

RAJASTHAN COUNCIL OF DIPLOMA ENGINEERS
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@RcdeRaj
राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स (AIFDE से सबंधित )डिप्लोमा इंजीनियर्स के अधिकार, सेवा सुधार व एकता हेतु समर्पित | स्थापना: 1974 | मुख्यालय:जयपुर



विधायक की शिकायत पर पुलिस ने तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन क्या शिकायत को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य भी जुटाए गए हैं? जिस तरह विधायक हमले और आंख में चोट का वर्णन कर रहे हैं, वह उनके हाव–भाव और सार्वजनिक उपस्थिति से मेल नहीं खाता। संबंधित कर्मचारी अनुसूचित जाति से आते हैं और निजी कर्मचारी एक प्रतिष्ठित कंपनी से है ऐसे में उनका पक्ष सुने बिना की गई कार्रवाई एकतरफ़ा प्रतीत होती है।






पानी के संकट से उठा विवाद अब ‘किसने किसे पीटा’ की लड़ाई बना श्रीगंगानगर में सात दिन से पानी की किल्लत झेल रहे इलाकों की शिकायत पर शुरू हुई एक बैठक अब श्रीगंगानगर की सबसे गरम प्रशासनिक-राजनीतिक भिड़ंत में बदल गई है। गुरुवार को भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने आरोप लगाया था कि आरयूआईडीपी और एलएंडटी से जुड़े अधिकारियों ने विधायक सेवा केंद्र में उनके साथ मारपीट की, उनका चश्मा तोड़ा और आंख के नीचे चोट पहुंचाई। विधायक की शिकायत पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा, एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज हसन और एक अन्य अधिकारी को गिरफ्तार किया था। लेकिन शुक्रवार को जमानत पर बाहर आने के बाद कहानी ने बिल्कुल दूसरा मोड़ ले लिया। RUIDP के AEN जगनलाल बैरवा फटी बनियान में मीडिया के सामने आए और दावा किया कि हमला उन्होंने नहीं, विधायक और उनके समर्थकों ने किया। बैरवा ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक के नाम पर बुलाया गया, पहुंचते ही थप्पड़ मारे गए, जमीन पर गिराकर लातों और पाइप से पीटा गया और बाद में नई शर्ट पहनाकर पुलिस को सौंप दिया गया, ताकि मारपीट के निशान छिप सकें। उन्होंने आंख में चोट और शरीर पर निशान दिखाते हुए कहा कि अब एक आंख से ठीक से दिखाई भी नहीं दे रहा। मामले की जड़ शहर की पेयजल व्यवस्था है। विधायक बिहाणी का कहना है कि RUIDP और एलएंडटी की अधूरी कार्यशैली ने पुरानी आबादी और करणपुर रोड जैसे इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित कर दी है। उनके अनुसार, लोगों को बाथरूम जाने तक का पानी नहीं मिल रहा, जबकि RUIDP और कंपनी अपनी जिम्मेदारी PHED पर डाल रहे हैं। विधायक का दावा है कि इसी समस्या पर मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन अधिकारी समय पर नहीं आए और बाद में सवाल पूछने पर AEN ने उन पर हमला कर दिया। दूसरी ओर, इंजीनियरों का पक्ष है कि वे बुलावे पर विधायक सेवा केंद्र पहुंचे थे और वहां आते ही माहौल बिगड़ गया। राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि बैरवा को न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। अब यह मामला केवल एक विधायक और एक इंजीनियर की झड़प नहीं रह गया है। इसके केंद्र में तीन सवाल हैं। पहला, 550 करोड़ की जल योजना समय पर पूरी क्यों नहीं हुई? दूसरा, शहर की पानी सप्लाई के संकट की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है? और तीसरा, विधायक सेवा केंद्र में उस दिन सचमुच पहले हाथ किसने उठाया? जांच अब चश्मे, चोट, फटी बनियान, मोबाइल जब्ती, कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के बीच सच तलाशेगी। लेकिन श्रीगंगानगर के नागरिकों के लिए असली सवाल अभी भी खुद पानी ही पूछ रहा है कि जब नेता और अफसर एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगा रहे हैं, तब लोगों के घरों में वह किन नलों से जाए? वह कह रहा है कि जब सबका पानी उतर गया है तो वह ऊपर कैसे चढ़े?


If the allegations made by the Engineer's council are true, this is the second case in Rajasthan where govt Engineer was assaulted on the directions of a political leader. Earlier it was Giriraj Malinga who brutally assaulted an engineer


BJP विधायक जयदीप बिहाणी नहीं पीटे गए...बल्कि दलित AEN के साथ हुई मारपीट! श्रीगंगानगर MLA जयदीप बिहाणी पर RUIDP के AEN छगन लाल बैरवा ने मारपीट के आरोप लगाए हैं. बैरवा ने कहा - उन्हें विधायक सेवा केंद्र पर बुलाकर थप्पड़ मारे गए और लात-घूंसों व पाइप से मारा गया. #Rajasthan






