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Abhishek
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Abhishek
@Mishrabhishe
First of all! I am indian. Then........
India Katılım Ağustos 2011
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आपका इसपर क्या सोचना है? कमेंट्स में लिखिए
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[Aajtak, Teen Taal, Comedy, Funreel]
#aajtakradio #teentaal #ComedyPodcast #pmmodi #PMModi #primeminister
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यह द वायर @thewire_in में कोई शमशिर यूसुफ ने आर्टिकल लिखा है की आईटी कंपनियों के डाटा सेंटर बनने से दलितों की जमीन छीन जाएगी
लेकिन यह शमशीर युसूफ यह आर्टिकल नहीं लिख रहे कि वक्फ बोर्ड के पास जो लाखों एकड़ जमीन है उसे वक्फ बोर्ड भूमिहीन दलितों में क्यों नहीं बांट देता ??
अगर वक्फ बोर्ड जिसके पास लाखों एकड़ एक्सेस जमीन है दलितों में बांट देता है तो इससे दलित मुस्लिम एकता भी मजबूत होगी

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विवाद की जड़ यह वीडियो है
होने को पूरा एक मिनट का भी नहीं है लेकिन इसके इर्द-गिर्द कई कहानी घूमती हैं। विश्व के महानतम पत्रकारों में से एक सुधीर चौधरी ने शायद इसी वीडियो को आधार बनाकर दूरदर्शन पर कोई कार्यक्रम बना दिया तो विश्व के एक और महानतम पत्रकार उमाशंकर सिंह बिफर पड़े हैं। सुधीर चौधरी की सारी बखिया उधेड़ रहे हैं।
असल में पत्रकार जगत अभी तक यह स्वीकार नहीं कर पाया है कि हमाम में सब नंगे हैं। सभी बातें जो हो चुकी हैं या जो हो रही हैंं, वे समय-समय की बातें हैं। नौकरियों में रहते हुए सबने उतना ही किया है, जितना उनसे करवाया गया है और नौकरी छोड़ने के बाद उतना करने की कोशिश की गई है, जितना वे कर सकते हैं।
उमाशंकर जी इस वीडियो के घटनाक्रम को पत्रकारिता का एक मोमेंट बता रहे हैं। ठीक वैसे ही जैसे हिंदी फिल्मों की बोल्ड दृश्य देने वाली अभिनेत्रियां उसे स्क्रिप्ट की डिमांड बात कर जस्टिफाई किया करती थीं। आजकल तो उनसे कोई सफाई तक नहीं मांगता। ख़ैर। जो हो गया, वो रिकॉर्ड हो गया। जो रिकॉर्ड हो गया, वो मार्केट में आ गया। जो मार्केट में आ गया, वो वायरल हो गया। जो वायरल हो गया तो हो गया। कुल मिलाकर "हुआ तो हुआ" जैसा ही मामला हो गया।
पत्रकारिता के मार्केट में भांति भांति की गोदी उपलब्ध हैं। जिसको जो पसंद आती है, वो उस गोदी में बैठ जाता है। गोदी काफी बड़ी होती है। अनेक लोग एक ही समय में उसमें समा सकते हैं। इसे पहले वालों को एक आराम था। ये टीवी और क्लिप वाले झंझट नहीं थे। सब एक्सपोज होने से बचे रहे। जो प्रिंट में हैं, चुपचाप अपना काम करते हैं वह तमाम क्रिया कर्म के बावजूद आज भी बचे हुए हैं। बचे रहने में भलाई है।
मेरा दोनों सदी के महानतम पत्रकारों से निवेदन है कि वे एक दूसरे के कपड़े फाड़ने से बचें। नई पीढ़ी के पत्रकार भी आपको देख रहे हैं। इस तरह तू-तड़ाक करते हुए देखकर उन्हें सदमा लग सकता है। अपनी इज्जत का ख्याल करें या नहीं करें लेकिन उन नए बच्चों का ख्याल जरूर करें। बाकी आपको पूरा देश जानता ही है। अपने अपने हिसाब से जानता है।
Video: @ndtvindia
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