition Fees - Zero (₹0) You know? GC Students are paying Full Fees of SC/ST How? OBC is paying ₹33,333. Divide GC Fees by 3 - ₹1,00,000/3 equals ₹33,333 the same amount paid by OBC. They are charging 3x More Fees from General Category to Appease SC/ST.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरक्षित वर्ग चाहे आयु की, फीस की, स्थान की या आय आदि में छूट पता है, परंतु यदि वो ३५ वर्ष की आयु में २३ वर्ष की आयु के अनारक्षित व्यक्ति से एक नंबर अधिक लता है, तो उसे अनारक्षित सीट लेने का अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट जी, आप एक बिल लाइए जिसमें यह व्यवस्था हो कि दलित केवल फॉर्म भर दे, और उसे किसी दलित/अंबेडकर/फुले आदि नाम के NGO से एक सर्टिफिकेट मिल जाए कि इस बार ये नौकरी उसे मिले, तो उसे परीक्षा आदि देने की आवश्यकता नहीं।
लोग कहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट बिल कैसे ला सकता है! भाई सुप्रीम कोर्ट इस देश में बिल, साँप, स्कोडा, लहसुन सब ला सकता है। वो संसद के कानून पलट देते हैं, तो बनाना क्या चीज है। नौकरियों को जाति-आधारित चुनाव से देना चाहिए।
परीक्षा की तैयारी करना एक मानसिक भार है ऐसे दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित समाज के लोगों पर। उन्हें ना तो जल पीने दिए गया, ना जीने दिया गया, ऐसे में परीक्षा भवन में बुलाना एक अपराध घोषित कर दीजिए। आप सोचिए कि कोई दो साँस हायड्रोजन, एक साँस ऑक्सीजन खींच कर, फेफड़े से पेट में पानी बना रहा हो, उसके इतना विज्ञान जानने के उपरांत भी उसे परीक्षा में बैठना पड़ेगा?
35 वर्ष तक वो तैयारी करता है, क्या इसी आधार पर यह न माना जाए कि उसने पढ़ने लायक सब पढ़ लिया होगा? दूसरी बात, अंबेडकर जी ने 64 मास्टर्स की डिग्री ले ली, क्या यह काफी नहीं है? जब सवर्णों की भूमि ट्रांसफर हो सकती है, तो क्या अंबेडकर जी की डिग्री को पूरे दलित समुदाय का सामूहिक अधिकार न माना जाए?
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