DC Paliwal retweetledi

प्राइवेट स्कूल अपनी मनमर्ज़ी के सिलेबस कैसे छाप सकता है…
राजस्थान बोर्ड का एक सिलेबस…
और CBSE बोर्ड का एक सिलेबस…
बस, इन दो तरह के सिलेबस ही होने चाहिए…
एक स्कूल अपनी मर्ज़ी का कोर्स पढ़ा रही हैं…
पड़ोस की दूसरी स्कूल अपनी मर्ज़ी का कोर्स पढ़ा रही है
और तो और हर साल ये कोर्स बदल जाता हैं…
मुनाफ़ा छापने के चक्कर में रद्दी पर रद्दी इकट्ठा करते जा रहे हैं…
कोई देखने पूछने वाला नहीं हैं…
ये शिक्षा तंत्र है या नाथीं का बाड़ा हैं…
आवे सो पावे…!!!
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