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एकलव्य
@LBaoaria
सनातन ही सर्वश्रेष्ठ, शेष अधर्म... “अहिंसा परमो धर्मः । धर्महिंसा तथैव च "।।
हिंदू Katılım Eylül 2021
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TMC की कट मनी और टोलबाजी ने बंगाल में उद्योग-धंधों को समाप्त कर युवाओं का भविष्य अंधकारमय बनाया और पलायन को बढ़ावा दिया। बीरभूमवासी भी भ्रष्ट TMC सरकार को हटाने और भाजपा को ही लाने के लिए कटिबद्ध हैं। बीरभूम में उमड़ा यह जनसुनामी बता रहा है कि 4 मई को TMC परमानेंट जा रही है।
টিএমসির কাটমানি ও তোলাবাজি বাংলার শিল্প-কারখানাকে ধ্বংস করে যুব সমাজের ভবিষ্যতকে অন্ধকারে ঠেলে দিয়েছে এবং বাধ্য হচ্ছে তারা বাইরে যেতে। বীরভূমবাসীরাও দুর্নীতিগ্রস্ত টিএমসি সরকারকে অপসারণ করে বিজেপিকে প্রতিষ্ঠা করতে দৃঢ়প্রতিজ্ঞ। বীরভূমে যে জনস্রোত দেখা যাচ্ছে, তা স্পষ্ট ইঙ্গিত দিচ্ছে, ৪ঠা মে টিএমসি স্থায়ীভাবে বিদায় নিতে চলেছে।
#BJPInTMCOut




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सुअर पालन …
मनुष्यों को हजारों वर्षों से पता है कि सुअर कोई खेती नहीं करते ।
मनुष्यों को हजारों वर्षों से पता है कि सुअर कोई ट्रांसपोर्ट का काम भी नहीं करते ।
मनुष्यों के लाखों वर्षों से पता है कि सुअर से दूध निकालना भी अत्यंत कठिन है ।
मनुष्यों को लाखों वर्षों से पता है कि सुअर , स्वामीभक्त भी नहीं होता अतः कुत्ते जैसा उपयोग भी नहीं है ।
पर फिर भी इस्लामी और एक यहूदी देश को छोड़कर पूरे संसार में सुअर पाले जाते हैं ।
सुअरों को फ़्री खाना पानी दिया जाता है ।
और उनको मोटा किया जाता है और जिस दिन सुअर अपने पीक पर पहुँच जाते हैं उसी दिन सुअर से पोर्क बन जाते हैं ।
संसार में सरकारें जितना फ्री देती हैं अथवा बिना प्रतिभा के आरक्षण देती हैं वह हूब हू सुअर पालन ही है । यदि कोई भी फ्री में कुछ दे रहा है और लगातार दे रहा है तो कोई न कोई कहीं न कहीं काटने को तैयार बैठा है ।
औपनिवेशिक शक्तियों ने जब भारत को 1947 को मध्य रात्रि में स्वतंत्रता दी तो उनका उद्देश्य पहले भारत को ईसाई बनाना फिर आराम से काटना ही था ।
एक बार आप ईसाई बन जायें फिर मरने के बाद चार गज ज़मीन भी खरीदनी पड़ती है । फिर स्वतंत्रता नहीं , चर्च यह तय करता है कि कौन क्या करे !
लगभग सभी नक्सल मुक्त क्षेत्र चर्च के प्रभाव में आ चुके हैं और अर्बन नक्सल विश्वविद्यालयों में …
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अगर हिम्मत है तो 370 / 35 a हटाकर दिखाओ : अधीर रंजन
अगर चिदंबरम अपराधी है तो उसे जेल भेजकर दिखाओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो पापिस्तान से पुलवामा का बदला लेकर दिखाओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो CAA लागू करके दिखाओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो केजरीवाल को जेल भेजकर दिखाओ : अधीर रंजन
अगर राम मंदिर सचमुच बनाना चाहते हो तो तारीख बताओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो UCC लागू करके दिखाओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो बक्फ बोर्ड भंग करके दिखाओ : अधीर रंजन
अगर हिम्मत है तो कश्मीर में चुनाव कराकर दिखाओ : अधीर रंजन
मुझे तो लगता है ये अधीर रंजन बीजेपी से मिला हुआ है और
ये बीजेपी को याद दिलाता रहता है कि कौन से काम करना अभी बाक़ी है

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इस बेशर्म की भाषा देखिए
भाषा देख कर इसकी नीचता का पता चल जाएगा
पहले पूरे धर्म और समाज को बदनाम किया
अब्दुल की बांहों में चली गई
फिर विरोध हुआ
अब होना धोना क्यों?
तुझे जो अच्छा लगता है, तू कर
हिंदुओं को जो अच्छा लगता है, वह कर रहे हैं
बस यार, तू सोशल मीडिया पर रोना धोना मत कर
उसके लिए अब्दुल ने एक कमरा और बुर्का दिया होगा
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