बेदपति बेद retweetledi

एक मित्र हैं। युवा बिज़नेसमैन हैं। प्रभु की कृपा से सब अच्छा चल रहा है। अभी एक दिन कोई KYC करने आया। अब साहेब के रजिस्टर्ड नंबर में OTP ही नहीं आ रहा था।
करीब आधे घंटे तक जूझते रहे। जब बार-बार ट्राई करने पर भी OTP नहीं आया तो साहेब अपना आधार कार्ड चेक किए। तब पता चला कि अप्रैल के महीने में उनके आधार कार्ड का एड्रेस बदल गया, मोबाइल नंबर बदल गया। वो हैरान कि ये सब आखिर हो कैसे गया?
अब उन्हें डर लगा कि किसी ने पैसे तो नहीं निकाल लिए। चेक किया तो अकाउंट में पूरा पैसा यथावत था। चैन की सांस लेकर बैठे ही थे कि सोचा एक बार सिविल चेक कर लूँ कि किसी ने लोन तो नहीं लिया। अब पता चला कि 4 लाख का एक लोन और 20 हज़ार का एक लोन चल रहा है।लोन लेने वो तो गए नहीं। आधार कार्ड से किसी ने लोन कैसे ले लिया।
साहेब सन्न ये सब हुआ क़ैसे। वास्तव में ये चिंतनीय है। डरावना इसलिए भी कि अगर पढ़े लिखे व्यक्ति के साथ ऐसा हो रहा है तो गांव के कितने गरीब इसका शिकार होते होंगे। उससे भी बड़ा सवाल ये कि कइयों को तो पता भी ना चलता होगा। ये एक बड़ा स्कैम हो सकता है।
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