KN Shrivastav retweetledi

आपका नाम समीर वानखेड़े है , आप 2008 बैच के IRS अधिकारी हैं।
आपने 2021 में उन्होंने क्रूज़ शिप ड्रग केस में बड़ी कार्रवाई की थी।
इसी केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी हुई थी।
लेकिन इसके बाद मामला सिर्फ कानून तक सीमित नहीं रहा।
इस केस के बाद समीर वानखेड़े पर दबाव, विवाद और राजनीतिक हमला शुरू हो गया।
उन्हें NCB से हटाकर चेन्नई भेज दिया गया।
बाद में ट्रिब्यूनल ने उनके ट्रांसफर को गलत, मनमाना और पक्षपातपूर्ण बताया।
यानी जिस अफसर ने कार्रवाई की, उसी अफसर को सिस्टम ने साइडलाइन कर दिया।
फिर 2025 में सरकार ने उनके खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी।
वह भी उस घटना के लगभग तीन साल बाद।
जनवरी 2026 में ट्रिब्यूनल ने इस चार्जशीट को रद्द कर दिया।
ट्रिब्यूनल ने इसे दुर्भावना और प्रक्रिया के दुरुपयोग जैसा माना।
लेकिन सरकार दिल्ली हाई कोर्ट चली गई और वहां से वह आदेश पलट गया।
अब पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार ने उनके खिलाफ जांच अधिकारी नियुक्त करने से पहले उन्हें जवाब देने का मौका नहीं दिया।
यह कोई छोटी बात नहीं है।
किसी भी अफसर के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है।
यही प्राकृतिक न्याय का मूल सिद्धांत है।
नोट : समीर वानखेड़े ने अपना काम किया।
उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए!!


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